माँ से सजा दरबार

निक्की शर्मा “रश्मि”,  शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र। माँ सजा अब फिर तेरा दरबारआजा फिर तू अब एक बारहो के सिंह पर तू सवारकरूँगी तेरी जय जयकार मिटा दे पाप सारे माँले अब तू ही अवतारझोली भर दे खुशियों सेदे सकती तू अब अपारमाँ माँ कष्टों को निवार लेनौ दिन नौ अवतार लेशक्तिरूपिणी शक्ति देसबका कर कल्याण माँ देर ना कर झोली भर दे माँसबका कर अब कल्याणमाँजग जननी नारायनी माँहर्षित मन अब कर दे माँ मुम्बई, महाराष्ट्र

त्रिदिवसीय ऐतिहासिक मैत्री काव्य सम्मेलन सम्पन्न

निक्की शर्मा ‘रश्मि’, शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र। साहित्य साधक अखिल भारतीय साहित्यक मंच सहरसा बिहार एवं बिलासा साहित्यिक संगीत धारा छत्तीसगढ़ के आपसी मैत्रीपूर्ण संबंधों को यादगार बनाने के लिए दोनों साहित्यिक पटल के बीच कई प्रस्ताव प्रस्तुत हुए,।  त्रिदिवसीय मैत्री काव्य सम्मेलन में दोनों पटल की मित्रता को स्थाई बनाने हेतु कार्यान्वयन पर भी विशद चर्चा हुई । इसमें सम्मानित कवि-कवयित्रियों ने अपनी पूरी ऊर्जा उत्साह के साथ हिस्सा लिया और श्रोता दर्शकों को मंत्र मुग्ध कर दिया। प्रथम दिवस के अध्यक्ष डॉ.राणा जयराम सिंह ‘प्रताप’, मुख्य अतिथि केवरा…