लेखक के गांव की पाती

शि.वा.ब्यूरो, आगरा। जनपद के गांव रिहावली में पुनः जनजीवन सामान्य होने लगा है। बीती पन्द्रह अप्रैल को यहां चुनाव के दौरान भीषण दंगा हुआ था। दंगों के दौरान ही असामाजिक तत्वों ने प्राथमिक विद्यालय के कमरे की दीवार-जंगला तोड़ कर मतपेटिकायें लूट लीं थीं ।और मतपेटिकायें उसी रात पुलिस ने बरामद कर ली थीं, उसके बाद पुलिस ने गांव के ही करीब पैंतीस स्त्री-पुरुषों को गिरफ्तार करके जेल में ठूंस दिया था। औरतों के साथ दूध पीते मासूम बच्चे भी सलाखों के पीछे चले गये थे। पन्द्रह तारीख के बाद…

कलम

मुकेश कुमार ऋषि वर्मा, शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र। सच को सच अब लिख नहीं पाती कलम सिस्टम के आगे आखिर कब तक गिड़गिड़ायेगी कलम तलवार की धार सा जो लिखे कलम तो टूटकर भी अमर हो जाएगी कलम दुनिया की किसी भी कीमत पर न बिचे कलम तो सदियों तक सूरज सी तपती रहेगी कलम सच को सच जब-जब लिखेगी कलम ढेरों मुकदमों से डराई जाएगी कलम एटम बम से भी हजार गुना ताकतवर है कलम अगर मौत की छाती पर क्रांति लिखती रहे कलम बडा गौरवमयी है इतिहास तेरा…

कोरोना की द्वितीय लहर: जरूरतें कम करें, धैर्य के साथ अपना व अपनों का ख्याल रखें

मुकेश कुमार ऋषि वर्मा, शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र। कोरोना की द्वितीय लहर ने ऐसा कहर बरपाया है कि चारों ओर त्राहिमाम-त्राहिमाम मची है। कोरोना की प्रथम लहर से भारत जीता था और इस बार भी महामारी से हम निश्चित ही फिर से जीतेंगे। प्रथम बार भारत में कोरोना ने इतना कहर नहीं ढाया था, जितना पुलिसिया अत्याचार व राजनेताओं की अदूरदर्शिता ने ढाया था। हमारे यहां के नीति निर्माताओं ने पिछले वर्ष की त्रासदी से कोई सबक नहीं सीखा। अपनी राजनीतिक रोटियां सेकने के लिए तमाम मदारी वाली हरकतें करते…