विशेष फल देता है नवरात्रि में सिद्धीदात्री मां तारा का पूजन

प्रीति शर्मा “असीम”, शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र। हिमाचल प्रदेश देवभूमि के नाम से जाना जाता है। हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले में नालागढ़ तहसील में पहाड़ी के ऊपर मां तारा देवी का कुदरत की वादियों में एक छोटा सा प्राचीन मंदिर है। जीवनदायिनी मनोकामनाएं पूर्ण करती मां तारा नालागढ़ शहर अपनी गोद में बिठाए विराजमान हैं। मां तारा ज्ञान और गुप्त विद्याओं की अधिष्ठात्री देवी है। आजकल गुप्त नवरात्रि चल रहे है। मां का पूजन करने वाले को बुद्धि विद्या और शत्रु का कभी भय  नहीं होता मां तारा का…

मर्यादाओं के अवसान से उपजती हिंसक मानसिकता

डा. हिमेंद्र बाली ‘हिम’, शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र। समाज संस्कति और सभ्यता का समन्वित स्वरूप है। संस्कृति मानव चिंतन का वह प्रवाह है, जो युगों से पीढ़ी दर पीढ़ी धरोहर स्वरूप बहता रहा है। संस्कृति संस्कारों की वह बपौती है, जो संस्कारों से संवरती है और पूरे समाज को एक सूत्र में पिरोकर रखती है। सभ्यता मानव का बाहरी आवरण है, जो संस्कृति की प्राण वायु से जीवित रहती है। आज के द्रुतगामी भौतिक जगत में सामाजिक विघटन की विद्रूपता संस्कति के अवसान की आहट है। आज के तथाकथित विकासवादी…

अकेला सफर (लघु कथा)

डा हिमेन्द्र बाली “हिम”, शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र। दरवाजा खोला तो बेटा बहू सामने थे। पिता जी नौकर के साथ आत्मीय संवाद में मशगूल थे। चेहरे पर बरसों बाद चमक लौट आई थी। देखो बेटा! मजबूरी भी आदमी को क्या बना देती है। कभी इसके बाप दादाओं के बास सैकड़ों बीघा जमीन थी। कह रहा है कि हमारी जमीदारी मशहूर थी। ठाकुर लोग भी कतराते थे। समय का फेर है, आज न जमींदारी रही न रुतबा…..। पिता कहे जा रहे थे और बेटा बहू को उनका नौकर के साथ ऐसी…

नवरात्रि का शुभारंभ शनिवार 17 अक्टूबर से, शारदीय नवरात्रि में दुर्गा अश्व पर आरूढ़ होकर आएगी, हाथी पर होगा प्रस्थान

राज शर्मा, शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र। माँ दुर्गा का परम प्रिय महापर्व महोत्सव नवरात्रि का शुभारंभ इस वर्ष 17 अक्टूबर से होने जा रहा है। नवरात्र शब्द से तात्पर्य ‘नव अहोरात्र’ अर्थात विशेष रात्रियों के बोध का सूचक। माँ दुर्गा को समर्पित इन विशेष दिव्य रात्रियों में प्रकृति के बहुत सारे अवरोध अनायास ही नष्ट हो जाते हैं। व्यवहारिक दृष्टिकोण से भी अगर देखा जाए तो रात्रि के समय ध्यान करने से शून्य व्यापी तरंगे ब्रह्म का साक्षात्कार करवा देती है। नव रात्रियों में किए गए शुभ संकल्प सिद्ध होते…

क्या ढूंढ रहे हैं

प्रीति शर्मा “असीम”, शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र। जो जीवन की,साथर्कता बतलायें।मानव जीवन के ,सोपानों को,सिद्ध कर जायें ।नई सोच से,नई लग्न से,जीवन के आयाम बनायें । ऐसा ही कुछ ढूंढ रहे है। हर मुश्किल से जा टकरायें।हिम्मत बांध खडा हो जायें। झूठ के सौ पैर हुए,….तो क्या?सच के साथ अडिग रह जायें। सच्चा प्यार हो दिलों में,ढोंग न दिखावा हो । चेहरों के अनगिणत मुखौटों में,जो चेहरा एक चेहरे वाला हो। ऐसा ही कुछ ढूंढ़ रहें है। नालागढ़, हिमाचल प्रदेश

ज़िन्दगी से वाबस्ता भी नहीं और जुदा भी नहीं

डा हिमेंद्र बाली ‘हिम’, शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र। “ज़िन्दगी से वाबस्ता भी नहीं और जुदा भी नहीं। बिल्कुल वैसे ही होता है, जैसे यह कहना कि है भी और नहीं भी है। मतलब उपस्थित भी और अनुपस्थित भी। कमोबेश हम सब यही स्थिति में ज़िंदगी जीने को मज़बूर हैं। हम करना कुछ और चाहते हैं, लेकिन ज़िन्दगी कराती कुछ और है। हम जहाँ रहना चाहते हैं, वहाँ रह नहीं पाते, विस्थापित हो जाते हैं। हम जो कहना चाहते हैं, वह कह नहीं पाते, हम जो लिखना चाहते हैं, वह लिख नहीं…

कर्मकाण्ड एवं ज्योतिष की मिसाल है हिमाचल के पांगणा का गांव थाच

राज शर्मा, शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र। हिमाचल प्रदेश के मंडी जिला की पांगणा उप-तहसील के मुख्यालय से लगभग चार किलोमीटर दूर बसा थाच गांव समुद्र तल से लगभग 1275 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। चारों ओर से हरे-भरे पेड़ इसको प्राकृतिक सौंदर्य  प्रदान करते हैं। अपनी इसी खूबसूरती के कारण यह गांव बहुत भव्य लगता है। थाच गांव की आबादी लगभग 200 के आसपास है। गांव में सभी परिवार ब्राह्मणों के हैं। गांव का नाम थाच क्यों पड़ा यह तो किसी को पता नहीँ, लेकिन सुकेत संस्कृति साहित्य एवं …