हिंदी साहित्य का सफर: तब से अब तक

डॉ. ममता बनर्जी “मंजरी”, शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र। आज सारा संसार कोरोना जैसी घातक महामारी से जूझ रहा है। लगातार कई लेखक-लेखिकाएँ, कवि-कवयित्रियाँ और कला क्षेत्र से जुड़े लोग काल के गाल में समा गए हैं,  जिसके कारण लोग मर्माहत हैं। उनके मनोबल लगातार गिर रहे है। अधिकतर कलमकारों की कलम थम सी गई है। इस हालत में आइए! हम हिंदी साहित्य के सफर के बारे में थोड़ी चर्चा करें तो कुछ समय के लिए हम अपने सारे दुखों को भूलकर कुछ पल के लिए उस दुनिया का सैर कर…