नौ दुर्गा के दोहरे

डॉ. दशरथ मसानिया,  शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र। जो देवी सब जीव में,माता रूप समान। जग की रक्षा वहि करे, कहत हैं कवि मसान।।१ शैल सुता ब्रह्मचारिणी,चंद्रघंटा कुष्मांड। स्कंद गौरी कातनी,काल सिद्धि ब्रह्मांड।।२ चैत क्वार में पूजते, शक्ति का अवतार। नव दुर्गा का रूप ले,बेटी आती द्वार।।३ नौ दिन का त्योहार है, जोत जलाओ आन। मां वैष्णवी देखती, करती जन कल्याण।।४ पितांबरा की पीठ पे, आए भक्त हजार। मनोकाम पूरी करें,मन में लेते धार।।५ काली अरु बगलामुखी,हरसिद्धि को जान। चामुंडा देवास की, देती सबको ज्ञान।।६ तीन पीठ पीतांबरा ,खेड़ा नल पहिचान।…

बैजनाथ चालीसा

डॉ. दशरथ मसानिया,  शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र। आगर के उत्तर बसे,बैजनाथ भगवान।मनोकाम पूरण करें, सदा संवारे काम।।ऊपर मंगलनाथ है,खेड़ापति के पास।।मोपे किरपा कीजिये,एक तुम्हारी आस।। रत्ना मोती सुंदर सागर।धन्य भूमी है माता आगर।।१मध्यदेश की थी रजधानी।नवम सदी इतिहास बखानी।।२अचलेश्वर मां तुला भवानी।भेरु केवड़ सबके स्वामी।।३जय जय बैजनाथ भगवाना।तुम्हरी कीरति सब जग जाना।।४आगर उत्तर भेटा ग्रामा।गंगा तट पावन स्थाना।।५अमरत नीरा पेड़ घनेरे।जंगल वास करें शिव मेरे।।६आसपास पर्वत हरिआये।नित उठ भोले का जस गायें।।७कपियन की तो फौज बसाई।पशु पक्षी रहते हरषाई।।८संवत पंद्रह सौ पिच्चासी।माघ चौथ शुक्ला अविनाशी।९मोड़ वैश्य ने नींव खुदाई।छोटा सा…

रेखा लंबी होत है (गणित की परिभाषायें)

डॉ. दशरथ मसानिया,  शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र। एक बिंदु से रेखा बहु,दो से होती एक।तीन मिले तिरभुज बने,चार चतुर्भुज देख।।1एक बिंदु से किरण द्वै,भिन्न दिशा को जाय।कोण वही कहलायगा, डिग्री मान धराय।।2नब्बे से कम न्यून है, नब्बे है समकोण।दो को जोड़ नब्बे बने,तब है पूरक कोण।।3नब्बे अरु इक असी के,बीच अंक को जान।अधिक कोण परिभाषिये,कहत हैं कवि मसान।।4सीधी रेखा में लखो,सरल कोण को मान।तिरभुज अंतः योग भी ,एक असी पहिचान।।5चार भुजा सम देखिए, चारहि कोण समान।वर्ग उसी को जानिये,कहत है कवि मसान।।6आमन सामन सम भुजा, चारहि कोण समान।आयत उसको जानिये,कहत…

मां बगलामुखी चालीसा ( नवरात्रि पर विशेष)

डॉ. दशरथ मसानिया,  शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र। लाखुंदर तट पे बसी, मैया मोरी आनि।काज सभी के सारती, जय बगला महारानि।।झूठ कपट को छोड़के, विनती करते तोरि।मनोकाम पूरण करो, लज्जा राखो मोरि।। आगर बसती दो महरानी।मात कालका तुला भवानी।। 1ग्राम पचेटी माता बाड़ी।मात बिजासन कानड़ वाली।।2हरसिद्धि मां बीजा नगरी।हरती दुखड़ा माता सगरी।3नवरात्रि में नौ का वासा।ब्रह्मचारिणी शैल निवासा।4चौसठ योगिनी मंगल गावेभेरूनाच मिरदंग बजावे।5बैजनाथ से गंगा आई।मातु लखुंदर रही समाई।6नल का खेड़ा सुंदर ग्रामा।पावन नगरी बगला धामा।।7धरमराज मंदर बनवाया।मैया का झंडा फहराया।।8सन अट्ठारह सोलह आया।मंदिर को फिर से बनवाया।।9उत्तर दिशा मसान बसाई।जहं…

सरल गणित चालीसा

डॉ. दशरथ मसानिया,  शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र। बुद्धि विकसित कीजिये,कीजे जन कल्याण।गणित ज्ञान को गाइये, कहत हैं कवि मसान।। जयजयजय गणित महाराजा।सब जग बाजे तुम्हरा बाजा।।१सब विषयों पर पड़ते भारी।तुमसे डरती दुनिया सारी।।२सब प्रश्नों को करत विचारी।फिर भी नंबर की लाचारी।।३कंप्यूटर के तुम ही दाता ।जन जन के हो भाग्य विधाता।।४भौतिक ज्योतिष तुमसे आये।इस्टेटिसका अलख जगाये।।५अंक गणित अंकों की माया।बीजगणित में बीजक छाया।।६क्षेत्रमिति आकार बनाती।ज्यामिति रेखा गीत सुनाती।।७आयत वृत्त शंकु घन गोला।त्रिज्या परिधी परिमप तोला।८रेखा टेढ़ी सरल कहाई।दोनों ओर अनंता जाई।।९रेखा लंबी सीमित खंडा।बिंदु निशाना गोला अंडा।।१०किरणें एक दिशा को…

शनि चालीसा

डॉ. दशरथ मसानिया,  शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र। तिरवेणी उज्जैन में,शिपराजी के घाट।ढैया साढे सात है, कीजे शनि का पाठ।। जय जय देवा शनि महराजा।पूरण करते सबके काजा।।1अग्नी पुराण करे बड़ाई।देव तुम्हारी महिमा गाई।।2पिंगल रोद्रा मंद शनैश्वर ।सोरि छायासुत परमैश्वर।।3चार भुजा अरु श्याम शरीरा।संतन रक्षा हरते पीरा।।4कानन कुंडल गले में माला।हाथ गदा लम्बा है भाला।।5दीन दुखी के तुम रखवारे ।दुष्ट जनों को ताड़नहारे।।6तुम ही सबका मंगल करते।धन वैभव दे विपदा हरते।7भक्तों पर है कृपा विशेषा।जनहित काजा देश विदेशा।।8भगिनी भद्रा यमुना तारे।यम भ्राता मां के हो प्यारे।।9सूरजसुत माता है छाया।वेदों ने भी…