सुभाष चन्द्र बोस के साथी थे स्वतंत्रता संग्राम सेनानी कल्लूराम गवली

डॉ. दशरथ मसानिया, शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र। कल्लूराम पिता खूबाजी गवली कूमिया देवास के ही नही, वरन् देश के गौरव रहे है। ये बचपन से ही आर्थिक कठिनाइयों से जूझते रहे। गाय-भैस चराना इनका पैतृक धंधा था। कुश्ती लड़ना, नाल उठाना, मुक्केबाजी आदि इनके शौक थे। ग्वाला जाति होने से दूध-घी खाकर जाने माने पहलवान बन गए। जब देश आजादी के लिये वीर सैनिकों की बांट जौ रहा था, तब कल्लूराम सुभाष चन्द्र बोस के आव्हान पर आजाद हिन्द फौज में भर्ती हो गए। उस समय उनकी दादी भी उन्हें…

गुरु महोत्सव सप्ताह में किया गुरु का सम्मान

शि.वा.ब्यूरो, मालवा। व्यास पूर्णिमा गुरु महोत्सव सप्ताह में आज से 36 साल पहले सन 1983 में अध्ययन कर चुके सरस्वती शिशु मंदिर आगर के छात्र -छात्राओं ने प्रवीण पाराशर प्राचार्य की अध्यक्षता में अपने गुरु शासकीय उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के शिक्षक डॉ. दशरथ मसानिया का शाल, श्रीफल और माल्यार्पण से सम्मान किया। इस अवसर पर श्वेता भार्गव नागपुर (महाराष्ट्र), अद्विता श्रीवास्तव माडल हाईस्कूल उज्जैन, पंकज सोनी इंदौर, आगर मालवा से लोहा व्यापारी नवीन गौड़, कपड़ा व्यवसाई प्रवीण मूंदड़ा, गल्ला मंडी से जयप्रकाश व्यास, विजय जैन, सांसद प्रतिनिधि विनय मालानी,…

दक्ष प्रजापति चालीसा

डॉ. दशरथ मसानिया, शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र। ब्रह्म कमल से ऊपजे,प्रजापति महाराज। चार वरण शोभित किया,करता नमन समाज।। जय जय दक्ष प्रजापति राजा। जग हित में करते तुम काजा।1 वेद यज्ञ के तुम रखवारे। कारज तुमने सबके सारे।।2 दया धरम का पाठ पढाया। जीवन जीनाआप सिखाया।3 प्र से प्रथम जा से जय माना। अति पावन है हमने जाना।4 पूनम गुरू असाड़ी आना। जा दिन को प्रगटे भगवाना।5 पीले पद पादुका सुहाये। देह रतन आभूषण पाये।।6 रंग गुलाबी जामा पाई। पीतांबर धोती मन भाई।।7 कनक मुकुट माथे पर सोहे। हीरा मोती…

जन्मदिवस पर समाजसेवी कैलाश सागर का सम्मान किया

शि.वा.ब्यूरो, आगर। श्री कृष्ण ग्वाला समाज समिति के तत्वावधान में जन्मदिवस के अवसर पर समाजसेवी व दानवीर कैलाश सागर का भव्य सम्मान किया गया। जन्मदिवस समारोह में नवयुवकों ने उत्साह के साथ भाग लिया। इस अवसर पर जगदीश रियार ने कैलाश सागर को समाज की धरोहर बताते हुए कहा कि पूरे ग्वाला समाज में इन्होंने युवाओं में एक उत्साह पैदा किया है, जिसके लिए कैलाश सागर बधाई के पात्र हैं। श्री कृष्ण इंडस्ट्रीज के संचालक दिनेश रियार ने कैलाश सागर को संस्था की नींव बताया। ग्वाल महिमा के संपादक डॉ.…

पवनपुत्र पच्चीसा ( एक विनम्र प्रार्थना)

डॉ. दशरथ मसानिया, शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र। सियाराम हिय में रखें, सुमिरन कर हनुमान। झूठ कपट को छोड़िए, आखिर सांच मसान।। जय हनुमाना सब जग जाना। तुम्हरा जस तो राम बखाना।।1 पवन पुत्र अंजनि के लाला। लाल नयन अरु भुजा विशाला।।2 बज्र देह दारुण दुख हरता। संतन को तो सब सुख करता।।3 सियाराम के नित गुण गाते। प्रभु की भक्ती में सुख पाते।।4 सुंदर तन मानव कल्याणी। भूत प्रेत भागे सुन वाणी।।5 चैत्र पूर्णिमा को अवतारे। मातु अंजनी राज दुलारे।।6 केशरि नंदन शिव के अंशा। कलयुग भव को पार करंता।।7…

संत कबीर अवतरे (कबीर जयंती पर विशेष)

डॉ. दशरथ मसानिया, शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र। जेठ मास की पूर्णिमा, चंदा करे प्रकाश। जग अंधियारा मिट गया, फूलों भरी सुबास।।1 तेरह सौ अंठाणवे, प्रगटे संत कबीर। राम नाम उच्चारते, लहर ताल के तीर।।2 नीरू नीमा पालते, करत जुलाही काम। कथनी करनी एक सी, जीवन पायो राम।।3 रामानंद से गुरु ने, लीना गोद उठाय। राम नाम का मंत्र दे, दीना ज्ञान बताय।।4 कबीर गुरु के भक्त बहु, सेठ धरम से दास। सद्गुरु से सब अरज करें, पूरी कीजे आस।।5 कबीर तेरी झोपड़ी, हिंदी का है धाम। प्रेम कर्म तप साधके,…

संत कबीर चालीसा (जयंती पर विशेष)

डॉ. दशरथ मसानिया, शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र। जेठ मास की पूर्णिमा, मंगल दिन का आन। संत कबीरा अवतरे, कहत हैं कवि मसान।। जयजय कबिरा साधुसमाजा। तुम हो सब संतों के राजा ।।1 संत शिरोमणि निर्गुण धारा। छोड़ अडंम्बर,ज्ञान विचारा।।2 मानवता हित तुम अवतारे। जात पांत के मेटन हारे।।।3 तेरह सौ अंठानू आई। जेठ मास शुभ पूनमभाई।4 संत कबीरा जन्में भाई।। काशी में उत्सव सा छाई।।5 गंगा तट पर लहर किनारा। कमलनाल पे बच्चा प्यारा।।6 भोर होत गुरु गंग नहाये। राम राम की रटन लगाये।।7 जब पांयन मे बालक पाया। तुरत…

जय जय मेरे प्यारे भारत

डॉ. दशरथ मसानिया, शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र। जय जय मेरे प्यारे भारत। सागर हिन्दा पांव पखारत।।1 बहुत धरम अरु राज अनेका। भाषा भोजन पोश विशेषा।।2 उत्तर भूटा चीन नेपाला। दक्षिण लंका हिन्द विशाला।।3 पूरब बंगला म्यान कहाना। पश्चिम पाका अरु अफगाना।4 राज्य अरू रजधानी जानो। एक सांस में सब पहिचानो।5 यू पी लखनउ मध्य भुपाला। जयपुर राजस् मणि इम्फाला।।6 तमिल चैन गांधी गुजराता। असम दिशपुर बंग कलकाता।।7 महा मुंबई बिहार पटना।। राज उड़ीसा जानो भुवना।।8 मिजोरम आइ नाग कोहिमा। गंग है सिक्किम पणजी गोवा।9 चंडीगढ़ पंजा हरियाणा। राय छत्तीसा ईटा…

योग चालीसा (विश्व योग दिवस पर विशेष)

डॉ. दशरथ मसानिया, शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र। अथ योगा अनुशासनम्, पहला मंतर जान। अष्ट अंग का सूत्र है, पातंजली विधान।। सुंदर दर्शन योग हमारा। तन मन सुख पाया संसारा।।1 पतंजली योगी विज्ञानी। योगा दर्शन रची कहानी।2 समाधि साधन विभूति जानो। चौथा भाग कैवल्य मानो।।3 चार भाग में भेद बताये। सूत्र एक पंचाणू गाये।। 4 महाभाष्य भी आप बनाये। भाषा की नीति समझाये।।5 योगी धीरू ब्रह्माचारी । रविशंकर भी योग विचारी।6 रामदेव भी योग अचारा। बाबा को जाने संसारा।।7 योगा का तुमअलख जगाया। रोगों को भी दूर भगाया।8 नितउठ कर के…

कोरोना काल में 82 नवाचार एक अद्भुत रचनात्मक कार्य (पुस्तक समीक्षा)

प्रो.अमर सिंह, शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र। मध्य प्रदेश स्थित उत्कृष्ट उ.मा. विद्यालय आगर मालवा के राज्यपाल पुरुस्कार प्राप्त शिक्षक डॉ. दशरथ मसानिया ने  कोरोना त्रासदी के विगत 15 महीनों में शिक्षा और साहित्य के क्षेत्र में सराहनीय सृजनात्मक कार्य किया है। जहां लोग कोरोना काल में भययुक्त वातावरण में जी रहे थे, वहीं डॉ. मसानिया ने 82 चालीसा (शैक्षणिक गायन नवाचार) लिखकर छात्र और समाज हित में एक ऐतिहासिक कार्य किया है। इन चालीसाओं को राष्ट्रीय स्तर की पत्र पत्रिकाओं ने भी समय-समय पर अच्छा कवरेज दिया है जिससे देश-भर…