लोगों का काम है कहना

कुंवर आरपी सिंह, शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र। एक मकड़़ी ने रहने और शिकार के लिए शानदार जाला बनाने की सोंची। उसने सपना देखा कि जाले में खूब कीड़े मच्छर, मक्खियाँ फँसा करेंगी और वह उन्हें मजे से आहार बनायेगी। उसने घर के एक कोने में जाला बुनना शुरू किया, तभी उसकी नज़र एक बिल्ली पर पड़ी जो उसे देखकर हँस रही थी। उसने बिल्ली से हँसने का कारण पूँछा तो बिल्ली बोली-यहाँ मक्खियाँ तो हैं नहीं, कौन फँसेगा तेरे जाल में? मकड़ी ने वह जाला अधूरा छोड़कर एक खिड़की में जाला…

चला मुरारी हीरो बनने

कुंवर आरपी सिंह, शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र। सपने देखना और महत्वकाक्षीं होना गलत नहीं, स्वाभाविक क्रिया है। कहावत है कि अगर व्यक्ति कठिन परिश्रम करता है तो वह सपनों को हकी़कत में भी बदल सकता है, लेकिन अचेतन मनोवस्था में देखे सपने सच हो जायें ऐसा भी नहीं है, यह सिर्फ क्षणिक अनुभव हो सकता है। चेतन अवस्था में देखे सपनें, व्यक्ति को आगे बढ़कर मंजिल पाने को प्रेरित करते है, लेकिन जो लोग सटीक आंकलन और मजबूत इरादों और कठिन परिश्रम के आदी नहीं होते और पाना बहुत कुछ चाहते हैं।…