अधूरी कहानी

कवि डॉ. शैलेश शुक्ला, शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र। शुरू किया थामैंने भीलिखना एक कहानीबहुत पहलेबहुत बहुत पहलेजब नई नईआई थी जवानीवो कहानी अभी तकलिखी जा रही हैलगातार लिखी जा रही हैलगातार लम्बी होती जा रही हैजब भी नजदीक आता हैकहानी का अंतफिर कही से निकल आता हैउसका कोई पात्रकिसी नए घटनाक्रम के साथजिससे फिर से चल पड़ती है कहानीनए घटनाक्रम को लेकरउसे पात्रों के साथ बुनते हुएजरूरी मोड़ों को चुनते हुएबरसों से लिख रहा हूँजानता हूँ कि इस कहानी कापूरा होना जरूरी हैफिर भी मेरी ये कहानीअभी तक हुई न…