महावीर स्वामी ने दिया था उत्तम ब्रह्मचर्य से उत्तम क्षमा तक दस नियमों का पालन करने का संदेश

दिलीप भाटिया, शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र। महावीर स्वामी ने उत्तम ब्रह्मचर्य से उत्तम क्षमा तक दस नियमों का पालन करने का संदेश सभी श्रावकों को दिया था। पर्यूषण के दस दिनों में भी इनका पालन करने के लिए स्मरण प्रति वर्ष कराया जाता है। पूरी उम्र इनका पालन करना कठिन मानकर कई व्यक्ति मात्र सुन पढ़ लेते हैं। हिंदू महिलाएं सप्ताह में एक दिन सोमवार को शिवजी का व्रत करती हैं। कई हिंदू हनुमानजी की उपासना के लिए मंगलवार शनिवार का व्रत अपनी सुविधानुसार करते हैं। पूर्णिमा एकादशी भी की…

जीने का सलीका

राजीव डोगरा “विमल”, शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र। तुम शब्दों की बात करते हो हम तुम्हें निशब्द ही घायल कर देंगे। तुम खूबसूरती की बात करते हो हम तुम्हें सादगी से ही कायल कर देंगे। तुम हमें आधुनिकता के बोझ तले दबाते आये हो हम तुम्हें अपनी परंपराओं के बल पर ही उठ कर दिखा देंगे। तुम हमें दिखावे में पनपनमा सिखाते हो हम तुम्हें सादगी से ही तुम्हें जीना सिखा देंगे। युवा कवि लेखक व भाषा अध्यापक गवर्नमेंट हाई स्कूल ठाकुरद्वारा (कांगड़ा) हिमाचल प्रदेश

श्राद्ध

मुकेश कुमार ऋषि वर्मा, शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र। अपने पुरखों की आत्मा की तृप्ति के लिए वैदिक काल से हम करते आ रहे हैं श्राद्ध पीढ़ी दर पीढ़ी यह परंपरा जीवित है कौओं को पकवान खिलाकर हम अपने कर्तव्य की इतिश्री कर लेते हैं । सुनो साथियों – जीते जी अपने बुजुर्गों की ले लो सुध बाद मृत्यु के शोक मनाने, भंडारे करने का क्या मतलब ? पितृऋण अगर चुकाना चाहते हो, पितृमुक्ति अगर चाहते हो तो उनके जीते जी ही उनकी जीवित आत्मा को तृप्त करो । मरने के…

जनपद में ऑनलाइन रोजगार मेला कल 21 सितंबर को

शि.वा.ब्यूरो, मुज़फ्फरनगर। जिला सेवायोजन कार्यालय द्वारा कल 21 सितंबर को एक ऑनलाइन रोजगार मेले का आयोजन किया जा रहा है। अभ्यर्थियों को कार्यालय आने की आवश्यकता नही है, इसके लिए नियोजकों द्वारा अभ्यर्थियों से ऑनलाइन, फोन, विडियो कॉल पर साक्षात्कार कराया जायेगा। चयन की सूचना दूरभाष पर दी जायेगी। उक्त मेले में छह से अधिक कम्पनियॉं प्रतिभाग करेगी, जिसमें विभिन्न नियोजकों द्वारा हाईस्कूल, इण्टरमीडिएट, स्नातक, आईटीआई आदि योग्यताधारक अभ्यर्थियों के लिए फील्ड एक्जीक्यूटिव, सेल्स रिप्रजेन्टेटिव, एच0आर0 मैनेजर, टेलीकॉलर आदि पदों के लिए चयन किया जाएगा। इसके लिए अभ्यर्थी सेवायोजन पोर्टल…

बच्चों में संस्कारों का बीजारोपण अवश्य करें

मुकेश कुमार ऋषि वर्मा, शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र। संस्कार वह क्रिया है जिसके संपन्न होने पर कोई भी योग्य बन जाता है । जिस प्रकार एक पौधे को खाद -पानी की अति आवश्यकता होती है, ठीक वैसे ही एक बच्चे के लिए संस्कारों की अति आवश्यकता होती है । भारतीय संस्कृति में संस्कारों पर बहुत अधिक बल दिया गया है । मनुष्य के सर्वांगीण विकास के लिए संस्कारों का होना अति आवश्यक है । बच्चों में अच्छे संस्कारों का बीजारोपण शुरू से ही कर देना चाहिए । बच्चों को मोबाइल,…

उम्र क्या है

डॉ. अ. कीर्तिवर्धन, शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र। उम्र क्या है कुछ गिनतियों का खेल अथवा जिम्मेदारी का अहसास इस विवाद मे नही पडता अपितु प्रयास करता हूँ प्रत्येक उम्र में संतुष्ट रहने का जिससे बच जाता हूँ अनावश्यक तनाव से और रह पाता हूँ सदैव प्रसन्न। बडे होते बच्चों को सौंपकर जिम्मेदारी निर्णय लेने की मगर पलायन नही करता अपितु देता हूँ सलाह सहयोग जहाँ और जैसे अपेक्षित हो बच्चो को। उम्र कोई भी हो अच्छी होती है कुछ लेती है कुछ देती है। कभी बचपन छीनकर युवा बना देती…

कन्याओं का संजा पर्व

संकलन – ऋषिता मसानिया, शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र। हमारे देश में वर्ष भर तीज-त्योहार मनाये जाते हैं। कुछ पुरुष प्रधान कुछ महिला प्रधान कुछ युवकों के लिए खास होते हैं। बालिकाओं के मेहंदी, महावर, चित्र और मांडने मांडे जाते हैं तो दिन की शुरुआत रांगोली से होती है। कुंवारी कन्याओं के लिए संजा पर्व 16 दिनों तक धूमधाम से मनाया जाता है भादों माह की शुक्ल पूर्णिमा से पितृ मोक्ष अमावस्या तक श्राद्ध पक्ष में कुंआरी कन्याओं द्वारा मनाया जाने वाला संजा पर्व भी हमारी विरासत है, जो म प्र…