सुगम दुर्गम

कुँवर आरपी सिंह, शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र।  “मैं” के सम्पूर्ण त्याग से समभाव स्थिरता पाता है। समभाव जागृत होने का मतलब है कि  लाभ-हानि, यश-अपयश भी हमें प्रभावित न करे। समता का अर्थ है, मन की चंचलता को विश्राम, समान भाव को जागृत और दृष्टि को विकसित करें , तब हमारी सोंच और दृष्टिकोण समता, सरसता का पालन करने योग्य बनता है। हमें अपने जीवन में एक कलाकार की भांति विभिन्न भूमिकाओं को निभाना होता है। इस पर हमारा कोई नियंत्रण नहीं होता। क्या वास्तव में समता, समरसता और धैर्य…

इण्टरनेशनल एबेकस प्रतियोगिता में सीएमएस की श्रुति चैम्पियन

शि.वा.ब्यूरो, लखनऊ। सिटी मोन्टेसरी स्कूल कानपुर रोड कैम्पस की कक्षा-8 की छात्रा श्रुति शुक्ला ने इण्टरनेशनल ऑनलाइन एबेकस कम्पटीशन में चैम्पियन का खिताब अर्जित कर विद्यालय का नाम गौरवान्वित किया है। यह प्रतियोगिता शैक्षिक संस्था ब्रेनोब्रेन के तत्वावधान में आयोजित ब्रेनोब्रेनफेस्ट-2021 के अन्तर्गत आयोजित की गई थी। सीएमएस के मुख्य जन सम्पर्क अधिकारी हरि ओम शर्मा ने बताया कि प्रतियोगिता में कई देशों के प्रतिभाशाली छात्रों ने प्रतिभाग कर अपनी गणितीय प्रतिभा का प्रदर्शन किया। कड़ी प्रतिस्पर्धा के बीच सीएमएस कानपुर रोड कैम्पस की इस मेधावी छात्रा ने एबेकस के…

दर्द की आह

विनय सिंह “विनम्र”, शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र। विरानें में घोसला, हौसलों की उडान, परिवार की जद्दोजहद में लड रही छोटी सी जान। उडान से मापा गगन उत्साह पूर्वक दूरियां फिर भी जिन्दा इन परिंदो की बहुत मजबूरियाँ, खैर रंजोगम खुशी में फिजा में बदलाव आया आज विहड इस निरव में मौत का सामान आया विस्मय द्रवित सबकी निगाहें घूरती हीं रह गयी स्वप्न के सुन्दर फिजायें आंसुओं संग बह गयी, पेड कटकर गिर गये मौत में हम घिर गये” मानव बडा कारसाज है स्वप्न का आगाज है घायर मुझे व…

अंतरराष्ट्रीय वेब संगोष्ठी में सभी ने एक स्वर में स्वीकारा: हिंदी को राष्ट्रभाषा बनाने के लिए एकजुट आंदोलन की आवश्यकता

पूनम चतुर्वेदी शुक्ला, ऑस्ट्रेलिया। भारत के सभी हिंदी सवियों, हिंदी सेवी संस्थाओं विश्वविद्यालयों को एकजुट होकर हिंदी को राष्ट्रभाषा बनाने के लिए आंदोलन करने की आवश्यकता है। यह बात डॉ. बीआर अम्बेडकर सामाजिक विज्ञान विश्वविद्यालय की माननीय कुलपति प्रो आशा शुक्ला ने रविवार 4 अप्रैल को मॉरीशस स्थित विश्व हिंदी सचिवालय महू इंदौर स्थित  डॉ. बीआर अम्बेडकर सामाजिक विज्ञान विश्वविद्यालय, न्यू मीडिया सृजन संसार ग्लोबल फाउंडेशन एवं सृजन ऑस्ट्रेलिया अंतरराष्ट्रीय ई-पत्रिका के संयुक्त तत्वावधान में “हिंदी की प्रयोजनमूलकता : विविध आयाम” विषय पर आयोजित एक अंतरराष्ट्रीय वेब संगोष्ठी में कही। प्रो. आशा शुक्ला…

गरीबों की मदद करने वाले अब तक के नंबर वन मुख्यमंत्री बने योगी आदित्यनाथ, चार साल में दिए 10 अरब

शि.वा.ब्यूरो, लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पिछली सरकारों की तुलना में गरीबों की मदद करने में अब तक के नंबर वन सीएम बन गए हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष के तहत पिछली सरकारों से कई गुना ज्यादा गरीबों, मजलूमों और गंभीर रोगियों की मदद की है। सीएम योगी ने पुराने रिकार्डों को तोड़ते हुए चार साल में गरीबों, मजलूमों और गंभीर रोगियों को 10 अरब रुपए दिए हैं। सपा सरकार के पांच साल के कार्यकाल में 42508 लोगों को 552 करोड़ दिए गए थे। बसपा सरकार के पांच साल के कार्यकाल…

तो इसलिए समृद्ध हैं गुजराती कुर्मी पटेल

एमए पटेल, शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र। गुजरात के कुर्मी हाईली एज्युकेटेड हैं। करीब हर घर में एक बेटी या बहू ग्रेजुएट है। 100 साल पहले समाज ने शिक्षण का आंदोलन शुरू किया था कि कुछ हो या न हो, कुर्मियों के गांव में स्कूल ज़रूर होगा। शिक्षित होने के कारण गुजरात के कुर्मी पटेल सामान्यतः व्यसन मुक्त है। वे मांसाहार नहीं करते। हाँ! कहीं-कहीं अंडे खाने का प्रचलन अब शुरू हुआ है। गुजरात के कुर्मी पटेल अंध श्रद्धालु नहीं हैं, लेकिन वे पूरी तरह से आध्यात्मिक और श्रद्धालु हैं। वो…

साहित्य संगम संस्थान के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी डॉ. राजेश कुमार शर्मा पुरोहित से एक मुलाक़ात 

उमा मिश्रा “प्रीति”, शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र। साहित्य संगम संस्थान नई दिल्ली के साक्षात्कार संगम फेसबुक पेज पर संस्थान से जुड़े रचनाकारों का साक्षात्कार लिया जाता है। आज हम आपको साहित्य संगम संस्थान के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी डॉ. राजेश कुमार शर्मा “पुरोहित” से मिलवाते हैं। आईये! उनके साहित्यिक सफर के बारे में जानते हैं। उमा मिश्रा प्रीति:- सबसे पहले तो साक्षात्कार संगम पेज पर आपका स्वागत है। कृपया आप अपना परिचय दीजिए। डॉ.राजेश पुरोहित:– मैं राजेश कुमार शर्मा “पुरोहित”, भवानीमंडी, जिला झालावाड राजस्थान से हूँ। साहित्य संगम संस्थान का राष्ट्रीय…