युवाओं के प्रेरणास्रोत बने किंगल के हितेन्द्र शर्मा (जन्मदिन 19 मई पर विशेष)

हवलेश कुमार पटेल, शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र। शिमला की तहसील कुमारसैन स्थित गांव किंगल निवासी हिमाचल कला संस्कृति भाषा अकादमी शिमला के सदस्य व साहित्य कला संवाद के सम्पादक हितेन्द्र शर्मा आज किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं। स्वभाव व पेशे से पत्रकार, लेखक, कवि व किसान हितेन्द्र साहित्य कला संवाद के माध्यम से न केवल हिमाचली लोक कला, साहित्य व संस्कृति का पोषण एवं प्रचार-प्रसार कर रहे हैं, बल्कि समसामयिक सरोकारों के प्रति जनजागरण का काम भी बखूबी कर रहे हैं। समाजसेवी के रूप में हितेन्द्र शर्मा विभिन्न समाजिक…

साहित्य की साधना से शब्दों की जादूगर बनी अर्चना त्यागी

हवलेश कुमार पटेल, शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र। खेतीहर, लेकिन शैक्षिक पृष्टभूमि के परिवार में जन्मी अर्चना त्यागी द्वारा की जा रही साहित्य की सेवा शायद उनके खून में रची-बसी शैक्षिक अनुवांशिकता ही है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जनपद स्थित छोटे गांव महरायपुर में विद्यानंद विद्यार्थी व रामेश्वरी देवी की पुत्री रूप में जन्मी अर्चना त्यागी के दादा पृथ्वी सिंह व ताऊ जयनन्द त्यागी एडवोकेट छपार के जयभारत इंटर कालेज के लम्बे समय तक प्रबन्धक रहे हैं। अर्चना त्यागी के अनुसार पठन-पाठन, लेखन व रचनात्मक कार्यों में उनकी विशेष रूचि रहती…

साहित्य संगम संस्थान के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी डॉ. राजेश कुमार शर्मा पुरोहित से एक मुलाक़ात 

उमा मिश्रा “प्रीति”, शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र। साहित्य संगम संस्थान नई दिल्ली के साक्षात्कार संगम फेसबुक पेज पर संस्थान से जुड़े रचनाकारों का साक्षात्कार लिया जाता है। आज हम आपको साहित्य संगम संस्थान के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी डॉ. राजेश कुमार शर्मा “पुरोहित” से मिलवाते हैं। आईये! उनके साहित्यिक सफर के बारे में जानते हैं। उमा मिश्रा प्रीति:- सबसे पहले तो साक्षात्कार संगम पेज पर आपका स्वागत है। कृपया आप अपना परिचय दीजिए। डॉ.राजेश पुरोहित:– मैं राजेश कुमार शर्मा “पुरोहित”, भवानीमंडी, जिला झालावाड राजस्थान से हूँ। साहित्य संगम संस्थान का राष्ट्रीय…

हिंदी साहित्य के सशक्त हस्ताक्षर डॉ० अवधेश कुमार अवध

डॉ. ममता बनर्जी “मंजरी”, शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र। उत्तर पदेश राज्य के चंदौली जिले के मैढ़ी नामक गाँव में 15 जनवरी 1974 ईसवी में जन्में एक नन्हा शिशु अवधेश एक दिन सशक्त और सिद्ध कलमकार के रूप में साहित्य जगत में डॉ. अवधेश कुमार ष्अवधष् के नाम से प्रतिष्ठित हो जाएँगे, ऐसा शायद ही कोई सोचा होगा लेकिन पिता स्व.शिवकुमार सिंह और माता श्रीमती अतरवासी देवी का आशीर्वाद और गुरुजनों, बंधु-बांधवों, परिजनों का अपार स्नेह और माँ सरस्वती की असीम कृपा के परिणामस्वरूप आज उनकी गिनती हिंदी के उत्कृष्ट कवियों…