पागल कौन

कुँवर आरपी सिंह, शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र। एक नगर में एक फकीर घूमा करता था। चीथड़ों में लिपटा उसका ढीलाढ़ाला और झुर्रियों से भरा बुढ़ापे का शरीर, कंधे पर पैबन्दों से भरा झोला लिये इधर उधर फिरता रहता। वह बार-बार थैले में से प्लास्टिक से बड़े जतन से लपेटी रंगीन कागज की गड्डियों को खोलता और दोबारा उसी तरह लपेटकर थैले में रख लेता। वह जहाँ से भी निकलता, रंगीन कागज़ देखकर उसे उठकर लेता और बड़ी सावधानी से उसे सीधा करके थैले से गड्डी निकाल कर उसमें उसे भी…

भगवान महावीर की शिक्षायें मानव कल्याण के लिए उपयोगी हैं (महावीर जयन्ती (25 अप्रैल) पर विशेष)

डा0 जगदीश गांधी, शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र। मानवता के लिए त्याग करने वाला महावीर है महावीर का जन्म वैशाली (बिहार) के एक राज परिवार में हुआ था। इनके पिता का नाम सिद्धार्थ और माता का नाम त्रिशिला था। बचपन से ही वे 23वें तीर्थकर पाश्र्वनाथ की आध्यात्मिक शिक्षाओं से अत्यधिक प्रभावित थे। एक राजा के पुत्र के रूप में युद्ध के बारे में उनका विचार भिन्न प्रकार का था। वे क्रोध, मोह, लालच, विलासिता पूर्ण वस्तुओं आदि पर विजय पाना सच्ची विजय मानते थे। वे आरामदायक और विलासपूर्ण जीवन पसंद…

‘राम’ को धरती और आकाश की कोई भी शक्ति ‘प्रभु का कार्य’ करने से रोक नहीं सकी (रामनवमी (21 अप्रैल) पर विशेष)

डा0 जगदीश गांधी, शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र। जो कोई प्रभु को पहचान लेते हैं उन्हें धरती और आकाश की कोई भी शक्ति प्रभु का कार्य करने से रोक नहीं सकती। मानव सभ्यता के पास जो इतिहास उपलब्ध है उसके अनुसार राम का जन्म आज से लगभग 7500 वर्ष पूर्व अयोध्या में हुआ था। राम ने बचपन में ही प्रभु को पहचान लिया और उन्होंने अपने शरीर के पिता राजा दशरथ के वचन को निभाने के लिए हँसते हुए 14 वर्षो तक वनवास का दुःख झेला, जबकि उनके पिता राजा दशरथ…

दोषपूर्ण शिक्षा और अहंकार है सारी समस्याओं की जड़

कौशल किशोर आर्य, शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र।        हमारे वोट देकर सरकार बनाने वाले 85% पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक समाज की यह बिडंबना ही है, जो निरक्षर तो निरक्षर उच्च शिक्षित लोग भी संगठन की महत्ता और हमारे धूर्त ब्राह्मणवादी, सामन्तवादी, पक्षपाती, बेईमान व गद्दार नेताओं की कलुषित और निजी स्वार्थ पुरा करने वाले साजिश को नहीं समझ रहे हैं। आज उच्च शिक्षा तो लोग प्राप्त करके उच्च पदों पर जा रहें और धन कमा रहे हैं, पर बौद्धिक, वैचारिक, मानसिक रूप से समझदार नहीं बन पा रहे…

एक दिवास्वप्न है गैर वेतनभोगी गृहिणियों के साथ न्याय

सलिल सरोज, शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र। अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन के अनुसार ताइवान में 168 मिनट, प्रतिदिन से लेकर अधिकतम इराक़ में 345 मिनट तक दुनिया भर में महिलाएं अवैतनिक कार्यों में समय बिताती हैं। औसतन पुरुषों ने 83 मिनट अवैतनिक देखभाल के काम में बिताए हैं, जबकि महिलाओं ने 265 मिनट यानी तीन गुना अधिक समय इन कार्यों पर खर्च किया है। विशेष रूप से दक्षिण एशिया में, भारत और पाकिस्तान विशेष रूप से घरेलू कामों के सबसे असमान विभाजन के बीच हैं, जहां महिलाएं पुरुषों की तुलना में 10…

दिव्यांगजनों को कौशल की जरूरत है, सहानुभूति की नहीं

सलिल सरोज, शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र। वर्ष 2006 में संयुक्त राष्ट्र का अधिवेशन अलग-अलग तरह के लोगों ’के अधिकारों के संबंध में विकलांगता के विषय को उजागर करने में सहायक था। इस मुद्दे को अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार के एजेंडे में प्रमुखता मिली, जिससे सामाजिक-आर्थिक नुकसान के कारण अशक्तता विकलांगता से ग्रस्त हो गई। विकलांग व्यक्तियों (दिव्यांगजन) में दुनिया की 1/5 वीं से 1/6 वीं आबादी शामिल है। सभी के लिए मानवाधिकारों को सुनिश्चित करना लगभग सभी देशों के लिए हमेशा एक सपना रहा है और मानवाधिकारों के विभिन्न घटकों को संबंधित…

संघर्ष जीवन का सबसे बड़ा वरदान

डाॅ. जगदीश गाँधी, शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र। जब तक जीवन है, तब तक संघर्ष है। प्रत्येक दिन कोई न कोई चुनौती, कोई न कोई संघर्ष जीवन में आते ही रहते हैं तो फिर इनसे घबराना कैसा? दुनियाँ में ऐसा कोई भी व्यक्ति नहीं है, जिसके जीवन में चुनौतियां, संघर्ष, दुःख, कठिनाई और रूकावटे न आयी हों। कोई परीक्षा में पास होने के लिए संघर्ष कर रहा है तो कोई परीक्षा पास करने के बाद आगे जीवन में आनेे वाली कठिनाइयों एवं चुनौतियों से पार पाने के लिए संघर्ष कर रहा…

नन्दकुमार बघेल कुर्मियों की नहीं, कांग्रेस की कर रहे चर्चा

डाॅ मुन्ना कुमार पटेल, शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र। अखिल भारतीय कूर्मि क्षत्रिय महासभा के द्वारा महासभा के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी कौशल किशोर आर्य के मार्गदर्शन एवं नेतृत्व मे बिहार के कुर्मी साथियों में 8 स्थानों पर महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नन्दकुमार बघेल, राष्ट्रीय महासचिव आरएस कनौजिया समेत अन्य राष्ट्रीय पदाधिकारियों का अभिनंदन सह सफल कुर्मी सम्मेलन आयोजित किया था, जिसमें 17 मार्च 2021 को रक्सौल में भारत -नेपाल कुर्मी सम्मेलन, 18 मार्च को बेतियां के गोनौली धर्मपुर सामुदायिक भवन, 18 मार्च को ही छपरा के सरदार पटेल छात्रावास, 19 मार्च…

किशोर गर्भावस्था के स्वास्थ्य और शिक्षा पर प्रभाव

सलिल सरोज, शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र। भारत में किशोर गर्भावस्था और बाल कुपोषण के बीच संबंध स्थापित करने के लिए लांसेट द्वारा किए गए दुनिया के पहले व्यापक अध्ययन के अनुसार, वयस्क माताओं की तुलना में किशोर माताओं के बच्चों में कम वजन वाले बच्चों की संख्या अधिक होती है। जन्म से पहले और बाद में बच्चे के विकास और विकास को नुकसान पहुंचाते हुए किशोर गर्भावस्था युवा माता के जीवन को खतरे में डालती है। भारत पांच किशोर गर्भावस्था से जनित बच्चों में से एक और दुनिया में तीन…

समय के साथ चलना ही समझदारी है

सलिल सरोज, शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र। समय की एक अच्छी आदत है; चाहे जैसा भी हो गुजर जाता है। अगर अच्छा समय हो तो भी गुजर जाता है और अगर बहुत बुरा समय हो तो वह भी गुजर जाता है। एक स्थितिप्रज्ञ इंसान कभी भी समय की विकटता या उसके उत्साही स्वभाव से अत्यधिक प्रभावित नहीं होता, क्योंकि अगले ही क्षण क्या घटित होने वाला है, यह किसी को मालूम नहीं होता। अतः अच्छे समय में आशातीत ख़ुशी के खुमार में समय की परिवर्तनशीलता को कभी भी नज़र अंदाज़ नहीं…