आबादी में विश्व गुरु बनेगा भारत!

आरपी तोमर, शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र। *केंद्र भी बना सकता है सख्त कानून *यू पी में फूट गया रोक का असली बम *बढ़ती जनसंख्या पर नियंत्रण बहुत जरूरी *सरकारी नोकरी व बर्खास्तगी का प्लान *नामी गिरामी नेताओं का बड़ा खानदान *विरोधी बताने लगे ऊपरवाले की देन विकास क्षेत्र में तो भारत भले ही विश्व गुरु न बन पाया हो, लेकिन जिस तरह से देश में “आबादी विस्फोट ” अर्थात जनसंख्या वृद्धि हो रही है, यदि इसे नियंत्रित नहीं किया गया तो भारत चीन को पछाड़कर दुनिया में सबसे अधिक आबादी…

समाज के बुद्धिजीवियों से एक अपील

लवकुश पटेल एडवोकेट, शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र। समाज के पढ़े-लिखे चिंतनशील विद्वान साथियों! कभी आपने विचार किया है कि क्या कारण है कि 26 जनवरी 1950 को समता, स्वतंत्रता, बंधुत्व व न्याय पर आधारित भारतीय संविधान के लागू होने के 71 साल बाद भी भारत के बहुसंख्यक समाज को उसका हक उसका अधिकार क्यों नहीं मिला? कारण स्पष्ट है, आजादी से आज तक के सत्तासीनों की बेईमानी। इसी बेईमानी के कारण ही संविधान में सभी वर्गों को प्रतिनिधित्व देने के लिए आरक्षण की व्यवस्था होने के बाद भी आज तक…

मंत्रिमंडल विस्तार या मंत्रिमंडल सुधार

डॉ नीलम महेंद्र, शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र। मोदी सरकार के मंत्रिमंडल का ताज़ा विस्तार जहां कई उम्मीदों को जगाता सा दिखता है, वहीं वो अपनी कई नाकामियों पर पर्दा डालता भी नज़र आता है, क्योंकि जिस प्रकार से भाजपा के कई दिग्गजों से स्तीफा लेकर नए चेहरों को सरकार में जगह दी गई है उससे इसे मंत्रिमंडल विस्तार न कहकर मंत्रिमंडल सुधार कहा जाए तो भी गलत नहीं होगा। इतना ही नहीं, मिनिमम गवर्नमेंट एंड मैक्सिमम गवर्नेन्स के मंत्र पर चलने वाले प्रधानमंत्री मोदी के इस मंत्रिमंडल विस्तार में 43…

बदलाव का वक्त

नागेन्द्र कुमार सिंह कनौजिया, शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र। यह सार्वभौमिक सत्य है कि निरंतर बदलते समय से तालमेल बिठाने के लिये जो व्यक्ति, जो संगठन, जो समाज भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिए अपने अंदर बदलाव नहीं लाता है, वह निश्चित रूप से पीछे छूट जाता है। सामाजिक संगठनात्मक गतिविधियों से सरोकार होने के कारण बात कुर्मी संगठनों पर केंद्रित है। हम सब बड़ी शिद्दत से महसूस करते हैं कि देश के धार्मिक संगठनों में परिवर्तन स्वीकार न करने की प्रवृत्ति से नकारात्मक जड़ता व्याप्त हो गयी है…

विवेकानंद का राष्ट्र चिन्तन

अ कीर्ति वर्द्धन, शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र। राष्ट्र चिंतन की चर्चा करने से पूर्व यह समझना अति आवश्यक है कि जिस राष्ट्र के चिंतन की हम बात करना चाहते हैं वह राष्ट्र क्या है? विष्णु पुराण में कहा गया है- उत्तरं यत्समुद्रस्य, हिमाद्रैश्र्चैव दक्षिणम्, वर्ष तद् भारतम् नाम, भारती तत्र संतति।। ऋग्वेद में भी अनेक बार राष्ट्र शब्द का उल्लेख आया है- अहं राष्ट्री स़ंगमनी वसूनाम। यानि राष्ट्र एक ऐसी ईकाई हुआ, जो आपस में मिली जुली हो और खुद ही में एक जगह भी है। राष्ट्र का मूल आधार…

जाग्रत शक्तिपुंज है अरण्यवासिनी देरठू भगवती

डा. हिमेन्द्र बाली, शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र। पर्वतराज हिमालय के मध्योत्तर खण्ड के अंतर्गत पौराणिक जालन्धरपीठ में अवस्थित काली भगवती देरठू का मंदिर शिमला जिले की कुमारसैन तहसील में लगभग नौ हजार फुट की ऊंच्चाई पर सुरम्य पर्वत शिखर पर विराजमान है। मध्य हिमालय की अप्रतिम पर्वत श्रृंखला शिमला पहाड़ियों के पश्चिम में स्थित देरठू भगवती का मंदिर राष्ट्रीय मार्ग पांच पर नारकण्डा से आठ किमी पश्चिम की ओर सघन वन राशि के मध्य में नयनाभिराम भूस्थल पर स्थित है। एकान्तवासिनी देरठू देवी छबीशी क्षेत्र की अधिष्ठात्रि देवी है, जिसकी…

समाज के लिए अभिशाप है दहेज

कौशल किशोर आर्य, शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र।      दहेज का प्रारंभ कब हुआ इसका सही प्रमाण और कारण अब तक नहीं मिला है। दहेज प्रथा के बारे में अब तक जो भी शोध हुए हैं, वे अधूरे ही है। कुछ लोग कहते हैं कि मिथिला (बिहार) के राजा और सीता के पिता महाराज जनक ने अपने पुत्री सीता को विदा करते समय बहुत से उपहार स्वरुप आभूषण, हीरे -जवाहाराज, हाथी-घोडे़ अपने दामाद राम और समधी राजा दशरथ को दिये थे, वहीं से दहेज की शुरुआत हुई। हो सकता है…

किताब पढ़ने का सुख

दिलीप भाटिया, शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र। व्हाट्सएप फेसबुक वीडियो यू ट्यूब इंटरनेट सेल्फी से थके ऊबे प्राणी को कोई अच्छी सी किताब पढ़ने को मिल जाए तो किताब पढ़ने का सुख स्वयं पढ़कर ही महसूस किया जा सकता है। पुस्तकों पत्रिकाओं की पीडीएफ फाइल एवम ई पेपर से स्मार्टफोन की भरी हुई मेमोरी को खाली करना भी एक एक्स्ट्रा काम का बोझ सा लगता है। ताजी हवा के शीतल झोंके के समान एक प्यारी सी संस्मरण की किताब बीते हुए दिन पढ़ने को मिली तो किताब के लेखक अशोक भाटिया…

कूर्मि मित्रों के नाम संदेश 

कूर्मि कौशल किशोर आर्य, शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र। 127 वर्ष पुराने कूर्मि समाज के प्रमुख संगठन अखिल भारतीय कूर्मि क्षत्रिय महासभा समेत देश के अन्य कूर्मि संगठनों की ऐसी ही स्थिति बनी हुई है। जब हमारा मातृ संगठन अखिल भारतीय कूर्मि क्षत्रिय महासभा के पदाधिकारी एक बार पद पर आसीन होने के बाद आजीवन पद छोड़ना नहीं चाहते और कूर्मि सेवा करने के नाम पर सिर्फ अधिवेशन करके धन की बर्बादी कर सेवा करने के नाम पर अपना पीठ खुद ही थपथपातें हैं तो देश के अन्य कूर्मि संगठनों के…

बेरोजगारी की समस्या

नरेंद्र कुमार शर्मा, शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र।      यूँ तो वर्तमान समय संपूर्ण मानव जाति के सबसे कठिन और चुनौती पूर्ण है।लेकिन उसके बाबजूद आज भारतवर्ष अनेक समस्याओं से जूझ रहा है जिसमें पर्यावरण प्रदूषण, ध्वनि प्रदूषण, छुआ-छूत,जाति,धर्म ,घूसखोरी और दहेज़ प्रथा जैसी समस्याएँ हैं, लेकिन अगर इन सभी समस्याओं के निराकरण बात की जाए तो इसका एक ही विकल्प है “हर हाथ के लिए काम “अर्थात उपरोक्त सभी समस्याओं का कारण है, बेरोजगारी।        आज बेरोजगारी विकराल रूप धारण कर चुकी है।बेरोजगारी एक ऐसा दानव बन…