भारत चालीसा

डॉ. दशरथ मसानिया,  शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र। नमन करुं मम देश को,मेरा देश महान। रंग बिरंगे फूल है,कहत है कवि मसान।। जय जय मेरे प्यारे भारत। सागर हिन्दा पांव पखारत।।1 बहुत धरम अरु राज अनेका। भाषा  भोजन  पोश  विशेषा।।2 विविधा जाती फिर भी एका।। इस एका को जग ने देखा।।3 उत्तर भूटा चीन नेपाला। दक्षिण लंका हिन्द विशाला।।4 पूरब बंगला म्यान कहाना। पश्चिम पाका अरु अफगाना।5 यू पी लखनउ मध्य भुपाला। जयपुर राजस् मणि इम्फाला।।6 तमिल चैन गांधी गुजराता। असम दिशपुर बंग कलकाता।।7 महाराष्ट्र की मुंबई भाई।। बिहार पटना सब…

रानी लक्ष्मीबाई चालीसा ( महिला दिवस पर विशेष)

डॉ. दशरथ मसानिया,  शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र। लक्ष्मी दुर्गा रूप थी,भारत की पहिचान। सन सत्तावन में लड़ी,कहत हैं कवि मसान।। ब्रह्मा ने जब जगत रचाया। पुरुष नार को साथ बनाया।।1 मनु श्रद्धा का कर निर्माणा। ता पीछे सब जगत चलाना।।2 सम अधिकारी हैं सब नारी। फिर भी नर से  पड़ती भारी।।3 जय जय प्यारी लक्ष्मी बाई। झांसी  की रानी  कहलाई।।4 उनिस नवंबर सन पैतीसा। नगर भदेनी वाराणीसा।।5 राज मराठा बाजीरावा। सैनिक मोरोपंत निराला।।6 इनके घर इक बेटी आनी। खुशियां छाई मनु कहानी।।7 ज्योतिष ने रानी बतलाया। सारे लक्षण सुता दिखाया।।8…

भोर का गान

डॉ. दशरथ मसानिया,  शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र। पांच बजे हम जागते, करते जल का पान। तीन कोस का घूमना, तन का नित व्यायाम।। संग हमारे प्रेम है, दो-दो राम सहाय। आगे राजाराम है, दशरथ को मिल जाय।। बैजनाथ की जातरा, भोले का है गान। प्रात समय अनमोल है, कहत हैं कवि मसान।। 23, गवलीपुरा आगर, (मालवा) मध्यप्रदेश

महिलाएं क्या चाहती हैं

प्रीति शर्मा “असीम” शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र। महिलाएं तो बस सम्मान चाहती है । बदलें में हर रिश्ते से, फर्ज निभाती हुई भी जब अपमान ही पाती है । महिलाएं तो बस सम्मान चाहती है।। शक्ति स्तंभ होते हुए भी , समर्पित कर देती हैं खुद को। वह प्रेम में कहां…. कोई व्यापार चाहती हैं । महिलाएं तो बस सम्मान चाहती हैं। बेटियां पराई है । बहू भी पराई है । वह अपने होने का एक अलग एहसास चाहती हैं । महिलाएं तो बस सम्मान चाहती हैं। ना देह से…

रेणुः एक विरल वनस्पति

कुँवर आरपी सिंह, शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र। लोक और ग्रामीण जीवन को साहित्य से जोड़ने वाले महान साहित्यकार फणीश्वर नाथ “रेणु” जीवित होते तो 4 मार्च 2021 को 100 बरस के हो जाते। उनके साहित्य में पशु, पक्षी, पेड़, पौधों, मिट्टी, फसलों, कई-कई भाषाओं और मनुष्य के अनेकानेक रूप समाहित हैं कि उन्हें देखकर आश्चर्य होता है। फणीश्वर नाथ रेणु की जीवनी विविधाओं और जीवन कठिन राहों पर चलने में अभ्यस्त था। आज भी साहित्य के प्रेमी उनके जीवन के कई अनछुए पहलुओं तथा प्रसंगों को याद करते रहते हैं।…

मैं शिव हूँ

डॉ. राजेश पुरोहित, शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र। मैं आदिदेव अजन्मा, मैं अविकारी अविनाशी हूँ। ॐ स्वरूप में नित रहता, मैं श्रीराम की सेवा करता हूँ।। सृष्टि के लिए मैं, सब कुछ करता हूँ मैं शिव हूँ। मैं संहारक हूँ दुष्टों का, मैं असुरों का विनाश करता हूँ।। त्रिनेत्र जब खुलते मेरे, प्रलय ही प्रलय करता हूँ। ज्ञान रूपी तृतीय नेत्र से, अंधकार मैं हरता हूँ।। समुद्र मंथन में निकले जहर से जब सृष्टि डरती है। त्रिलोकों में भयंकर गरल, मैं ही पीता हूँ।। मैं नीलकण्ठ बन दुनिया के दुख दर्द…

दिव्य दृष्टि

राजीव डोगरा ‘विमल’ शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र। मैं जहां देखता हूं मुझे तुम ही नजर आती हो, कभी दुर्गा बन सिंह पर सवार हँसती मुस्कुराती हुई, तो कभी महाकाल के वक्ष स्थल पर पांव रख महाकाली बन अट्हास करती हुई। कभी सुना है तुझे मंदिर की गूँजती घण्टियों  में हूँ हूँ का नाद करते हुए। कभी महसूस किया है तुमको बहती हल्की नम हवाओं में संपूर्ण विश्व का ध्यान करते हुए। युवा कवि लेखक कांगड़ा हिमाचल प्रदेश

अखिल भारतीय कूर्मि क्षत्रिय महासभा अगले 5 वर्षों में 1 करोड़ आजीवन सदस्य बनाएगी

कूर्मि कौशल किशोर आर्य, शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र। कूर्मि समाज के सबसे 126 वर्ष पुराने प्रमुख संगठन अखिल भारतीय कूर्मि क्षत्रिय महासभा का उदेश्य आपस में विवाद कराकर कटुता फैलाना नहीं, वरन एक और संगठित होकर समाज का विकास और मजबूती करना है। महासभा में राष्ट्रीय स्तर पर कूर्मि समाज के सभी अलग अलग राज्यों के कूर्मि शाखाओं और उपजातियों के मित्र जुड़े हुए हैं, जो अलग अलग राजनैतिक दलों से भी जुड़े हुए हैं। कूर्मि समाज के जिन जागरूक और जिम्मेदार लोगों की जहाँ, जिस राजनैतिक दलों में मर्जी…

आलोकित अंतर्मन

डॉ. राजेश पुरोहित, शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र। उठो युवाओं कमर कसो देशहित कुछ काम करो भारत की इस बगिया का जग में ऊँचा नाम करो नफरत की होली जलाओ सद्भावों की सब बात करो इस होली में रंग अबीर से सबके कपोल लाल करो मलमल खेलो होली भाई भाईचारे की बात करो तोड़ नफरत की दीवारें मिलकर नेक काम करो आलोकित अंतर्मन कर जीवन मे चटक रंग भरो सांवरिया के रंग में रंगकर भवसागर भी पार करो भर भर पिचकारी चलाओ राधा कृष्ण संग होली खेलो बृज की होली बड़ी…

क्रिकेट पच्चीसा (विश्वकप 2011)

डॉ. दशरथ मसानिया,  शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र। तरासी के साल में, आया था भूचाल। कपिलदेव नायक बने, भारत मां के लाल।।1 साठ साठ के मेच में, करते बेड़ा पार । किरकेट के बजार में, भारत की सरकार। 12 पौने दो सौ रन बना, नया रचा इतिहास।  विश्वकप को जीत के, लीनी थी फिर सांस।।3 टी-ट्वन्टी की क्या कहूँ, चौकों की बौछार। छक्के भी तो छूटते, बालर हा हा कार ||4 दो हजार अरु सात में, आया धोनी राज। बीस-बीस के मेच में, भारत के सिर ताज।।5 दो हज्जार एकादशा, बरस…