ये किसी वज्रपात से कम नहीं

डॉ नीलम महेंद्र, शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र। अभी कुछ दिन पहले सरकार ने बचत योजनाओं पर ब्याज दर कम करने का एक ऐसा फैसला लिया था, जिसे चौबीस घंटों से भी कम समय में ही वापस लेने की घोषणा वित्तमंत्री को करनी पड़ी। कहा जा सकता है कि यह देश की अर्थव्यवस्था से जुड़ा ऐसा फैसला था, जो कि शायद राजनैतिक कारणों से वापस ले लिया गया। किंतु यहाँ यह प्रश्न महत्वपूर्ण नहीं है कि इस फैसले को वापस क्यों लिया गया, अपितु यह प्रश्न महत्वपूर्ण है कि इस फैसले…

शिवपुराण से……. (284) गतांक से आगे…….रूद्र संहिता, द्वितीय (सती) खण्ड

कामदेव के नामों का निर्देश, उसका रति के साथ विवाह तथा कुमारी संध्या का चरित्र-वसिष्ठ मुनि का चन्द्रभाग पर्वत पर उसका तपस्या की विधि बताना………………. गतांक से आगे……….. मेरे पुत्र मरीचि आदि द्विजों ने उस पुरूष के नाम निश्चित करके उससे यह युक्तियुक्त बात कही। ऋषि बोले- तुम जन्म लेते ही हमारे मन को भी मथने लगे हो। इसलिए लोक में मन्मथ नाम से विख्यात् होओगे। मनोभव! तीनों लोकों में तुम इच्छानुसार रूप धारण करने वाले हो, तुम्हारे समान सुन्दर दूसरा कोई नहीं है, अतः कामरूप होने के कारण तुम…

गरीबों की मदद करने वाले अब तक के नंबर वन मुख्यमंत्री बने योगी आदित्यनाथ, चार साल में दिए 10 अरब

शि.वा.ब्यूरो, लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पिछली सरकारों की तुलना में गरीबों की मदद करने में अब तक के नंबर वन सीएम बन गए हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष के तहत पिछली सरकारों से कई गुना ज्यादा गरीबों, मजलूमों और गंभीर रोगियों की मदद की है। सीएम योगी ने पुराने रिकार्डों को तोड़ते हुए चार साल में गरीबों, मजलूमों और गंभीर रोगियों को 10 अरब रुपए दिए हैं। सपा सरकार के पांच साल के कार्यकाल में 42508 लोगों को 552 करोड़ दिए गए थे। बसपा सरकार के पांच साल के कार्यकाल…

तो इसलिए समृद्ध हैं गुजराती कुर्मी पटेल

एमए पटेल, शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र। गुजरात के कुर्मी हाईली एज्युकेटेड हैं। करीब हर घर में एक बेटी या बहू ग्रेजुएट है। 100 साल पहले समाज ने शिक्षण का आंदोलन शुरू किया था कि कुछ हो या न हो, कुर्मियों के गांव में स्कूल ज़रूर होगा। शिक्षित होने के कारण गुजरात के कुर्मी पटेल सामान्यतः व्यसन मुक्त है। वे मांसाहार नहीं करते। हाँ! कहीं-कहीं अंडे खाने का प्रचलन अब शुरू हुआ है। गुजरात के कुर्मी पटेल अंध श्रद्धालु नहीं हैं, लेकिन वे पूरी तरह से आध्यात्मिक और श्रद्धालु हैं। वो…

परीक्षा में सफल कैसे हो? स्वयं द्वारा निर्मित एक कोरी कल्पना मात्र है एक्जामिनेशन फीवर

डा0 जगदीश गांधी, शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र।  प्रायः यह देखा जाता है कि परीक्षा के नाम पर ही छात्रों को हताशा घेर लेती है, जबकि जीवन की समृद्धि एवं विकास के लिए परीक्षा एक आवश्यक उपकरण माना गया है। अतः जैसे ही हमने जीवन में परीक्षा की अनिवार्यता को स्वीकार किया, वैसे ही हमारी सफलता दोनों क्षेत्रों अर्थात स्कूल तथा जीवन में सुनिश्चित हो जाती है। एक्जामिनेशन फीवर स्वयं द्वारा निर्मित एक कोरी कल्पना मात्र है। जैसे ही हम परीक्षा के विषय में गम्भीर होते हंै वैसे ही हमारी उदासीनता…

होली का निठल्ला चिन्तन

 कुँवर आरपी सिंह, शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र। मौसम सुहावना और मतवाला चल रहा है, सो लोगों ने करोना डरोना के बावजूद जम के होली खेली। होली के फाग के रंग में हर उम्र के सभी सरोबर हो गये, लेकिन उत्साह जवानी में ज्यादा होना स्वाभाविक है। जवानों की टोलियाँ मय ढोल नगाडो़ के गली-गली, नगर-नगर होली है! के नारे के साथ शराब और भांग के तरन्नुम में ऋतुराज के आगमन का लुत्फ उठाने से नहीं चूके। कई जगह गिरे, पिटे और बेइज्जत भी हुए, लेकिन बहादुरों ने हिम्मत नहीं हारी,…

अप्रैल में बैंक 15 दिन बंद रहेंगे

शि.वा.ब्यूरो, नई दिल्ली। अप्रैल में बैंकों के 15 अवकाश के दिन होंगे। अगले वित्तवर्ष 2021-22 (अप्रैल-मार्च) के आरंभ में एक अप्रैल को खाताबंदी के कारण बैंकों में कामकाज नहीं होगा, जबकि दो अप्रैल को गुडफ्राइडे का अवकाश होने के कारण बैंक बंद रहेंगे। इसके बाद चार अप्रैल को रविवार और पांच अप्रैल को बाबू जगजीवन राम जयंती पर आंध्रप्रदेश और तेलंगाना में अवकाश के कारण बैंक बंद रहेंगे। छह अप्रैल को तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव होने के कारण बैंकों का अवकाश होगा। आगे 10 अप्रैल को महीने का दूसरा शनिवार…

देश की राजनीति की दिशा तय करेंगे पांच राज्यों के चुनाव

डॉ. नीलम महेंद्र, शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र। चार राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश पुड्डुचेरी में विधानसभा चुनाव होने जा रहे हैं। पुडुचेरी, केरल और तमिलनाडु में 6 अप्रैल को एक ही चरण में चुनाव होंगे, पश्चिम बंगाल में आठ चरणों तो असम में तीन चरणों में चुनावों का आयोजन चुनाव आयोग द्वारा किया गया है। भारत केवल भौगोलिक दृष्टि से एक विशाल देश नहीं है, अपितु सांस्कृतिक विरासत की दृष्टि से भी वो अपार विविधता को अपने भीतर समेटे है। एक ओर खान पान बोली मजहबी एवं धार्मिक मान्यताओं की…

मृगतृष्णा

वाणी बरठाकुर “विभा”, शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र। हमारी जिन्दगी का आधार मृगतृष्णा सी चाहत है, कि कहीं कुछ मिल जाए। ना जाने चाहत की प्यास बुझाने के लिए उम्र के कितने साल गुजार लिए। अगर हमारे अंदर तृष्णा नही होती तो क्या हम जी पाते ? एक तरफ से देखा जाए तो दुनिया ही मरुस्थल है। हम मनुष्य रोज प्रतियोगिता में उतरते हैं, शायद कुछ मिल जाए। जिन्दगी सुधर जाए, जैसे प्यासे मृग के पीछे भटकते हम कुछ कर दिखाने की तृष्णा बुझाने के लिए हमेशा अपना अस्तित्व भूल जाते…

होली पर्व का मुख्य उद्देश्य मानव कल्याण है

डा0 जगदीश गांधी, शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र। होली भारत के सबसे पुराने पर्वों में से एक है। होली की हर कथा में एक समानता है कि उसमें ‘असत्य पर सत्य की विजय’ और ‘दुराचार पर सदाचार की विजय’ का उत्सव मनाने की बात कही गई है। इस प्रकार होली लोक पर्व होने के साथ ही अच्छाई की बुराई पर जीत, सदाचार की दुराचार पर जीत व समाज में व्याप्त समस्त बुराइयों के अंत का प्रतीक है। ऐसा माना जाता है कि होली के दिन लोग पुरानी कटुता व दुश्मनी को…