मुमताज कि व्यथा

डॉ. अ. कीर्तिवर्धन, शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र। बना कर कब्र मेरी, जहाँपनाह ने मोहब्बत का हसीन तोहफा दिया, जीते जी मैं महारानी थी मरने पर कातिल बना दिया। कब्र पर मेरी आने वाले सजदे में फूल नहीं लाते हैं, डाल कर चंद सिक्के वहां मेरी बेबशी का मजाक उड़ाते हैं। बनाकर नायब ताजमहल जहाँपनाह ने, अपनी मोहब्बत को ज़माने को दिखलाया। पर कलम करके हाथ हुनरमंदों के, मुझे कातिल बना डाला। सुला कर ‘ताज’ में मुझको, मेरे मालिक ने नींद से भी बेदखल कर डाला, अच्छा सिला दिया मेरी मोहब्बत…

दीपावली पर्व

डॉ. अ. कीर्तिवर्धन, शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र। यह सर्वविदित है कि भारत त्योहारों का देश है। भारत भूमि पर 36 करोड़ देवी देवता निवास करते हैं, इसीलिए यहाँ का प्रतिदिन ही नहीं, प्रतिपल भी उत्सवों का पल है। भारत में प्रत्येक उत्सव के आयोजन के लिए निश्चित समय का महत्त्व व कारण मौजूद हैं। प्रत्येक त्यौहार के आयोजन का समय व कारण विज्ञान कि वर्तमान कसौटी पर खरा-परखा है। प्रत्येक वर्ष फागुन माह में होली तथा कार्तिक अमावस्या को दीपावली का आयोजन भारत ही नहीं, विश्व के प्रत्येक भाग में…

बढ़ता भारत, घटती इंसानियत

आशुतोष, शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र। जनाब ये बढ़ता हुआ भारत है, जहां खाद्य तेल 200 डीजल पेट्रोल 110 और रसोई गैस 1000 न हो तो भारत का नाम कैसे रौशन होगा। चाय दुकान पर एक सज्जन ने यह बात बडे अदब से कही, कि न्यू इंडिया धनवान हो गया है, जहां की जीडीपी 7•5 से लगातार घटकर दो ढाई पर है। नये भारत की रहन-सहन बदल गयी है। बोलने के अंदाज बदल गये हैं। आखिर हाफ पैट का प्रचलन का असर, अब साफ दिख रहा है। अब तो ताऊजी भी…

बॉलीवुड के मशहूर मार्शल आर्ट एक्सपर्ट चीता यज्ञेश शेट्टी सैंडस्टोन एंटरटेनमेंट के सीईओ नियुक्त

संजय शर्मा “राज”, मुंबई। सैंडस्टोन एंटरटेनमेंट द्वारा भारत का यूट्यूब की तरह एक अलग प्रकार का पहला स्वदेशी ओपन ओटीटी एप्प सेंडस्टोनप्रो है, जो केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री रामदास आठवले के हाथों रविवार 10 अक्टूबर 2021 को मुंबई के रहेजा क्लासिक क्लब लोखंडवाला में लांच किया गया। स्वदेशी ओपन ओटीटी एप्प सेंडस्टोनप्रो के चेयरमैन पंकज कमल व मैनेजिंग डायरेक्टर आरती कमल हैं। भारत के व बॉलीवुड मार्शल आर्ट एक्सपर्ट तथा चिता जीत कुन डू ग्लोबल स्पोर्ट्स फेडरेशन के संस्थापक-चेयरमैन चीता यज्ञेश शेट्टी को सैंडस्टोन एंटरटेनमेंट कंपनी का…

अधिकार असीमित नहीं हो सकते

डॉ. नीलम महेन्द्र, शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र कहने को भारत एक ऐसा देश है जो संविधान से चलता है लेकिन जब देश के सुप्रीम कोर्ट को यह कहना पड़ता है कि वो जांच करेगा कि “क्या विरोध करने का अधिकार एक पूर्ण अधिकार है” तो लगता है कि हम आज भी ग़ुलाम हैं। गुलाम हैं उस सत्तालोलुप वोटबैंक की राजनीति के जिसे अपने स्वार्थ के आगे कुछ नहीं दिखता। गुलाम हैं उस स्वार्थी सोच के जो संविधान द्वारा दिए गए हमारे अधिकारों के बारे में हमें समय समय पर जागरूक…

नरेंद्र मोदी ने खो दिया (जन्म दिन विशेष)

प्रस्तुति सुनील वर्मा, शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र। कांग्रेस के जमाने का दंगा बार-बार कर्फ्यू आए दिन हो रहा नरसंहार सेना ने शहर में मार्च किया भय, भय, सन्नाटा, आग ही आग.. ये सब ढूंढ रहा हूँ पर नरेंद्र मोदी ने खो दिया एक पोरबंदर माफिया सलाया की तस्करी एक भरूच दुबका हुआ है लतीफ का राज्य और रिसालदार का दरबार एक धधकता अहमदाबाद एक धधकती जलाऊ लकड़ी जलते हुए शहर और जलते हुए शहर, जलते हुए गाँव और जलते हुए महानगर … खालिस्तान के नाम पर बसो मे से उतारकर…

श्राध्द पक्ष 20 सितंबर से 6 अक्टूबर तक

नीरज कुमार शर्मा शिक्षा वाहिनी। हिन्दू धर्म में एक अत्यंत सुरभित पुष्प है कृतज्ञता की भावना, जो कि बालक में अपने माता-पिता के प्रति स्पष्ट परिलक्षित होती है। हिन्दू धर्म का व्यक्ति अपने जीवित माता-पिता की सेवा तो करता ही है, उनके देहावसान के बाद भी उनके कल्याण की भावना करता है एवं उनके अधूरे शुभ कार्यों को पूर्ण करने का प्रयत्न करता है। ‘श्राद्ध-विधि’ इसी भावना पर आधारित है। मृत्यु के बाद जीवात्मा को उत्तम, मध्यम एवं कनिष्ठ कर्मानुसार स्वर्ग नरक में स्थान मिलता है। पाप-पुण्य क्षीण होने पर…

पितृपक्ष भारतीय संस्कृति का अद्भुत महापर्व

शि.वा.ब्यूरो, लखनऊ। पितृपक्ष भारतीय संस्कृति का अद्भुत महापर्व है। इसकी महिमा देखिए कि हिंदुओं के प्रमुख त्यौहार जैसे दशहरा, रक्षाबंधन, होली, श्रीराम नवमी, श्रीकृष्ण जन्माष्टमी, महाशिवरात्रि इत्यादि पर्व एक दिन मनाए जाते हैं। दीपावली पांच दिन, नवरात्रि नौ दिन, गणेशोत्सव दस दिन का होता है, लेकिन पितृपक्ष पूरे सोलह दिन का उत्सव है। शास्त्रों में इसे महालय कहा गया है। मह – अर्थात उत्सव और आलय – अर्थात घर। यूं समझिये कि सामान्यतः हमारे घरों में किसी अतिथि का आगमन होता है, तो हम कितने प्रसन्न होते हैं। कितनी श्रद्धा…

……तो ये है किसान बिल

शि.वा.ब्यूरो, मेरठ। किसान बिल किसी के हार-जीत का सवाल नहीं है। हम कई सालों से इनकम टैक्स दे रहे हैं, लेकिन न तो कभी इंदिरा गांधी, राजीव गांधी, देवेगौड़ा, वाजपेई, मनमोहन सिंह ने हमसे पूछा कि मैं टैक्स के रेट तय कर रहा हूँ, बताओ तुम्हें क्या चाहिए। करोड़ों लोग टैक्स देते हैं, लेकिन क्या सरकारें उनसे पूछकर टैक्स दर तय करती हैं? आज हमारे देश में लाखों लोग कार, आटो, ट्रक आदि चलाते हैं, क्या RTO और पुलिस द्वारा लगाए जाने वाले कायदे और दंड इन सबसे पूछकर बनाए…

काश ! मूर्ति की तरह इंसान अपनों का विसर्जन कर पाता…..

डॉ. रमाकांत क्षितिज, शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र। स्कूल में डेढ़ दिन के लिए श्री गणेश जी की मूर्ति का आगमन हुआ। मूर्ति इसलिए कह रहा हूँ,कि श्री गणेश बुध्दि के रूप में हर प्राणी में हैं ही, जब वे जगत जननी के अंश है तो फिर कण कण में ही विराजमान है। स्कूल में इस रूप में डेढ़ दिन रहे, उनके साथ हम सभी उनकी पूजा-अर्चना मे व्यस्त रहे। लगभग 36 घण्टे कैसे बीत गए पता ही नही चला। पिछले दो वर्ष से स्कूल बंद है। बच्चे आते नही, इनके…