जाग्रत शक्तिपुंज है अरण्यवासिनी देरठू भगवती

डा. हिमेन्द्र बाली, शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र। पर्वतराज हिमालय के मध्योत्तर खण्ड के अंतर्गत पौराणिक जालन्धरपीठ में अवस्थित काली भगवती देरठू का मंदिर शिमला जिले की कुमारसैन तहसील में लगभग नौ हजार फुट की ऊंच्चाई पर सुरम्य पर्वत शिखर पर विराजमान है। मध्य हिमालय की अप्रतिम पर्वत श्रृंखला शिमला पहाड़ियों के पश्चिम में स्थित देरठू भगवती का मंदिर राष्ट्रीय मार्ग पांच पर नारकण्डा से आठ किमी पश्चिम की ओर सघन वन राशि के मध्य में नयनाभिराम भूस्थल पर स्थित है। एकान्तवासिनी देरठू देवी छबीशी क्षेत्र की अधिष्ठात्रि देवी है, जिसकी…

बेरोजगारी की समस्या

नरेंद्र कुमार शर्मा, शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र।      यूँ तो वर्तमान समय संपूर्ण मानव जाति के सबसे कठिन और चुनौती पूर्ण है।लेकिन उसके बाबजूद आज भारतवर्ष अनेक समस्याओं से जूझ रहा है जिसमें पर्यावरण प्रदूषण, ध्वनि प्रदूषण, छुआ-छूत,जाति,धर्म ,घूसखोरी और दहेज़ प्रथा जैसी समस्याएँ हैं, लेकिन अगर इन सभी समस्याओं के निराकरण बात की जाए तो इसका एक ही विकल्प है “हर हाथ के लिए काम “अर्थात उपरोक्त सभी समस्याओं का कारण है, बेरोजगारी।        आज बेरोजगारी विकराल रूप धारण कर चुकी है।बेरोजगारी एक ऐसा दानव बन…

साहित्य कला संवाद के कारवां के 466वें एपिसोड में अनुपम खेर ने साँझा की अनटोल्ड स्टोरी, कहा- मेरे बेहतरीन सालों की नींव शिमला की उर्वर भूमि में ही पड़ी थी

शि.वा.ब्यूरो, शिमला। कला संस्कृति भाषा अकादमी के साहित्य कला संवाद के कारवां के 466वें पड़ाव में इस बार अनुपम खेर से चर्चा की गई। उन्होंने कहा कि तरक्की चाहे मैंने शिमला के बाहर प्राप्त की हो, लेकिन उस तरक्की की बुनियाद शिमला में ही पड़ी थी। यहां के पहाड़ों इन वादियों ने उन्हें सपने देखना सिखाया। पहाड़ों ने उनके जीवन में दृढ़ता और स्थिरता का भाव पैदा किया। अनुपम ने कहा कि जीवन में उपलब्धियों के बाद भी सादगी होनी चाहिए, जो शिमला शहर और हिमाचल की आंचलिकता में रची…

धरती के देव है़ं सुकेत के  धार गांव में विराजित महीदेव

ङा. हिमेन्द्र बाली, शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र। मण्डी जिले की सांस्कृतिक और धार्मिक पृष्ठभूमि सैंधव व वैदिक कालीन रही है। पुरात्तात्विक व साहित्यिक स्रोतों के आधार पर यह निष्कर्ष रूप में सामने आया है कि माण्डव (मण्डी) व सुकुट (सुकेत) क्षेत्र में मानव सभ्यता के उषाकाल में सांस्कृतिक व सामाजिक व्यवस्था प्रचलित थी। सैंधवकाल में धरती पूजा का आविर्भाव व प्रचलन पुरातात्विक खोजों से प्रमाणित हो चुका है। हिमाचल में अच्छी फसल व तत्सम्बंधी बीमारियों के निवारण के लिये भूमि देव खेत्रपाल, खोड़ू व वन देवी की पूजा की जाती…

विशेष ओलंपिक भारत की अध्यक्ष डाॅ. मल्लिका नड्डा का दो टूक: हिमाचल प्रदेश में क्लीनिकल साईकोलाॅजिस्ट और फिजियोथैरेपिस्ट की कमी को पूरा किया जाना आवश्यक

शि.वा.ब्यूरो, शिमला। हिमाचल प्रदेश में क्लीनिकल साईकोलाॅजिस्ट और फिजियोथैरेपिस्ट की कमी को पूरा किया जाना आवश्यक है ताकि दिव्यांगजनों को इनकी सेवाओं से वंचित न रहना पडे़। विशेष ओलंपिक भारत की अध्यक्ष डाॅ. मल्लिका नड्डा ने कला संस्कृति, भाषा अकादमी के साहित्य कला संवाद के दौरान चर्चा में यह विचार व्यक्त किए। डाॅ. मल्लिका नड्डा ने बताया कि विलम्बित दिव्यांग अधिकार कानून दिसम्बर, 2016 में लागू किया गया, जिसके तहत दिव्यांगजनों को आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध करवाने के प्रति बल दिया गया। इसके तहत 3 प्रतिशत से बढ़ाकर इनके लिए 4…

साहित्य कला संवाद की 443वीं कड़ी: काव्य के रंग, कुवैत में बसे भारतीय साहित्यकारों के संग

शि.वा.ब्यूरो, शिमला। साहित्य से जुड़े देश के विभिन्न प्रान्तों के भारतीय मूल के लोग साहित्य मंच कुवैत के माध्यम से कुवैत में अपनी संस्कृति संस्कार और भाषा की निरन्तरता व संचार को बनाए रखने के लिए कृत संकल्प है। हिमाचल प्रदेश भाषा, कला एवं संस्कृति अकादमी के साहित्य कला संवाद की 443वीं कड़ी (काव्य रंग कुवैत में भारतीय साहित्यकारों के संग) कवि सम्मेलन कार्यक्रम का संचालन करते हुए डाॅ. राधिका गुलेरी ने यह विचार व्यक्त किए। साहित्य कला संवाद की इस कड़ी में कुवैत में रह रहे भारतीय मूल के…

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर एनएसएस के विद्यार्थियों ने किया योगाभ्यास

शि.वा.ब्यूरो, (नारकण्डा) शिमला। 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में एनएसएस के विद्यार्थियों ने  विद्यालय परिसर में वृक्षासन, धनुरासन, पश्चिमोतासन और हलासन का अभ्यास कर कोविड के इस कठिन दौर में सभी को स्वस्थ तन और मन का संदेश दिया। एनएसएस के कार्यक्रम अधिकारी बृज भूषण कैंथला ने एनएसएस के स्वयंसेवक महक, दिव्या, साक्षी, चन्द्रशेखर, शीतल और राधिका के साथ योगाभ्यास कर योग दिवस पर स्वस्थ जीवन के आधार रूप में योग को जीवन में उतारने का संदेश दिया। बृज भूषण कैंथला ने बताया कि यह…

लेखकों कलाकारों के लिए समर्पित रहेगा साहित्य कला का संवाद कार्यक्रम

डॉ. कर्म सिंह, शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र। हिमाचल कला संस्कृति भाषा अकादमी शिमला द्वारा कोरोना महामारी के चलते पिछले वर्ष 24 मई 2020 से साहित्य कला संवाद कार्यक्रम के प्रसारण की शुरुआत की गई थी। अकादमी का यह कार्यक्रम फेसबुक पेज और यूट्यूब चैनल पर रोजाना 7.00 बजे नियमित रूप से प्रसारित हो रहा है। साहित्य कला संवाद कार्यक्रम के अंतर्गत अभी तक लगभग 500 कार्यक्रम सफलतापूर्वक आयोजित किए जा चुके हैं, जिसमें प्रदेश, देश और विदेश से साहित्यकारों, कलाकारों का भरपूर योगदान, समर्थन, सहयोग और आशीर्वाद प्राप्त होता रहा…

बचपन के वो स्वर्णिम दिन (फादर्स डे पर विशेष)

डा.हिमेन्द्र बाली, शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र। जीवन में संस्कार का संचरण माता-पिता के आचरण और शिक्षा से सम्भव हो सकता है। पिता दिवस के अवसर पर पुनः पिताजी की स्मृति मनोमतिष्क में ताजा हो जाती है। दुर्योग तो यह है कि 20 जून को पिता दिवस के अगले दिन ही मेरे पिता जी हम सब को छोड़कर चले गये। 21 जून 1987 की वह भयानक सुबह जब मैं अपने ननिहाल कुल्लू के बाहरी सराज के भ्रमण से घर लौट रहा था तो एक मांसी के घर रूका था। जैसे ही…

युवाओं के लिए मार्गदर्शक रहा हिमाचल कला संस्कृति भाषा अकादमी शिमला का 431वां एपिसोड

हवलेश कुमार पटेल, शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र। हिमाचल कला संस्कृति भाषा अकादमी शिमला के यूट्यूब चैनल साहित्य कला अकादमी व फेसबुक पेज HPCAC अकादमी पर लाईव प्रसारित लगभग डेढ़ घंटे के 431वें एपिसोड में युवाओं के आईकाॅन बने भारतीय राष्ट्रीय कबड्डी टीम के पूर्व कप्तान, पदमश्री अजय ठाकुर ने जिस बेबाकी से अपनी सफलता-असफलता के बारे में बताया और जिज्ञासुओं के सवालों के जवाब दिये, उससे ये बात तो साफ हो गयी कि अजय ठाकुर न केवल युवाओं के आईकाॅन हैं, बल्कि छोटे-छोटे बालक-बालिकाओं सहित प्रौढ़ युवाओं की भी पहली…