बसंत तुम जब

प्रीति शर्मा “असीम”, शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र। बसंत तुम जब आते हो । प्रकृति में नव -उमंग,  उन्माद भर जाते हो। बसंत तुम जब आते हो हवाएं चलती हैं सुगंध ले कर। जीवन में खुशबू बिखराते हो। बसंत तुम जब आते हो।  कितने नए एहसास जागते हैं। सृजन की प्रेरणा दे । नित -नूतन संसार सजाते हो। हर तरफ फूलों से बगियाँ तुम सजाते हो।। कहीं पीले -कहीं नारंगी। लाल गुलाब महकाते हो। बसंत तुम जब आते हो। जीवन में उमंग भर जाते हो। नदिया इठला कर चलती है। दिनों…

हिमाचल में बम्पर बर्फवाती से बिछी चांदी सी सफेद चादर

डॉ जगदीश शर्मा, शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र। हिमाचल प्रदेश जिला मण्डी पांगणा चांदी  सा चमक उठा। सर्दी का मौसम आते ही सभी की तमन्ना बर्फ के बिछौने पर अठखेलियां करने की होती है। बर्फ के बाहों का गिरना, बर्फ के गोले बनाकर एक दूसरे पर फेंकना, बर्फ के बुत बनाना, बर्फ पर फिसलने का उल्लास निराला ही होता है। हिमालय प्रदेश के पहाड़ी भागों में किसानों बागबानो के लिए बर्फ खाद के तुल्य है। ऐसे में बर्फ गिरने पर पहाड़ के निवासी किसान बागवान खुशी से फूले नहीं समाते। “हीऊँए…

सुकेती उपबोली का साहित्यिक व सांस्कृतिक अवलोकन

डा. हिमेन्द्र बाली हिम, शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र। सुकेत पूर्ववर्ती सुकेत रियासत का ऐसा भौगोलिक व सांस्कृतिक स्वरूप है, जिसका अधिकत्तर क्षेत्र सतलुज घाटी में अवस्थित है। यहां बोली जाने वाली सुकेती उपबोली को दो भागों में बांटा जा सकता है। सुकेत का उत्तरी भाग जो ब्यास घाटी में है और दूसरा भाग जो सतलुज घाटी में है। वास्तव में सुकेती मण्डयाली बोली की ही शाखा है। मण्डयाली का जन्म 11वीं शताब्दी में शौरसैनी अपभ्रंश से हुआ। सकेती उपबोली में प्रचुर मात्रा में लोक साहित्य बिखरा पड़ा है। सुकेती उपबोली…

कलात्मक है कोटी में कोटेश्वर महादेव का मंदिर

हिमेन्द्र बाली “हिम”, शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र। कोटश्वर महादेव कुमारसैन तहसील के अधिपति देव माने जाते हैं। एक हजार ईस्वी में गया के कीर्ति सिंह राजा को लौकिक राज्य देकर स्वय महादेव यहां की धर्म संस्कृति के सर्वोच्च सत्ताधीश हैं। कोटेश्वर महादेव को अष्ठ कोटी देव माना जाता है। मान्यता है कि महादेव पाकिस्तान में स्थित हिंगलाज होते हुए हाटकोटी पहुंचे। वहां से कुमारसैन में बटाड़ा गांव के ब्राह्मण को नाग रूप में प्राप्त हुए और कालांतर में मढोली में प्रतिष्ठित हुए। मढोली के समीप कोटी में महादेव का सतलुज…

मण्डी के पांगणा में मिली युगों पुरानी सूर्यदेव की प्राचीन मूर्तियां

डाक्टर हिमेन्द्र बाली’हिम”, डाक्टर जगदीश शर्मा व राज शर्मा आनी, शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र।  सूर्य देव की अद्वितीय प्रस्तर प्रतिमा सुकेत रियासत की ऐतिहासिक राजधानी पांगणा के महिषासुर मर्दिनी माता मंदिर के परिसर में मिलने से यहाँ के इतिहास की प्राचीनता पर दृष्टिपात होता है। कला पक्ष की दृष्टि से इस मूर्ति को 12वी शताब्दी का माना जा रहा है। सुकेत संस्कृति साहित्य एवं जन कल्याण मंच के अध्यक्ष डाक्टरा हिमेन्द्र बाली ‘हिम” का कहना है कि भगवान सूर्य हिंदू परंपरा के पंचदेवो में माने जाते हैं। भारतीय देव पूजा…

हिंदी! हिंद की बेटी

प्रीति शर्मा “असीम”, शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र। भारत के उज्ज्वल माथे की। मैं ओजस्वी बिंदी हूँ। मैं हिंद की बेटी हिंदी हूँ। संस्कृत, पाली, प्राकृत, अपभ्रंश की पीढ़ी-दर-पीढ़ी सहेली हूँ। मैं जन-जन के मन को छूने की। एक सुरीली सन्धि हूँ। मैं मातृभाषा हिंदी हूँ। मैं देवभाषा , संस्कृत का आवाहन राष्ट्र मान हिंदी हूँ। मैं हिंद की बेटी हिंदी हूँ। पहचान हूँ हर, हिन्दोस्तानी की मैं। आन हूँ हर, हिंदी साहित्य के अगवानों की मैं। मां! बोली का मान हूँ…मैं। भारत की, अनोखी शान हूँ मैं। मुझको लेकर चलने…

बताओ ज़रा

राजीव डोगरा ‘विमल’, शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र। एक बात बताओ किसी की अंतरात्मा को पीड़ित करके कितना सुकून मिल रहा है तुमको ? जरा सोच कर बताओ तुम्हें बात करना तो कभी आया नहीं, मगर किसी की अंतरात्मा को प्रताड़ित करना तुमने कहां से सीखा? शायद तुम अपने अहम में भूल चुके हो की जिस हर की हर रोज पूजा करते हो, वो हर हर हृदय में वास करता है। क्या आपकी सोच में वो हर किसी की आत्मा को प्रताड़ित करने पर ज्यादा खुश होते हैं क्या? युवा कवि…

साहित्य संगम संस्थान ने किया हिमाचल इकाई का भव्य उद्घाटन

राजीव डोगरा ‘विमल’, कांगड़ा (हिमाचल प्रदेश)। साहित्य संगम संस्थान नई दिल्ली के तत्वावधान में संस्थान की हिमाचल प्रदेश इकाई का उद्घाटन समारोह 06 जनवरी 2021 बुधवार सुबह 11 बजे से शाम 7 बजे तक भव्य आनलाइन छंदोत्सव के रूप में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम अध्यक्ष आचार्य प्रवर डॉ. वागीश शर्मा मुंबई, कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. गंगा प्रसाद शर्मा, विशिष्ट अतिथि युगल दम्पती हंसराज डोगरा व सरोज कुमारी, संस्थान के महागुरुदेव डॉ. राकेश सक्सेना, राष्ट्रीय अध्यक्ष राजवीर सिंह मंत्र के कर कमलों से संपन्न हुआ। इसमें राजीव डोगरा को हिमाचल का…

जिंदगी में यह साल

प्रीति शर्मा” असीम”, शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र। यह साल , बहुत ख़ास रहा। जिंदगी की कड़वी यादों में। मीठी बातों का भी  स्वाद  रहा यह साल बहुत ख़ास  रहा। किन भरमों में जी रहे थे। आज तक ………? उनसे  जब  , आमना -सामना  हुआ। क्या  कहूं ……….! जिंदगी में, इस  साल। तुज़र्बों का एक काफ़िला सा  रहा। कुछ  के चेहरे से नकली नकाब उतरे, कुछ को छोड़कर, हर चेहरा दागदार रहा।  कुदरत ने हर चेहरे पर मास्क लगाकर,  चेहरे की अहमियत का वो  सबक दिया। यह  साल बहुत ख़ास रहा।…

मुझे समझौता ही रहने दो

प्रीति शर्मा “असीम” शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र। मुझे समझौता ही रहने दो जिंदगी में , बहुत बड़े -बड़े खवाब तो नही देखें। मेरी आँखों में , छोटे- छोटे गूंगे ,सपने तो रहने दो।। मुझे ……. जिंदगी से , मैंने सौदे तो नही कियें। सच का सामना करने के लिए, मुखौटे भी नही लिए।। मेरा सच, मेरे साथ रहने दो। मुझे ……. जिंदगी से,प्यार  किया। छल  तो नही किया।। शब्दों की सलाखों को, मेरे दिल के आर-पार ही रहने दो। मुझे ……. शिकवे और शिकायतों पर, अब न वक्त जाया कर।…