भाई का जन्मदिन

संजना, शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र। 14 तारीख आती है , खुशियों की बहार लाती है। जब तक सूरज चांद रहेगा, वीरे तेरा जन्मदिन याद  रहेगा।  लड़ते ,झगड़ते, मनाते साल हो गया , फिर वीर  जी का जन्मदिन आ गया। तेरे चेहरे पर हमेशा ऐसे ही खुशी रहे , तू हर जन्मदिन में मेरे साथ रहे। तेरा और मेरा रिश्ता नेक‌ है,  मेरा वीर तू लाखों में एक है। चम्मच में चम्मच चम्मच में जीरा , मेरा वीर तू है  लाखों में हीरा। मुबारक हो तुझे तेरा  जन्मदिन, हैप्पी बर्थडे टू…

फिर से

राजीव डोगरा “विमल”, शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र। तुमको जीवन की मर्यादा के लिए उठना होगा। तुमको मानवता की उदारता के लिए फिर से उस ईश्वर के आगे झुकना होगा। तुम्हें असत्य को हराने के लिए फिर से सत्य से जुड़ना होगा। तुमको मानवता की रक्षा के लिए फिर से हार कर भी जीतना होगा। युवा कवि लेखक व भाषा अध्यापक गवर्नमेंट हाई स्कूल ठाकुरद्वारा (कांगड़ा) हिमाचल प्रदेश

वजह 

राजीव डोगरा ‘विमल’, शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र। मुस्कुराहट की वजह हो तुम मुस्कुराने की हसरत हो तुम। चाहत की वजह हो तुम दिल लगाने की हसरत हो तुम। आशिक बनने की वजह हो तुम इश्क करने की हसरत  हो तुम। दर्द मिलने की वजह हो तुम दवा बनने की हसरत हो तुम। जिंदा रहने की वजह हो तुम ता उम्र साथ रहने की हसरत हो तुम। चाहत की वजह हो तुम चाहने की हसरत हो तुम। भाषा अध्यापक गवर्नमेंट हाई स्कूल ठाकुरद्वारा (कांगड़ा) हिमाचल प्रदेश  

बेदर्द सी जिंदगी

संजना, शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र। बेदर्द सी हो गई है जिंदगी , कोई अपना नहीं लगता । समय के साथ सब बदल गए हैं , जैसे कि अनजान हो गए हैं । जो चेहरा हमेशा मुस्कान से खिलता था, उसी चेहरे पर अब उदासी रहती है। बढ़ती उम्र के साथ-साथ , जिंदगी भी बदलती जा रही है। दूसरों के चेहरे पर खुशी लाने वाली, आज खुद उदास होकर बैठी है। जिंदगी एक पत्ते के जैसे हो गई है , जो कभी भी टूट कर बिखर सकती है। सब ऐसे कोसते…

प्लास्टिक की कहानी

शिखा चौधरी, शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र। प्लास्टिक एक नान बायोडिग्रेडेबल पदार्थ है ,जो पानी या मिट्टी में विघटित नहीं होता है। मनुष्य ने अपनी आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए अनेक अविष्कार किए हैं, प्लास्टिक भी इनमें से एक है‌। यह मानव निर्मित उत्पाद है। इस पदार्थ का अंत कभी भी नहीं होता है। यह हमारे लिए हानिकारक है । आज जहां भी देखो प्लास्टिक की वस्तुएं ही दिखाई देती है। प्लास्टिक बैग नदियों, झीलों और सागरों के जल को भीषण रूप से प्रदूषित करता है ‌। जिससे जल का प्रदूषण…

प्लास्टिक वरदान या श्राप

संजना, शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र। प्लास्टिक को मनुष्य एक वरदान समझता है, परंतु प्लास्टिक लगातार मानव के जीवन में जहर घोल रही है। मानव ने जब प्रकृति माता की गोद में आंखें खोली तो उसने अपने चारों ओर खुशहाली ,हरियाली ,निर्मल जल, स्वच्छ वायु का वरदान पाया था। उसका पेड़- पौधों ,फल ,फूलों , पक्षियों से एक अलग ही संबंध बन गया था ।प्लास्टिक एक कृत्रिम पदार्थ है, जिसका निर्माण पेट्रोकेमिकल से किया जाता है। प्लास्टिक मानव के लिए सबसे उपयोग पदार्थ बन गया है, प्लास्टिक को बेकलाइट भी कहा…

जिदगी

सोनाली, शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र। जिदगी है एक अनमोल रतन इसमे खुश रहने का करो परयतन दुख की घङी भी अाएगी पर सुख से दूर नहीं पाएगी जिदगी में कया छूट गया कयों करते हो उसकी चितां बस अागे बढते चलो जिदगींं की हकीकत से किसी ने भी नहीं बच पाना है कया खोना या कया पाना है सब कुछ यही रह जाना है। कक्षा नौ की छात्रा राजकीय उच्च विद्यालय ठाकुरद्वारा

मेरे खुदा

राजीव डोगरा “विमल”, शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र। मैं फकीर हूं , तेरे दर का खुदा मेरी आजमाइश न कर। तू पीर है मेरा, मेरे खुदा मेरी जग हंसाई न कर। मैं कमजोर लाचार हूं, मेरे खुदा मेरा तू हम राही बन। मैं अनजान हूं, तेरी इस कायनात से मेरे खुदा तू मेरा हमराज बन। मैं मुरीद हूं तेरा मेरे खुदा, तू अब मेरा मुर्शिद बन। युवा कवि लेखक गांव जनयानकड़, (कांगड़ा) हिमाचल प्रदेश

लौट आना

राजीव डोगरा ‘विमल’, शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र। वापिस लौट आना मेरे तरकश से ब्रह्मास्त्र छूटने से पहले, वापिस लौट आना मेरे द्वारा प्रकृति के नियम तोड़ने से पहले, वापिस लौट आना मेरा किसी और से दिल लगाने से पहले, वापिस लौट आना मेरी आंखों में अश्क सूखने से पहले, वापिस लौट आना मेरी रूह को जिस्म छोड़ने से पहले, वापिस लौट आना मेरे दिल और दिमाग में तूफान उठने से पहले। भाषा अध्यापक गवर्नमेंट हाई स्कूल ठाकुरद्वारा (कांगड़ा) हिमाचल प्रदेश

कुछ इस तरह

राजीव डोगरा ‘विमल’, शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र। हम बिखरगे कुछ इस तरह कि तुम संभाल भी न पाओगे। हम टूटेंगे कुछ इस तरह तुम जोड़ भी न पाओगे। हम लिखेंगे कुछ इस तरह कि तुम समझ भी न पाओगे। हम सुनाएंगे दास्तां कुछ इस तरह कि तुम कुछ कह कर भी न कह पाओगे। हम जाएंगे इस जहां से कुछ इस तरह कि तुम्हारे बुलाने पर भी कभी लौटकर न आएंगे। भाषा अध्यापक गवर्नमेंट हाई स्कूल ठाकुरद्वारा (कांगड़ा) हिमाचल प्रदेश