भगवान विष्णु के सप्तम अवतार हैं रघुकुल शिरोमणि श्रीराम

डॉ. राजेश कुमार शर्मा “पुरोहित”, शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र। भगवान श्रीराम विष्णु के सातवें अवतार हैं। इन्हें श्रीरामचन्द्र भगवान के नाम से जाना जाता है। रामायण में वर्णित है कि इनका जन्म अयोध्या में राजा दशरथ जी के घर हुआ था। इनकी माता कौशल्या थी। श्रीराम के जन्म की कथा है कि  अयोध्या के सूर्यवंशी राजा चक्रवती सम्राट दशरथ ने पुत्र की कामना से एक यज्ञ कराया, जिसे कामेष्टि यज्ञ कहा जाता है। जिसके फलस्वरूप उनके पुत्रों का जन्म हुआ था। श्रीराम लक्ष्मण भरत शत्रुध्न चार भाई थे। हर वर्ष…

कोरोना का रोग

डॉ. राजेश कुमार शर्मा”पुरोहित”, शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र। कोरोना की मार से, बचे न कोई लोग। देखो बढ़ता जा रहा, कोरोना का रोग।। चेले मौज मना रहे, घर पर बैठे रोज। गुरुवर केवल कर रहे, मिलकर सारे खोज।। अपनी अपनी दे रहे, लोग मुफ्त में राय। कोरोना के नाम पर, जी भर पीते चाय।। लगा रहे कर्फ्यू सभी, जनसेवक मिल आज। रहें सुरक्षित लोग सब, कोरोना की गाज।। मित्र बनाकर के कहीं, करना दे वो घात। धोखे में रहना नहीं, समझ लीजिए बात।। मित्र सदा ही दे यहाँ, खुशियों का…

साहित्य संगम संस्थान के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी डॉ. राजेश कुमार शर्मा पुरोहित से एक मुलाक़ात 

उमा मिश्रा “प्रीति”, शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र। साहित्य संगम संस्थान नई दिल्ली के साक्षात्कार संगम फेसबुक पेज पर संस्थान से जुड़े रचनाकारों का साक्षात्कार लिया जाता है। आज हम आपको साहित्य संगम संस्थान के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी डॉ. राजेश कुमार शर्मा “पुरोहित” से मिलवाते हैं। आईये! उनके साहित्यिक सफर के बारे में जानते हैं। उमा मिश्रा प्रीति:- सबसे पहले तो साक्षात्कार संगम पेज पर आपका स्वागत है। कृपया आप अपना परिचय दीजिए। डॉ.राजेश पुरोहित:– मैं राजेश कुमार शर्मा “पुरोहित”, भवानीमंडी, जिला झालावाड राजस्थान से हूँ। साहित्य संगम संस्थान का राष्ट्रीय…

भारतीय संस्कृति का प्रतीक होली

डॉ. राजेश कुमार शर्मा “पुरोहित”, शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र।     फाल्गुन मास में होली प्रतिवर्ष बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाई जाती है। हिन्दुओं के प्रमुख त्योहारों में होली का विशेष महत्व है। होली का त्योहार वैदिक काल से मनाया जाता है। यह रंगों का त्योहार है। सभी समुदाय के लोग इस त्योहार को उल्लास व प्रेम के साथ मनाते हैं। घरों में स्वादिष्ट व्यंजन बनाये जाते हैं। होली का त्योहार आपसी भाईचारे का त्योहार है। इस दिन आपस मे गले मिलकर एक दूसरे को रंग गुलाल लगाते हैं। इस…

अखिल भारतीय साहित्य परिषद के अध्यक्ष चुने गये डॉ. राजेश पुरोहित

शि.वा.ब्यूरो, भवानीमंडी। अखिल भारतीय साहित्य परिषद भवानीमंडी की नयी कार्यकारिणी का गठन आज श्री कृष्णम संगीत अकादमी में किया गया, जिसमें सर्वसम्मति से अध्यक्ष पद पर डॉ. राजेश कुमार शर्मा पुरोहित, वरिष्ठ उपाध्यक्ष राजेन्द्र आचार्य राजन, उपाध्यक्ष उर्मिला औदीच्य, दिनेश भदौरिया, राकेश थावरिया, महामंत्री अरुण कुमार गर्ग, कोषाध्यक्ष हिमांशु चतुर्वेदी, सह सचिव अमनदीप सिंह, श्रीकांत ओझा, संयुक्त सचिव संजय श्रीमाल, मीडिया प्रभारी भँवर सिंह कुशवाह, लोकेश मकवाना, महिला संयोजक राजेश कुमारी चोरसिया, वरिष्ठ साहित्यकार अब्दुल मलिक खान, कौशल शर्मा, कैलाश, रवि, रमेश पंवार, निर्मल औदीच्य, दर्शन सिंह होरा चुने गए।…

बाल साहित्य लेखन की महती आवश्यकता

डॉ. राजेश कुमार शर्मा “पुरोहित”, शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र। बच्चे अपने परिवार पास पड़ोस अपने विद्यालय अपने परिवेश से बहुत कुछ सीखता है। वातावरण विचारों आदर्शों लक्ष्यों और शब्दों से सांस्कृतिक वातावरण बनता है। छोटे बच्चे बड़ों का अनुकरण करते हैं। घर पर माता पिता भाई बहिन व विद्यालय में शिक्षकों का अनुकरण करते हैं। जिस घर मे गीता रामायण प्रतिदिन पढ़े जाते हैं, वे बच्चे चौपाई दोहे छंद सोरठा रोला सीख जाते हैं। द्रष्टान्त सुनना व सुनाना उन्हें याद हो जाता है। वे गीता के श्लोक बोलना उनके अर्थ…

आज भी प्रासंगिक है गांधीजी का शिक्षा दर्शन

डॉ. राजेश कुमार शर्मा”पुरोहित”, शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र। गांधीजी का शिक्षा दर्शन आज भी प्रासंगिक है। उनका मानना था कि आत्मा की शिक्षा पवित्र ग्रन्थों से नहीं मिलती बल्कि यह तो जीवन और आचरण से आती है।घर के अंतरंग सम्बन्ध ही सारी नैतिक एवम सामाजिक शिक्षा की नींव है।जब देश मे अंग्रेजी शासन था उस समय अंग्रेजी शिक्षा के जन विरोधी चरित्र को लेकर गहरी पीड़ा लेकर महात्मा गांधी हमारे सामने प्रकट हुए।उन्होंने अंग्रेजों द्वारा थोपी गई शिक्षा का पुरजोर विरोध किया। बापू ने कहा था कि भारत की जनता…

मैं शिव हूँ

डॉ. राजेश पुरोहित, शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र। मैं आदिदेव अजन्मा, मैं अविकारी अविनाशी हूँ। ॐ स्वरूप में नित रहता, मैं श्रीराम की सेवा करता हूँ।। सृष्टि के लिए मैं, सब कुछ करता हूँ मैं शिव हूँ। मैं संहारक हूँ दुष्टों का, मैं असुरों का विनाश करता हूँ।। त्रिनेत्र जब खुलते मेरे, प्रलय ही प्रलय करता हूँ। ज्ञान रूपी तृतीय नेत्र से, अंधकार मैं हरता हूँ।। समुद्र मंथन में निकले जहर से जब सृष्टि डरती है। त्रिलोकों में भयंकर गरल, मैं ही पीता हूँ।। मैं नीलकण्ठ बन दुनिया के दुख दर्द…

प्रेम व्यक्ति में सकारात्मक ऊर्जा भरता है

डॉ. राजेश कुमार शर्मा “पुरोहित”, शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र। 14 फरवरी के दिन वेलेन्टाइन डे, यानि प्रेम दिवस मनाया जाता है। कहा जाता है कि तीसरी शताब्दी में रोम के एक क्रूर सम्राट ने प्रेम करने वालों पर जुल्म ढाए तो वेलेन्टाइन नामक पादरी ने सम्राट के आदेशों की अवहेलना कर दी थी। उन्हें जेल में डाल दिया गया था। 14 फरवरी को उन्हें फांसी पर लटका दिया था। इस तरह प्रेम के लिए बलिदान देने वाले इस सन्त की याद में हर वर्ष 14 फरवरी को यह दिवस मनाया…

“मेरा विचार मेरी अभिव्यक्ति” बना बच्चों का पसंदीदा कार्यक्रम

शिक्षा के क्षेत्र मे पूरे भारत के शिक्षकों व बच्चों के लिए एक बड़ा प्लेटफॉर्म साबित हो रहा है नवोदय क्रांति परिवार। कोरोना काल मे जहाँ बच्चों को सभी विषयों के अध्यापकों द्वारा ऑनलाइन शिक्षण किया गया वही सोशल मीडिया पर निरंतर बच्चों व अभिभावकों से जुड़े रहे। इसी कड़ी मे शुरुआत हुई मेरा विचार मेरी अभिव्यक्ति कार्यक्रम की। कार्यक्रम के राष्ट्रीय संयोजक सुरेश भारद्वाज ने बताया कि लम्बे समय से बच्चों को अभिव्यक्ति के अवसर नहीं मिल पा रहे थे तो हमने बच्चों को विभिन्न विषयों पर बच्चों से ऑनलाइन…