महावीर स्वामी ने दिया था उत्तम ब्रह्मचर्य से उत्तम क्षमा तक दस नियमों का पालन करने का संदेश

दिलीप भाटिया, शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र। महावीर स्वामी ने उत्तम ब्रह्मचर्य से उत्तम क्षमा तक दस नियमों का पालन करने का संदेश सभी श्रावकों को दिया था। पर्यूषण के दस दिनों में भी इनका पालन करने के लिए स्मरण प्रति वर्ष कराया जाता है। पूरी उम्र इनका पालन करना कठिन मानकर कई व्यक्ति मात्र सुन पढ़ लेते हैं। हिंदू महिलाएं सप्ताह में एक दिन सोमवार को शिवजी का व्रत करती हैं। कई हिंदू हनुमानजी की उपासना के लिए मंगलवार शनिवार का व्रत अपनी सुविधानुसार करते हैं। पूर्णिमा एकादशी भी की…

आजादी एक सपना है

अर्चना त्यागी, शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र। आजादी आज भी एक परिकल्पना है। स्वतंत्र भारत अब भी बस एक सपना है। गुलामी अब अंग्रेजों की नहीं है बे रोजगारी और भ्रष्टाचार की है। कश्मीर की है, लद्धाख की है क्रंदन करते यू पी और बिहार की है। आजादी की लड़ाई में आंदोलन और कुर्बानी में। आजाद भारत वो नवयुवक था जो क्रांतिकारियों के मन में था। वो नवयुवक अब प्रोढ़ हो गया है अवहेलना सहकर मौन हो गया है। अंग्रेजी भाषा, विदेशी शिक्षा ग़रीबी, अज्ञानता और अशिक्षा। उसको पग पग बढ़ने…

चाहती हूं

अर्चना त्यागी, शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र। मैं भी अपने हिस्से की जमीं चाहती हूं। अपने हिस्से का आसमां मांगती हूं। फुर्सत के कुछ पल तलाशती हूं। सपनों का महल ढूंढती हूं। मैं भी चाहती हूं बच्चों सा खिलखिलाना। कभी छुप जाना कभी मिल जाना। जब मन हो काम करना। नहीं मन हो तो भाग जाना। बिन बात कभी रूठ जाना मनुहार से फिर मान जाना। मैं भी अपने हिस्से की खुशी चाहती हूं। अपने गम से होना बेपरवाह चाहती हूं। व्याख्याता रसायन विज्ञान व कैरियर परामर्शदाता B-50, अरविंद नगर (जोधपुर)…

सेवानिवृत्त परमाणु वैज्ञानिक दिलीप भाटिया को मिला पर्यावरण मित्र सम्मान 2021

दिलीप भाटिया रावतभाटा (राजस्थान)। वक्ता मंच रायपुर छत्तीसगढ़ की संस्था ने पर्यावरण संवर्धन में विशिष्ट योगदान हेतु रावतभाटा राजस्थान परमाणु बिजली घर से सेवानिवृत्त परमाणु वैज्ञानिक दिलीप भाटिया को पर्यावरण मित्र सम्मान 2021 से सम्मानित किया है। दिलीप सेवा भारती एवम गायत्री केंद्र के माध्यम से एवम व्यक्तिगत रूप में भी नियमित पौधारोपण कर सार संभाल भी करते हैं। दिलीप ईको फ्रेंडली परमाणु बिजली घर पर जानकारी जनता को लेख वार्ता इंटरव्यू यू ट्यूब सेमिनार इत्यादि के माध्यम से देकर जन जागरूकता अभियान में अपना सकारात्मक योगदान देते रहते हैं।…

जनसंख्या नियंत्रण मुद्दा ही नहीं ज़रूरत भी

अर्चना त्यागी, शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र। यह कहने की बात नहीं है कि बढ़ती आबादी हमारी आज़ादी को सीमित करती आ रही है। इंसानों के बढ़ने से संसाधन कम हो रहे हैं। रोजगार के अवसर घट रहे हैं और अपराध बढ़ रहे हैं। अराजकता का माहौल स्थायी हो गया है। ऐसे में जनसंख्या को नियंत्रित करने के लिए यदि कोई कदम उठाया जाता है तो उसका स्वागत करने के बजाय राजनीति करना कितना दुर्भाग्यपूर्ण है ? सभी विपक्षी दल एक जुट होकर कानून का विरोध कर रहे हैं। उन्हे बढ़ती…

बुरा मत मानो

अर्चना त्यागी, शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र। मुश्किलों का दौर है…….. बुरा मत मानो हंस कर टाल दो। दिल पर मत लो वक्त पर डाल दो। समस्या है कोई तो हल निकाल लो। मुश्किलों का दौर है हिम्मत से काम लो। बनती है गर बात तुम्ही हार मान लो। तिकडमी हर शख्स है जल्दी पहचान लो। भलाई है जिसमे उस हार को जीत मान लो। बदलता वक्त ज़रूर है बात गांठ बांध लो। बुरा मत मानो……….. व्याख्याता रसायन विज्ञान व कैरियर परामर्शदाता B-50, अरविंद नगर, जोधपुर राजस्थान

होमवर्क

अर्चना त्यागी, शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र। स्टाफ रूम से डायरेक्टर साहेब के कमरे की और बढ़ते हुए दिनेश सर बस यही सोच रहे थे कि आज़ स्कूल का आखिरी दिन है। सभी टीचर उनके लिए दुआ कर रहे थे, लेकिन वो अपने मन को लगभग आश्वस्त कर चुके थे कि उनका स्कूल से निकलना अब तय है। अपना त्यागपत्र भी उन्होंने लिख कर जेब में डाल रखा था। प्रिंसिपल ने उन्हें अपने कमरे में बुलाने के बजाय डायरेक्टर के कमरे में ही जाने का संदेश भेजा था। दिनेश सर खुद…

शिव

रेखा घनश्याम गौड़, शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र। निर्गुण होकर भी जिसने गुणों का बखान किया है, तत्व का वह विशिष्ट ज्ञान शिव ही है। धतूरे और विष का जिसने पान किया है, सुध और बेसुध में वह सृष्टि का निर्माण शिव ही है।। अक्षर,शास्त्र,वेद और ब्रह्माण्ड का जिसने प्रतिपादन किया है, वर्तमान का वह साक्ष्य प्रमाण शिव ही है।। जीवन और प्रेम का जिसने गान किया है, अनंत काल तक चिरंजीवी वह भगवान शिव ही है।। मृत्युपर्यंत अनुभवों का जिसने चक्रज्ञान लिखा है, चिता में भस्म के व्याख्याता नारायण शिव…

औरत सहनशीलता की मूरत

अदनान सिलावट, शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र। औरत सहन शीलता की मूरत है। समाज के निर्माण मे महिलाओं का बड़ा योगदान है, मगर समाज इस बात को मानने से इंकार किये बैठा है। शायद इसका कारण भी महिलाओं की सहनशीलता है। समाज महिलाओं को लेकर बहुत सख्ती करता है। समाज में महिलाओं को लेकर कई नियम बनाये जाते हैं, मगर पुरुषों के लिये कोई सख्ती नही है। ये कहने में तो अच्छा नही लग रहा है, मगर ये हकीकत है कि जिस औरत (माँ) के कदमों के नीचे ईश्वर ने जन्नत…

पापा की सीख

दिलीप भाटिया, शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र। मैं ऋषित कक्षा चार का विद्यार्थी हूँ। मेरे पापा ने शब्दों से उपदेश, भाषण, सलाह, मार्गदर्शन, कोई सीख नहीं दी। पहले मैं बहुत छोटा था, लेकिन अब जैसे-जैसे मैं कुछ बड़ा हो रहा हूं, तो समझ में आने लगा है कि पापा कहते बहुत ही कम हैं, लेकिन वे करके हम को सीख दे रहे हैं। पापा को मैंने दादाजी की सेवा करते देखा। दादाजी अब नहीं रहे, पापा अब दादी की सेवा कर रहे हैं। दादा-दादी को होम्योपैथिक दवा दिलवाने ले जाते थे।…