विधायिका और कार्यपालिका को राह दिखाती हमारी न्याय प्रणाली

आशुतोष, शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र। कहते हैं घर की बुनियाद अच्छी हो तो छोटे मोटे तूफान थाम लेते हैं। घर का अगर एक सशक्त बीम हो तो बाकियों को भी सशक्त और आर्दश के साथ रहना सिखाती है। इस महामारी काल में देश के चार स्तम्भों में से एक हमारी संवैधानिक व्यवस्था इन दिनों एक मजबूती की तरह सभी स्तम्भों को राह दिखाती नजर आ रही है। उनकी सक्रियता ने देश की इस समय चरमराई स्वास्थ्य सेवाओं पर अपनी पैनी नजर से कार्य के तौर तरीके पर वेहद गम्भीर टिप्पणी…

तड़पते लोग बिलखते परिजन, जिम्मेदार  कौन ?

आशुतोष झा, शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र। भारतीय संविधान में मूल अधिकारों का हनन उस समय एक संगीन मामला बन जाता है, जब परिवार में किसी की मौत हो और उसके अंतिम दर्शन तक न हो। मीडिया और सोशल मीडिया पर दर्द विदारक रिपोर्टो ने क्रूरतापूर्ण रवैये के इस प्रचंड रूप का आये दिन वर्णन किया है, लेकिन सिस्टम का इसपर भी कोई प्रभाव पड़ता नही दिखता। वैसे देखा जाय तो ऐसे कितने परिवार होगे, जिनके अपने अस्पताल गये तो फिर उनसे पुनः भेंट तक नही हुई। यह कैसी व्यवस्था और…

फेकू बाबा (व्यंग्य)

आशुतोष, शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र। कोरोना का रोना लटपट सांस भी छूट रही झटपट।। आया दवा हुए लापरवाह लगी कतारे सजी महफिल फिर सुनसान का दामन थामने सोचने लगी है सरकारें।। मानव तेरी फितरत ने परेशां किया जो चला जाने वाला था उसे वुलावा दिया।। यूं तो रैलियां न निकाला कर ऑन लाइन ही बुलाया कर चुनाव हो या प्रचार हो दो गज तू भी दूरी बनाया कर।। खूब चला तेरा सिक्का जहां में अब न इसे घिसाया कर बात फेकने से हासिल क्या अब न दूजा फेकू बनाया कर।।…

सकल घरेलू उत्पाद का 8% स्वास्थ्य सेवाओं पर खर्च हो

आशुतोष झा, शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र। भारत दुनिया के मुकाबले स्वास्थ्य सेवाओं पर सबसे कम खर्च करती है। हमारे यहां जीडीपी का मात्र 1•२% ही स्वास्थ्य सेवाओं पर खर्च किया जाता है। वक्त आ गया है कि अब इसमें अच्छी खासी बढोतरी की जाय। राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति ने तो राज्य सरकारो को 8-10% तक बजट में खर्च करने की बात कही है, जो औसतन 4-5% ही खर्च कर पाते हैं। आज स्वास्थ्य सेवाओं का चरमराना आम लोगो पर भारी पड़ रहा है। बैड, वेंटिलेटर, आईसीयू, दवाएँ और ऑक्सीजन जैसी जरूरी…

निगरानी तंत्र को मजबूत करने की जरूरत

आशुतोष झा, शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र। एक तो महामारी और उपर से निगरानी तंत्र की गैर जिम्मेदाराना रवैया सिस्टम पर ही सवालिया निशान छोड़ रहा है।यह बात मैं नही यह आंकड़े कह रहे हैं। चारो तरफ हाहाकार है ऐसे में बडी मात्रा में टीका का बर्बाद होना सवालिया निशान खड़ा करता है।अब तक देश में लगभग 44-45 लाख  से अधिक टीका की खुराकें बरबाद हो चुकी है, वो भी उस समय जब देश के अधिकांश हिस्से आज महामारी से त्रस्त हैं। देश की स्वास्थ्य सेवा की बदइंतजामी का यह जीता…

महंगाई की मार, लोग है लाचार, कब सुनेगी सरकार

आशुतोष, शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र। खुदरा बाजार में मँहगाई तो हमेशा से दिखती रही है, लेकिन विवशता तो तब सामने आई जब थोक मँहगाई दर पिछले सारे रिकार्ड को तोड़ते हुए थोक कीमतो पर आधारित मुद्रास्फीति 7•39 प्रतिशत हो गयी है। मँहगाई की यह ऊँची रफ्तार आम लोगो पर भारी है। फरवरी में यह केवल 4•17 ही थी। 2012 में भी थोक मँहगाई 7•4 प्रतिशत हो गयी थी, जिसका गुस्सा मौजूदा सरकार को भुगतना पडा था। तेल की कीमतों में वेतहाशा वृद्धि का असर थोक मँहगाई पर पडना तो फिक्स…

आखिर बंदी की मार आम लोगो पर ही क्यूँ 

आशुतोष, शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र। लॉकडाउन या कर्फ्यू से पीड़ित हमारे शहर कस्बों के लोगो पर एक बार पुनः मार पड़ने वाली है, क्योंकि कोरोना ने अपने पैर फैलाने शुरू कर दिए हैं। कुछ  राज्यो की स्थिति विचलित करने वाली है। महाराष्ट्र, छत्तीसगढ, पंजाब, मध्यप्रदेश, दिल्ली, गुजरात आदि राज्यों के आंकड़े बेचैन करने वाले हैं। कुछ राज्य स्थिति देखकर पहले से ही सर्तक हो गये है। इसकी बढ़ती रफ्तार ने एक बार फिर सभी को दहशत मे डाल दिया है। विगत वर्ष की मार से उबरने की कोशिश कर रहे…

कड़वा सच

आशुतोष, शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र। अपराधी चले अपनी चाल चुप चाप बैठे सरकार ।। दिन दहाड़े लूट हत्या बालात्कार खूब हो रहे विकास रूपी चमत्कार।। शहरों में ऊँचे ऊँचे व्रीज नोचे लगे करोना मरीज।। गांव घर में तरसते लोग माइक पर बरसते पावर के लोग।। हद हो चुकी है वेशर्मी की चैनलों की हठधर्मी की।। बंदी मे भी पीकर मरते लोग पुलिस हो चली निठल्ली लोग शाम होते चढती जाम अब है घर-घर इंतजाम।।                              पटना बिहार

यूँ हीं नहीं कोई राजनीति का चाणक्य बन जाता 

आशुतोष झा, शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र। बदलते हुए बंगाल की आहट सुनाई दे रही है कि जनसैलाब बदलाव चाहता है। राजनीतिक गलियारे खूब चकाचौंध है, जबकि भूख, गरीबी ,वेरोजगारी व महगाई चरम पर है। नंदीग्राम का रोड शो काफी रोचक रहा है। तृणमूल और बीजेपी की सीधी लड़ाई प्रायः सभी जगहो पर है। एक तरफ बीजेपी अपने दृढ़ विश्वास से लवरेज होकर दमदार काम का बखान अपने शब्दों में करती है। दूसरी तरफ अपने किये गये कार्यो का  व्यौरा देकर बीजेपी को कोसा जाता है, लेकिन विश्वास की कमी साफ…

पटना साहिब में आयोजित अखिल भारतीय कूर्मि क्षत्रिय महासभा के कूर्मि सम्मेलन में राष्ट्रीय अध्यक्ष नन्दकुमार बघेल ने किया सत्ता में भागीदारी करने का आहवान

https://youtu.be/oTvoULFm8Hk शि.वा.ब्यूरो, पटना। अखिल भारतीय कूर्मि क्षत्रिय महासभा द्वारा आयोजित बिहार के पटना के दारोगा प्रसाद राय पथ स्थित स्वतंत्रता सेनानी भवन में कूर्मि सम्मेलन आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता समाजसेवी विन्देश्वरी सिंह पटेल ने की। अतिथियों का स्वागत सुधीर कुमार पटेल छत्रपति ने किया। सभा में राष्ट्रीय अध्यक्ष नन्दकुमार बघेल, राष्ट्रीय महासचिव आरएस कनौजिया और राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी कूर्मि कौशल किशोर आर्य को स्मृति चिन्ह और पुष्पगुच्छ भेंट करके सम्मानित किया गया। राष्ट्रीय अध्यक्ष नन्दकुमार बघेल ने कूर्मि समाज को सत्ता पर अधिकार करने के लिए एकजुट होने का…