प्रकृति के अजेय स्पर्श

विनय सिंह “विनम्र”, शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र। मेरी गजल है सुबह” इसको शाम तुम कहोगे अमृत पिलाऊंगा तुम्हें पर जाम तुम कहोगे। ये दरिया है कारवाँ का है डूबना सभी को” मेरी आईना को अक्सर इल्जाम तुम कहोगे। नंगे मचलते सड़क को बचपन की आड़ देकर रंगरेलियों की शोर को बस शाम तुम कहोगे। मैं नीरज हूँ”शोर करना मेरा नहीं है काम सूरज के साथ मुझको एक दिन सलाम तुम करोगे।। -महाकवि नीरजजी”को  समर्पित मेरी कविता।। मझवार, चन्दौली

सिलसिला

विनय सिंह “विनम्र”, शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र। सदियों से उम्मीदें सजाये ये चल है सिलसिला, बीतता हीं जा रहा है ये जहां,ये जहाँ। हवा भी चुप है सघन में खामोश क्यों है आसमां? ले रहें हैं सब्र की ये सख्श किसके इंतहां बीतता हीं जा रहा है ये जहाँ,ये जहाँ। सागर की लहरें कौन सा छुपकर सुनाती हैं गजल मूल तुम देखो नदी की किस श्रोत से बहती अचल पेड़ पर बैठा पपीहा जल श्रोत को ललचा रहा है” बीतता हीं जा रहा ये जहाँ,ये जहाँ। छाया यहाँ है पेड़…

भारतीय जनता पार्टी के जिला कार्यालय में अजीत रावत का भव्य स्वागत किया

शि.वा.ब्यूरो, मिर्जापुर। भारतीय जनता पार्टी के जिला कार्यालय में भाजपा काशी क्षेत्रीय अध्यक्ष अनुसूचित मोर्चा एवं सदर ब्लाक प्रमुख राबर्ट्सगंज अजीत रावत का भव्य स्वागत किया गया। इस अवसर पर अजीत रावत ने कहा कि हमारा लक्ष्य पंडित दीनदयाल उपाध्याय एवं श्यामा प्रसाद मुखर्जी के सपनों को साकार करना है। इसके साथ ही अनुसूचित समाज को एक अच्छे मार्ग पर चलने का संकल्प भी हमारा ध्येय है, जो सिर्फ भारतीय जनता पार्टी के द्वारा ही प्राप्त हो सकता है। उन्होंने अनुसूचित समाज का आह्वान किया कि आगामी विधानसभा चुनाव 2022…

सत्य का आभाष

विनय सिंह “विनम्र” शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र। मैं जानता हूं वो वहाँ नहीं होगा! पत्थरों के बुत में जीवित खुदा नहीं होगा। जो हवाओं, खुशबुओं, आकाश में विचरता है वह अपनें आप से इतना खफा नहीं होगा। वो बिना शब्द की आवाज को भी सुनता है किसी शोर से उसकी इल्तिजा नहीं होगा। वह अनंत विस्तार से भी गहरा है कोई भी धर्म तो इतना बडा नहीं होगा। समय पर फूल कुछ खिलते रहेंगे मौसम के जहाँ को खुशबुओं से भर दें, ये दायरा नहीं होगा। वक्त जिंदगी के पन्नों…

ऊर्जा एवं अतिरिक्त स्रोत ऊर्जा राज्य मंत्री रमाशंकर सिंह पटेल ने किया रक्तदान शिविर का उद्घाटन

शि.वा.ब्यूरो, मिर्जापुर। कृष्णा हॉस्पिटल मिशन कंपाउंड में रोटरी क्लब के तत्वाधान में आयोजित रक्तदान शिविर का उद्घाटन बतौर मुख्य अतिथि ऊर्जा एवं अतिरिक्त स्रोत ऊर्जा राज्य मंत्री रमाशंकर सिंह पटेल ने किया। रक्तदान शिविर में रोटरी क्लब के सदस्यों द्वारा रक्तदान किया गया। इस अवसर पर ऊर्जा एवं अतिरिक्त स्रोत ऊर्जा राज्य मंत्री रमाशंकर सिंह पटेल ने कहा कि रक्तदान अपनाओ, सबका जीवन बचाओ के तहत रक्तदान एक बहुत ही पुनीत कार्य है। इस दान से बहुतों की जिंदगी बचाई जा सकती है। उन्होंने कहा कि आज हमारे समाज के…

भटक गये हैं डॉ. सोनेलाल पटेल के अनुयायी

शि.वा.ब्यूरो, मिर्ज़ापुर। राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त प्रतिष्ठित सामाजिक संगठन अखिल भारतीय कूर्मि कुलवंशज जागरूकता मंच के राष्ट्रीय कार्यालय पर आज 02 जुलाई को आयोजित बैठक में कमेरा समाज के सर्वमान्य नेता मौजूद रहे। इस अवसर पर डॉ. सोनेलाल पटेल की 72वीं जयंती मनाई गई। इस अवसर पर संगठन के संस्थापक एवं राष्ट्रीय संयोजक चौधरी धीरेन्द्र सिंह पटेल उर्फ धीरूभाई पटेल (दादा) ने डॉ. पटेल को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि डॉ. पटेल बौद्ध धर्म के सच्चे अनुयायी थे। भारत में कमेरा समाज के राजनीतिक चेतना को जागृत करने में…

पतन

विनय सिंह “विनम्र”, शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र। धनुष! शिखर पर टूट रहा तिलस्मी समाज है मौन?? सभी जुगत से शामिल इसमें कहे किसे,कैसे फिर कौन?? घृणित दृष्टी से दृश्य स्वयं बोझिल होकर रोती है दुराचारियों की करनी नारी की लाशें ढोती है। अरे नर्तकों नर-तन तेरा माटी का पुतला है उपर से लग रहा स्वेत पर अभयंतर में धुधला है। संविधान वो प्रावधान जो सबलों को बल देता है अभावग्रस्त की छाती पे चढ रौंद उन्हें चल देता है। स्वर्ण जडित जो नर कपाल हो वहीं उसे भाता है न्याय…

पीछे छूटती जिन्दगी

अखिलेंद्र कुमार सिंह, शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र।         भारत में ईस्ट इंडिया कम्पनी से बड़ी कोई कम्पनी अभी तक मेरी जानकारी में नहीं हुई। उसका वजूद तो समाप्त हो गया, लेकिन उसके निशान कहीं-कहीं बाकी हैं। आधुनिक भारत में न जाने कितनी कम्पनियां रजिस्टर्ड हैं, इनमें से कुछ कम्पनियों से भारत के कुछ तथाकथित सेक्युलर भ्रमित नेताओं को डर है कि वर्तमान में सरकारी कम्पनी बेचकर सरकार देश की अर्थव्यवस्था को चौपट कर रही है, यह कतई संभव नहीं है। अपने भ्रम से देश की जनता को…

मेरे पिताजी

विनय सिंह “विनम्र”, शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र। जन्म के जो देवता थे! मृत्यु का वरदान भी ग्यान की गंगा सहज हीं योग का वे ध्यान भी क्षितिज और आकाश में मेरा समर्पण देव को यदि पुरुषार्थ से है सींचता कारण वहीं इस शरीर के हैं देवता” मेरे पिता,मेरे पिता!! प्राण क्या है..?? रक्त में जो सींचता है स्वांस की सरगम सदा उड़ रहा अविलम्ब आकांक्षा लिये आकाश सा गिर रहा है भूमि पर पर धूल कण को झाड़कर फिर उंचाई ताडकर मुट्ठियों को कस रहा है भींचकर फिर उड़ेगा.. अभिलाषा…

नूतन साहित्य कुंज द्वारा सम्मानित हुए कवि विश्वजीत विश्वज

शि.वा.ब्यूरो, चंदौली। लोकप्रिय साहित्यिक समूह  नूतन साहित्य कुंज ने ऑनलाइन कार्यक्रम करके कवि विश्वजीत विश्वज को उनके महती योगदान के लिए सम्मानित किया। चन्दौली निवासी विश्वजीत  प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के साथ ही हिंदी माँ के प्रति अपनी जिम्मेवारी का निर्वाह करते हैं। कविताओं की रचना के साथ ही नूतन साहित्य कुंज के लिए नियमित दैनिक कार्यक्रम समय से बनाकर उपलब्ध कराते हैं। नूतन साहित्य कुंज के अध्यक्ष साहित्यकार डॉ अवधेश कुमार अवध ने विश्वजीत को विश्वज उपनाम देकर अलंकृत किया। कुंज की उपाध्यक्ष डॉ ममता बनर्जी मंजरी ने कार्यक्रम…