मां दुर्गा

मुकेश कुमार ऋषि वर्मा, शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र। मां दुर्गा के श्री चरणों में नमन, मां के पावन चरणों की धूल सम चंदन । मां दुर्गा संपूर्ण सृष्टि रचयिता – ममतामयी मां का अभिनंदन ।। सिंघ की सवारी करती, सज्जनों की रक्षा हेतु दुष्टों का संहार करती । मां शेरावाली आओ द्वार, स्वागतम… भक्तों की भरती झोली, खुशियां अपार देती ।। ग्राम रिहावली, डाक घर तारौली गुर्जर, फतेहाबाद, आगरा, उत्तर प्रदेश

विश्वशांति के संदेश वाहक थे गुरु नानक देव

मुकेश कुमार ऋषि वर्मा, शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र। जब समाज में घोर आडंबर, अंधविश्वास, झूठें कर्मकांडों का बोलबाला बढ़ जाता है और धर्म की हानि होने लगती है, तब इस संसार में संत अवतरित होते हैं । मानव के भीतर से मानवता मर जाती है और इंसान इंसान से नफरत करने लगता है, तब संत अज्ञानी मानव को राह दिखाते हैं । ऐसे ही एक संत अखण्ड भारत में अवतरित हुए, जिनको संसार ने श्री गुरु नानक देव जी के नाम से जाना – माना और पहचाना ।नानक साहिब जी…

श्राद्ध

मुकेश कुमार ऋषि वर्मा, शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र। अपने पुरखों की आत्मा की तृप्ति के लिए वैदिक काल से हम करते आ रहे हैं श्राद्ध पीढ़ी दर पीढ़ी यह परंपरा जीवित है कौओं को पकवान खिलाकर हम अपने कर्तव्य की इतिश्री कर लेते हैं । सुनो साथियों – जीते जी अपने बुजुर्गों की ले लो सुध बाद मृत्यु के शोक मनाने, भंडारे करने का क्या मतलब ? पितृऋण अगर चुकाना चाहते हो, पितृमुक्ति अगर चाहते हो तो उनके जीते जी ही उनकी जीवित आत्मा को तृप्त करो । मरने के…

बच्चों में संस्कारों का बीजारोपण अवश्य करें

मुकेश कुमार ऋषि वर्मा, शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र। संस्कार वह क्रिया है जिसके संपन्न होने पर कोई भी योग्य बन जाता है । जिस प्रकार एक पौधे को खाद -पानी की अति आवश्यकता होती है, ठीक वैसे ही एक बच्चे के लिए संस्कारों की अति आवश्यकता होती है । भारतीय संस्कृति में संस्कारों पर बहुत अधिक बल दिया गया है । मनुष्य के सर्वांगीण विकास के लिए संस्कारों का होना अति आवश्यक है । बच्चों में अच्छे संस्कारों का बीजारोपण शुरू से ही कर देना चाहिए । बच्चों को मोबाइल,…

हे लंबोदर

मुकेश कुमार ऋषि वर्मा, शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र। हे लम्बोदर ! सर्वप्रथम तुमको नमन रिद्धि-सिद्धि प्रदाता खाली झोली भरता । शिव पार्वती नंदन तुम्हारी चरणरज चंदन ।। जय-जय हे गजानन ! तेरी जगगाता महिमा मंडन प्रभु तुम्हारा वंदन-वंदन । उमासुत उर बीच तस्वीर नाम लेत मिटते सर्व क्लेश धर्म के रक्षक पुत्र महेश ‌। गिरिजा के प्रिय लाल शिव के अभिमान बना दो हमारी भी पहचान । ग्राम रिहावली, डाकघर तारौली गुर्जर, फतेहाबाद, आगरा, उत्तर प्रदेश

कवि की पीड़ा

मुकेश कुमार ऋषि वर्मा, शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र। वैसे मुझे कोई कविता- फविता करना आता नहीं । हां अगर कहीं किसी दुखियारे को देख लूं या किसी नेता, अफसर, रहीस की अय्याशी, हरामीपन नजर आ जाए तो पता नहीं कैसे कविता बन जाती है । मेरी कलम धकाधक डीजल इंजन की तरह कच्चा धुआं फेंकने लगती है । अक्सर कुछ जान पहचान वाले मेरा मजाक बना कर ऐसे मजे लूटते हैं, जैसे माता के जागरण में हलुवा लूटा जाता है । लोग मुझे कवि कहते हैं तो पता नहीं क्यों…

आजादी अभी अधूरी है

अवधेश कुमार निषाद मझवार, शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र। वीर शहीद जो वतन पर शहीद हुए, सम्मान उन्हें अभी बाकी है | जिस पथ पर चले वो आजादी के लिए, उस पथ पर अपनी लाश बिछा दी थी || आजादी अभी अधूरी है……………… जिनको वास्तव में शहीदों का दर्जा मिले, गुमनाम शहीद अभी बाकी है | कम उम्र में फांसी पर झूल गए, इंसाफ उन्हें अभी बाकी है || आजादी अभी अधूरी…………… वे चाहते थे उनके सपनों का, भारत एक विश्व विख्यात बने | गुलामी की जंजीरों से मुक्ति मिले, देश…

दरोगाजी की उदारता

मुकेश कुमार ऋषि वर्मा, शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र। दरोगा जी ने सरकारी गाड़ी रुकवा दी। अचानक से गाड़ी रुकने पर कांस्टेबल रामफल मुंह फाड़ कर एक टक दरोगा जी को देखने लगा। मुंह बंद कर, दारू की बदबू आ रही है। ये ले मेरा फोन वीडियो प्लस फोटोग्राफी अच्छे से करना। दरोगा जी ने रामफल को आदेश दिया । फुटपाथ पर एक बीमार सा व्यक्ति फटे पुराने चीथड़ों में लिपटा हुआ पड़ा था। उसके पास आकर दरोगा जी ने प्यार से उसे उठाया और ढाबे से लाईं रोटियां बीमार आदमी…

गली का गुंडा (लघुकथा)

मुकेश कुमार ऋषि वर्मा, शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र। कभी गली का गुंडा हुआ करता था हरेराम। एक दिन नेताजी के कार्यक्रम में पूडी-सब्जी खाने के लिये चला गया और फिर उसी दिन से हरेराम नेताजी की पार्टी का कर्मठ कार्यकर्ता बन गया। अब हरेराम के गले में पार्टी का गमछा होता और माथे पर एक हाथ लंबा तिलक। नेताजी का खासमखास हरेराम दिन दूनी, रात चौगुनी उन्नति करते-करते शहर का सबसे बड़ा उभरता युवा नेता बन गया । चुनावों का सीजन आ गया। हरेराम ने विधायकी की टिकट हेतु पार्टी…

अगस्त क्रांति

मुकेश कुमार ऋषि वर्मा, शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र। अमर क्रांति का दिवस आया, अगस्त क्रांति का दिवस आया । इस पावन बेला में, साथी नवयुग लाने का प्रण करते हैं । मां भारती के चरणों में शीश चढ़ाने का प्रण करते हैं ।। नौ अगस्त है ऐतिहासिक क्रांति दिवस, अंग्रेजों भारत छोड़ो… मुंबई में क्रांतिवीरों ने हुंकार भरी । गोरी अंग्रेजी सत्ता बहुत डरी ।। पन्द्रह अगस्त सन सैंतालीस में, हम सब भारतवासियों को आजादी की सांस मिली । हजारों-लाखों शहादतों के वाद यह पावन आजादी मिली।। हमने मां भारती…