शिवपुराण से……. (296) गतांक से आगे…….रूद्र संहिता, द्वितीय (सती) खण्ड

संध्या की तपस्या, उसके द्वारा भगवान शिव की स्तुति तथा उससे संतुष्ठ हुए शिव का अभीष्ट वर दे मेधातिथि के यज्ञ में भेजना ……….. गतांक से आगे…………… यो बह्मा कुरूते सृष्टि यो विष्णुः कुरूते स्थितिम्। संहरिष्यति यो रूद्रस्तस्मैं तुभ्ये नमो नमः।। नमो नमः कारणाकारणाय दिव्यामृतज्ञानविभूतिदाय। समस्त लोकान्तरभूतिदाय प्रकाशरूपाय परात्पराय।। यस्यापरं नो जगादुच्यते पदात् क्षितिर्दिशः सूर्य इन्दुर्मनोजः। बर्हिमुखा नाभितश्चान्तरिक्षं तस्मै दुभ्यं शम्भवे मे नमोअस्तु।। त्वं परः परमात्मा च त्यं विद्या विविधा हरः सद्ब्रह्म च परं ब्रह्म विचारणपरायणः।। यस्य नादिर्न मध्यं च नान्तमस्ति जगद्यतः। कथं स्तोष्यामि तं देवमवांगमनसगोचरम्।। (शि.पु.रू.सं.स.खं.6।18-23) ब्रह्मा आदि देवता…

शिवपुराण से……. (295) गतांक से आगे…….रूद्र संहिता, द्वितीय (सती) खण्ड

संध्या की तपस्या, उसके द्वारा भगवान शिव की स्तुति तथा उससे संतुष्ठ हुए शिव का अभीष्ट वर दे मेधातिथि के यज्ञ में भेजना ……….. गतांक से आगे…………… प्रधान (प्रकृति) और पुरूष जिनके शरीररूप से प्रकट हुए हैं अर्थात् वे दोनों जिनके शरीर हैं, इसीलिए जिनका यथार्थ रूप अव्यक्त (बुद्धि से परे) है, उन भगवान् शंकर को बारंबार नमस्कार है। जो ब्रह्मा होकर जगत् की सृष्टि करते हैं, जो विष्णु होकर संसार का पालन करते हैं तथा जो रूद्र होकर संसार का संहार करेंगे, उन्हीं आप भगवान् सदाशिव को बारंबार नमस्कार…

शिवपुराण से……. (294) गतांक से आगे…….रूद्र संहिता, द्वितीय (सती) खण्ड

संध्या की तपस्या, उसके द्वारा भगवान शिव की स्तुति तथा उससे संतुष्ठ हुए शिव का अभीष्ट वर दे मेधातिथि के यज्ञ में भेजना ……….. गतांक से आगे…………… उस दिव्य, चिन्मय, सगुण, साकार विग्रह से सुशोभित आप योगयुक्त भगवान् शिव को नमस्कार है। आकाश, पृथ्वी, दिशाएं, जल, तेज तथा काल-ये जिनके रूप हैं, उन आप परमेश्वर को नमस्कार है। संध्योवाच- निराकारं ज्ञानगम्यं परं यन्नैव स्थूलं नापि सूक्ष्मं न चोच्चम्। अन्तश्चिन्त्यं योगिभिस्तस्य रूपं तस्मैं तुभ्यं लोककत्रें नमाअस्तु।। शर्वं शान्तं निर्मलं निर्विकारं ज्ञानगम्यं स्वप्रकाशेअविकारम्। खाध्वप्रख्यं ध्वान्तमार्गात्परस्ताद् रूपं यस्य त्वां नमामि प्रसन्नम्।। एंक शुद्ध…

शिवपुराण से……. (293) गतांक से आगे…….रूद्र संहिता, द्वितीय (सती) खण्ड

संध्या की तपस्या, उसके द्वारा भगवान शिव की स्तुति तथा उससे संतुष्ठ हुए शिव का अभीष्ट वर दे मेधातिथि के यज्ञ में भेजना ……….. गतांक से आगे……… जब उसे दिव्य दृष्टि और दिव्य वाणी प्राप्त हो गयी, तब वह कठिनाई से ज्ञात होने वाले जगदीश्वर शिव को प्रत्यक्ष देखकर उनकी स्तुति करने लगी। संध्या बोली-जो निराकार और परम ज्ञानगम्य हैं, जो न तो स्थूल हैं, न सूक्ष्म हैं और न उच्च ही हैं तथा जिनके स्वरूप का योगीजन अपने हृदय के भीतर चिन्तन करते हैं, उन्हीं लोकसृष्टा आप भगवान् शिव…

साल का पहला चंद्र ग्रहण आज दोपहर 2 बजकर 17 मिनट से

शि.वा.ब्यूरो, नई दिल्ली। सूरज या चंद्रमा पर ग्रहण लगना एक खगोलीय घटना है, जो हर साल अलग-अलग समय पर घटती है। ग्रहण को राशि और लोगों के भाग्य से जोड़कर भी देखा जाता है। इस साल कुल चार ग्रहण लगेंगे। जिसमें दो सूर्य ग्रहण और दो चंद्र ग्रहण होंगे। साल का पहला ग्रहण भारतीय समयानुसार दोपहर 2 बजकर 17 मिनट से आज शुरू हो जाएगा। इस चंद्र ग्रहण को भारत के साथ-साथ दक्षिण अफ्रीका, पूर्वी एशिया, ऑस्ट्रेलिया और उत्तर अमेरिका के अधिकांश हिस्से में देखा जा सकेगा। इसके अलावा इस…

शिवपुराण से……. (292) गतांक से आगे…….रूद्र संहिता, द्वितीय (सती) खण्ड

संध्या की तपस्या, उसके द्वारा भगवान शिव की स्तुति तथा उससे संतुष्ठ हुए शिव का अभीष्ट वर दे मेधातिथि के यज्ञ में भेजना ……….. गतांक से आगे……… ब्रह्माजी कहते है-मेरे पुत्रों में श्रेष्ठ महाप्राज्ञ नारद! तपस्या नियम का उपदेश दे जब वसिष्ठ जी अपने घर चले गये, तब तप के उस विधान को समझकर संध्या मन-ही-मन बहुत प्रसन्न हुई। फिर तो वह सानन्द मन से तपस्विनी के योग्य वेष बनाकर बृहल्लोहित सरोवर के तटपर ही तपस्या करने लगी। वसिष्ठ जी ने तपस्या के लिये जिस मन्त्र को साधन बताया था,…

डा. जगदीश गाँधी को मिलेगा इंग्लैण्ड का प्रतिष्ठित ग्लोबल पायनियर अवार्ड

शि.वा.ब्यूरो, लखनऊ। सिटी मोन्टेसरी स्कूल के संस्थापक डा. जगदीश गाँधी को शिक्षा के क्षेत्र में अतुलनीय योगदान हेतु इंग्लैण्ड के प्रतिष्ठित ग्लोबल पायनियर अवार्ड-2021 हेतु चयनित किया गया है, जो कि लखनऊ के लिए ही नहीं अपितु देश के लिए गौरव की बात है। बता दें कि डा. जगदीश गाँधी विगत 62 वर्षों से सम्पूर्ण विश्व में शिक्षा के माध्यम से एकता व शान्ति स्थापना में जी-जान से जुटे हैं। डा. गाँधी के मार्गदर्शन में सिटी मोन्टेसरी स्कूल पिछले 20 वर्षों से लगातार विश्व के मुख्य न्यायाधीशों के अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन…

डॉ. शम्भू पवार व निक्की शर्मा सहित 5 को मिली श्रीलंका से डॉक्टरेट की मानद उपाधि

शि.वा.ब्यूरो, नई दिल्ली। श्रीलंका की प्रसिद्ध संस्था नमल जीवानन्द फाउंडेशन (NJF) ने भारत की 5 शख्सियतों को डॉक्टरेट की मानद उपाधि से अलंकृत किया है। एनजेएफ के प्रमुख डॉ. नमल जीवानन्द एवं निदेशक डॉ उवैस ने धराधाम इंटरनेशनल के प्रमुख सौहार्द शिरोमणि व निदेशक डॉ. सौरभ पाण्डेय के प्रस्ताव पर अंतरराष्ट्रीय शांति दूत, वरिष्ठ पत्रकार एवं नेशनल चाइल्ड एवं वूमेन डेवलपमेंट काउंसिल (मीडिया) के राष्ट्रीय सचिव डॉ. शंभू पवार चिड़ावा, साहित्य शिरोमणि डॉ.निक्की शर्मा भागलपुर, अंतरराष्ट्रीय कवियत्री, लेखिका एवं एंकर अंशु पाल “अमृता”नई दिल्ली, कोरोना जांच में विश्व रिकॉर्ड बनाने…

इस साल का पहला चंद्र ग्रहण 26 मई को

शि.वा.ब्यूरो, नई दिल्ली। सूरज या चंद्रमा पर ग्रहण लगना एक खगोलीय घटना है, जो हर साल अलग-अलग समय पर घटती है। ग्रहण को राशि और लोगों के भाग्य से जोड़कर भी देखा जाता है। इस साल कुल चार ग्रहण लगेंगे। जिसमें दो सूर्य ग्रहण और दो चंद्र ग्रहण होंगे। साल का पहले ग्रहण 26 मई को लगेगा, जो चंद्र ग्रहण होगा। इस चंद्र ग्रहण को भारत के साथ-साथ दक्षिण अफ्रीका, पूर्वी एशिया, ऑस्ट्रेलिया और उत्तर अमेरिका के अधिकांश हिस्से में देखा जा सकेगा। इसके अलावा इस चंद्र ग्रहण को प्रशांत…

गनीमत: पाक विदेश मंत्री ने 21 महीने बाद माना, जम्मू-कश्मीर से 370 हटाना भारत का आंतरिक मसला

शि.वा.ब्यूरो, नई दिल्ली। पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाए जाने को लेकर एक बड़ा बयान दिया है। पाकिस्तान के न्यूज चैनल समा टीवी को दिए इंटरव्यू में महमूद कुरैशी ने आर्टिकल 370 को भारत का आंतरिक मामला माना है। अभी तक पाकिस्तान आर्टिकल 370 हटाए जाने का विरोध करता रहा है, लेकिन आर्टिकल 370 हटने के 21 महीने बाद महमूद कुरैशी ने सार्वजनिक तौर पर इसे भारत का आंतरिक मसला बताया है। ज्ञात हो कि केंद्र सरकार ने 5 अगस्त 2019 को जम्मू-कश्मीर…