शिवपुराण से……. (279) गतांक से आगे…….रूद्र संहिता (प्रथम सृष्टिखण्ड़)

भगवान् शिव का कैलास पर्वत पर गमन तथा सृष्टिखण्ड़ का उपसंहार गतांक से आगे……….. मुने! तदन्तर श्रीविष्णु के साथ मैं तथा अन्य सब देवता और मुनि मनोवांछित वस्तु पाकर आनन्दित हो भगवान् शिव की आज्ञा से अपने-अपने धाम को चले गये। कुबेर भी शिव की आज्ञा से प्रसन्नतापूर्वक अपने स्थान को गये। फिर वे भगवान् शम्भू, जो सर्वथा स्वतंत्र हैं, योगपरायण और ध्यानतत्पर हो पर्वत प्रवर कैलास पर रहने लगे। कुछ काल बिना पत्नी के ही बिताकर परमेश्वर शिव ने दक्ष कन्या सती को पत्नी रूप में प्राप्त किया। देवर्षे!…

एकता तथा शांति की पौधशाला हैं विद्यालय

डाॅ. जगदीश गाँधी, शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र। विद्यालय शांति की पौधशालाएँ हैं। इन्हीं पौधशालाओं में बच्चों के मस्तिष्क में बचपन से ही शांति रूपी बीज को बोने के साथ ही एकता रूपी खाद और मानवता रूपी पानी से सींचकर उन्हें विश्व नागरिक के रूप में तैयार किया जाता है। हमारा मानना है कि युद्ध के विचार सबसे पहले मनुष्य के मस्तिष्क में पैदा होते हैं, इसलिए मनुष्य को शान्ति की सीख देने के लिए हमें मनुष्य के मस्तिष्क में ही शान्ति के विचार रोपित करने होंगे, जिसके लिए सबसे श्रेष्ठ…

सौहार्द दिवस के रूप में मनेगा डॉ. सौरभ पाण्डेय का जन्मदिन

डॉ. शम्भू पंवार, नई दिल्ली। विश्व मे सर्वधर्म सम्भाव और समरसता फैलाने में महत्वपूर्ण भूमिका‌ निभा रहे धराधाम इण्टरनेशनल के प्रमुख सौहार्द शिरोमणि डॉ. सौरभ पाण्डेय का जन्मदिन 31 मार्च को सौहार्द दिवस के रूप में मनाया जायेगा। यह निर्णय धराधाम इंटरनेशनल के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की बैठक में लिया गया। ऑनलाइन बैठक में दो दर्जन से अधिक देशों के धराधाम प्रतिनिधियों ने प्रतिभाग लिया। बैठक में थाईलैंड से प्रेम प्रकाश पाण्डेय, मुंबई से त्रियोगी नारायण पाण्डेय, यूनाइटेड किंगडम से डॉ. सतनाम देवचार, केन्या से ग्लैडिज,  डॉ. एहसान अहमद, डॉ.…

अंतरराष्ट्रीय काव्य मंच ने बनाया कीर्तिमान, 8 देशों के 100 कवियों ने किया काव्य पाठ 

डॉ. शम्भू पंवार, नई दिल्ली। अंतरराष्ट्रीय काव्य प्रेमी मंच तंजानिया द्वारा विश्व पटल पर ऑन लाइन  काव्य सम्मेलन का भव्य आयोजन किया गया। सुबह से रात्रि तक 12 घंटे निरंतर चले इस भव्य काव्य सम्मेलन  में रचनाकारों ने मां भारती के शहीद लाडले वीर सपूतों के व्यक्तित्व ओर कृतित्व को अपनी रचनाओं में व्याख्यायित करते हुए, काव्यमय श्रद्धांजलि अर्पित की। अंतरराष्ट्रीय काव्य प्रेमी मंच की संस्थापक डॉ. ममता सैनी (तंजानिया) ने बताया कि कवि सम्मेलन में डॉ. जितेंद्र भारद्वाज, प्रीतम कुमार झा, विनीता श्रीवास्तव ( भारत), श्रद्धा सिन्हा (अमेरिका), डॉ.मीनू…

डॉ. जगदीश गाँधी ने की प्रधानमंत्री मोदी व अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन से विश्व संसद के शीघ्र गठन की अपील

शि.वा.ब्यूरो, लखनऊ। भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन के बीच प्रारम्भिक वार्तालाप में ही एक अन्तर्राष्ट्रीय व्यवस्था बनाने की बात का आहवान करते हुए सिटी मोन्टेसरी स्कूल के संस्थापक डाॅ. जगदीश गाँधी ने आज यहाँ एक प्रेस कान्फ्रेन्स को सम्बोधित करते हुए एक पत्र द्वारा दोनो देशों के महान नेताओं से एक विश्व संसद के शीघ्र गठन की ज़ोरदार पेशकश की। अपने पत्र में डाॅ. जगदीश गाँधी ने मोदी व बाइडन से अपील की कि वे विश्व के राजनेताओं की एक मीटिंग बुलाएँ व मानवता…

पर्यटन के लिहाज से अयोध्या को दुनिया का सबसे खूबसूरत शहर बनाने में जुटे सीएम योगी, जल्द मौके पर आकर करेंगे भौतिक निरीक्षण

शि.वा.ब्यूरो, अयोध्या। विश्व के पर्यटन नक्शे पर अयोध्या का शुमार दुनिया के श्रेष्ठतम शहरों में हो, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ये मंशा है। उनकी इसी मंशा के तहत अयोध्या को दुनिया का सबसे खूबसूरत धार्मिक पर्यटन शहर बनाने का कार्य हो रहा है। शहर की तमाम सड़कों का चौड़ीकरण किया जा रहा है। शहर में कारों के लिए मल्टीलेवेल पार्किंग बनाने तथा अयोध्या के बस एवं रेलवे स्टेशन को नया रुप दिया जा रहा है। अयोध्या को सोलर सिटी बनाए जाने की भी तैयारी  है। अयोध्या को विश्वस्तरीय मेगा सिटी…

शिवपुराण से……. (273) गतांक से आगे…….रूद्र संहिता (प्रथम सृष्टिखण्ड़)

यज्ञदत्त-कुमार को भगवान् शिव की कृपा से कुबेरपद की प्राप्ति तथा उनकी भगवान् शिव के साथ मैत्री गतांक से आगे……….. अब एकचित्त होकर सुनो कि किस प्रकार सदा के लिए उसकी भगवान् शिव के साथ मित्रता हो गयी। मैं इस प्रसंगका तुमसे वर्णन करता हूं। नारद! पहले के पाद्यकल्प की बात है, मुझे ब्रह्मा के मानस पुत्र पुलस्त्य से विश्रवा का जन्म हुआ और विश्रवा के पुत्र वैश्रवण (कुबेर) हुए। उन्होंने पूर्वकाल में अत्यन्त उग्र तपस्या के द्वारा त्रिनेत्रधारी महादेव की आराधना करके विश्वकर्मा की बनायी हुई इस अलकापुरी का…

मै न होता, तो क्या होता

शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र। सुंदरकांड में एक प्रसंग आया है, जब अशोक वाटिका में जिस समय रावण क्रोध में भरकर तलवार लेकर सीता माँ को मारने के लिए दौड़ पड़ा, तब हनुमान जी को लगा कि इसकी तलवार छीन कर इसका सर काट लेना चाहिये, किन्तु अगले ही क्षण उन्हों ने देखा कि मंदोदरी ने रावण का हाथ पकड़ लिया। यह देखकर वे गदगद हो गये और सोचने लगे कि यदि मैं आगे बढ़ता तो मुझे भ्रम हो जाता कि यदि मै न होता तो सीता जी को कौन बचाता?…

तो इसलिए राम-कैकई एक-दूसरे को करते थे सर्वाधिक प्यार

शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र। एक बार युद्ध में राजा दशरथ का मुकाबला बाली से हो गया। राजा दशरथ की तीनों रानियों में से कैकयी अस्त्र-शस्त्र और रथ चालन में पारंगत थीं, इसलिए कई बार युद्ध में वह दशरथ जी के साथ होती थीं। जब बाली और राजा दशरथ की भिडंत हुई उस समय भी संयोग वश कैकई साथ ही थीं। बाली को तो वरदान था कि जिस पर उसकी दृष्टि पड़ जाए उसका आधा बल उसे प्राप्त हो जाता था। स्वाभाविक है कि दशरथ परास्त हो गए. बाली ने दशरथ…

अंतरराष्ट्रीय कवि सम्मेलन संपन्न

पूनम चतुर्वेदी शुक्ला, ऑस्ट्रेलिया। विश्व हिंदी सचिवालय मॉरीशस, न्यू मीडिया सृजन संसार ग्लोबल फाउंडेशन एवं सृजन ऑस्ट्रेलिया अंतरराष्ट्रीय ई- पत्रिका के संयुक्त तत्वावधान में एक अंतरराष्ट्रीय कवि सम्मेलन संपन्न हुआ। कैलिफोर्निया अमेरिका से प्रो नीलू गुप्ता के अध्यक्षता में आयोजित हुए इस कवि सम्मेलन में दुनियाभर से हिन्दी रचनाकार सम्मिलित हुए। मुख्य अतिथि के रूप में पू. प. विश्वविद्यालय शिलांग मेघालय प्रो. हितेंद्र मिश्रा उपस्थित रहे। यह कवि सम्मेलन विश्व हिंदी सचिवालय, मॉरीशस के महासचिव प्रो. विनोद कुमार मिश्र के सान्निध्य संपन्न हुआ, जिसमें सृजन ऑस्ट्रेलिया अंतरराष्ट्रीय ई- पत्रिका के…