गुमनाम क्रांतिवीरों को श्रद्धांजलि देने के लिए दूरदर्शन पर लाल रेखा का प्रसारण 31 अक्टूबर से

संजय शर्मा ‘राज’, मुंबई। कमलाश्री फिल्म्स प्रा.ऽलि. के बैनर तले, निर्माता -निर्देशक दिलीप सोनकर के निर्देशन में दूरदर्शन के राश्ट्रीय चैनल और दूरदर्शन अरूणप्रभा के लिए बनाये गए स्वतंत्रता संग्राम की पृश्ठभूमि पर आधारित धारावाहिक लाल रेखा, जो असम राज्य के उन गुमनाम क्रांतिकारियों के शौर्य की गाथा को दर्शाएगी, जिन्होने देश की आजादी में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया था। धारावाहिक का प्रसारण 31 अक्टूबर से प्रत्येक शनिवार और रविवार शाम 7 बजे से किया जाएगा। आज इस धारावाहिक का पोस्टर और प्रोमो मुम्बई के अंधेरी स्थित व्यंजन बैंक्वेट हाल में टीवी जगत के जाने माने कलाकारों और निर्माताओं के द्वारा दर्शकों के लिए लांच किया गया। इस विशेश अवसर पर आतिथियो में प्रसिद्द लेखक और निर्माता महेश पांडेय, पियूश गुप्ता, दौलत सिंह रावत , संतोश गायकवाड़, राकेश कुमार यादव, सुरेश तिवारी, प्रमोद सिंह, हिमांशु तिवारी, मोहम्मद रफी, ज्ञान सिंह और दिव्य ज्योति भराली आदि फिल्मी दुनिया से जुड़े सैकड़ो लोगों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। धारावाहिक के निर्माता -निर्देशक दिलीप सोनकर ने बताया किश् लाल रेखा श् असम की वादियों में जन्मी एक ऐसी प्रेम कहानी हैं, जिसके मुख्य पात्र लाल और रेखा, सच्चे देश भक्त और क्रांतिकारी हैं।

धारावाहिक लाल -रेखा में गुवाहाटी के जीवितेश मजुमदार ने मुख्य पात्र लाल की भूमिका निभाई हैं, वही असम में पली- बढ़ी सुदीप्ता बंदोपाध्याय रेखा की भूमिका में नजर आएँगी। इसके साथ ही बॉलीवुड और असम के नामचीन कलाकारों से युक्त धारावाहिक में अरुण बख्शी, मुकुल नाग (साईं बाबा फेम ),अनुपम श्याम ओझा (सज्जन सिंह ) पृथ्वी जुत्शी, बीरबल खोंसला, मिथलेश चतुर्वेदी, गरिमा अग्रवाल, संगीता श्रीवास्तव, मयंक मिश्रा, कुणाल सिंह राजपूत, ललित मल्ला, पारस धांगोरिया, अंशुमा शेकिया, भूमिका कलिता, सार कश्यप, सुनील बॉब, दीप्ती अलवानी, मेहनाज सर्राफ, राजा कापसे, दीपक दत्त शर्मा, रमेश गोयल, कुंदन सिंह, सत्यपाल गोसाई आदि नामचीन और उम्दा कलाकारों का अभिनय देखा जा सकेगा।
धारावाहिक लाल -रेखा के पोस्टर और प्रोमो लॉच पर धारावाहिक के सभी सितारे मौजूद थे और धरावाहिक निर्माण से जुड़े अपने अनुभव को मीडिया के सामने प्रस्तुत किया। शोध का कार्य काशी के जाने- माने रंगकर्मी डॉ अश्टभुजा मिश्रा ने किया हैं द्य कहानी का सृजन मशहूर उपन्यासकार देवकीनंदन खत्री के परपोते विवेक खत्री ने लिखा है। संवाद धीरज कुमार और रंजीत भट्टाचार्य ने तैयार किया हैं। इसके निर्माता दिलीप सोनकर और संयुक्त निर्माता रणजीत कवाले हैं।

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