जनपद में पोषण पखवाड़ा 31 मार्च तक, कई विभागों को सौंपी गयी कार्यक्रम क्रियांवयन की जिम्मेदारी, गतिविधियों के संचालन का चार्ट जारी

शि.वा.ब्यूरो, मुजफ्फरनगर। जनपद में बच्चों और महिलाओं के पोषण स्तर में सुधार के लिए आज से ‘पोषण पखवाड़ा’ शुरू हुआ। यह पखवाड़ा 31 मार्च तक चलेगा। पोषण का यह कार्यक्रम बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, शिक्षा विभाग, जिला पंचायतीराज एवं ग्राम्य विकास विभाग, आयुष विभाग सहित कई विभागों के आपसी सहयोग से चलाया जा रहा है। ‘पोषण पखवाड़ा’ में कुपोषण के स्तर में कमी लाने के लिए संबंधित विभाग द्वारा पोषण संबंधी विभिन्न गतिविधियों का आयोजन कोविड-19 को ध्यान में रखकर किया जाएगा।
जिला कार्यक्रम अधिकारी वाणी वर्मा ने बताया कि उत्तर प्रदेश राज्य पोषण मिशन के मिशन निदेशक कपिल सिंह ने प्रदेश के सभी जिलों में ‘पोषण पखवाड़ा’ मनाए जाने के निर्देश दिये हैं। मिशन निदेशक की ओर से पखवाड़ा के दौरान आयोजित होने वाली गतिविधियों के संबंध में भी दिशा-निर्देश जारी किये गये हैं। अलग-अलग गतिविधियों के लिए अलग-अलग विभाग को दायित्व सौंपा गया है। पोषण पंचायत के आयोजन का नोडल विभाग पंचायतीराज विभाग को, स्वास्थ्य एवं योग सत्र आयोजन के लिए आयुष विभाग को, पोषण वाटिका के लिए उद्यान विभाग को, पोषण के पांच सूत्रों के लिए बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार तथा स्वास्थ्य विभाग को नोडल विभाग बनाया गया है। उन्होंने बताया कि स्थानीय जरूरत के अनुसार जिलों को और भी गतिविधियां जैसे- एनीमिया कैंप, सामुदायिक आधारित गतिविधियां, गृह भ्रमण, स्थानीय रेडियो गतिविधि, साइकिल रैली, प्रभात फेरी, डिजिटल पोषण पंचायत, हाट-बाजार गतिविधियां, पोषण वर्कशाप, सेमिनार, स्कूल आधारित गतिविधियां, युवा समूह बैठक-चर्चा, वेबिनार, नुक्कड़ नाटक आदि का आयोजन करने को भी कहा गया है। इसके अलावा जलवायु के हिसाब से बेल, आंवला, जामुन, कटहल, पपीता, खजूर, सहजन, अनार आदि के पौधे लगाने का सुझाव दिया गया है।
जिला कार्यक्रम अधिकारी ने बताया कि मिशन निदेशक के पत्र में निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 17 मार्च को जिलाधिकारी एवं पंचायत की अध्यक्षता में हर आंगनबाड़ी केन्द्रों पर चार उच्च पोषण युक्त पौधों का वितरण और ग्राम पंचायत स्तर पर पोषण संबंधी जनजागरूकता के लिए पोषण पंचायत, 18-19 मार्च को पोषण पंचायत, 20-21 मार्च को पोषण के स्तर में सुधार के लिए आयुष आधारित गतिविधियों पर चर्चा एवं जनजागरूकता, 22 मार्च को खाद्ध, पोषण, वानिकी और पौधरोपण पर सम्मेलन, 23-24 मार्च को योग सत्र, 25-26 मार्च को पोषण वाटिका, 28-28 मार्च को पोषण के पांच सूत्र आधारित (पहले सौ दिन, एनीमिया, डायरिया, हेंडवाश एवं स्वच्छता तथा पौष्टिक आहार) जनजागरूकता कार्यक्रम, 29-30 मार्च को रेसिपी प्रतियोगिता एवं मातृ समिति चर्चा तथा 31 मार्च को पोषण संबंधी सहायता को लेकर सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा।

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