हिमांगी सखी का किन्नर से महामंडलेश्वर तक का सफर, मुंबई में रहनेवाली वृंदावन कुंभ मेला में बनी आकर्षक का केंद्र

संजय शर्मा “राज”, मुंबई। वृंदावन में चल रहे कुंभ मेला में पहली बार मुंबई में रहनेवाली किन्नर महामंडलेश्वर हिमांगी सखी ने हिस्सा ही नहीं लिया, बल्कि शाही स्नान भी किया। वे सभी के लिए आकर्षक का केंद्र बनी हुई है। वृंदावन कुंभ पूर्व वैष्णव बैठक में किन्नर महामंडलेश्वर हिमांगी सखी भजन-कीर्तन व प्रवचन के साथ- साथ श्रद्धालुओं को दर्शन दे रही है। कुंभ मेला में हजारों साधु-संतों और महामंडलेश्वर ने अपने अपने डेरा लगाया हुआ है। देश विदेश आये श्रद्धालु महामंडलेश्वर का आशीर्वाद लेने पहुंच रहे है। यह कुंभ मेला 25 मार्च तक चलेगा।

मुंबई की प्रवचनकर्ता व भागवतकथा वाचक किन्नर महामंडलेश्वर हिमांगी सखी वृंदावन में चल रहे कुंभ के बारे कहती हैं कि मेरी शिक्षा दीक्षा सब वृंदावन में हुई है। यही पर शास्त्रों का अध्यन किया है। बृजवासियों के साथ यहाँ बहुत अच्छा अनुभूति होती है। मैंने अपना तन, मन, धन सब कृष्ण के चरणों में समर्पित कर दिया दिया है। उन्ही की कृपा और आशीर्वाद के कारण मैं आज यहाँ तक पहुंची हूँ। मेरे जीवन को उन्होंने धन्य कर दिया है।

बता दें कि हिमांगी सखी का जन्म गुजरात के बड़ौदा में हुआ था। बाद में वे मुंबई आकर बस गयी, क्योकि उसके पिताजी फिल्म डिस्ट्रीब्यूटर थे, जिन्होंने राजकपूर के साथ काफी काम किया था। हिमांगी सखी ने थोड़ी बहुत पढाई कान्वेंट स्कूल में की, लेकिन पिताजी और माताजी के गुजर जाने के बाद वह छूट गयी थी। उसके बाद उन्होंने बहन की शादी कराई और जीविका चलाने के लिए उन्होंने फिल्म शबनम मौसी, डाउन टाउन और थर्ड मैन जैसी फिल्मों में काम किया। वे वी चैनल के शो एक्स योर एक्स और आईबीइन 7 चैनल के जिंदगी लाइफ शो में भी आ चुकी है। उसके बाद उनका कृष्ण भगवन की ओर झुकाव बढ़ता गया और सबकुछ छोड़कर वृंदावन चली गयी। वही पर गुरु से शिक्षा लेकर सभी शास्त्रों का ज्ञान लिया और तब वे यहाँ तक पहुंची हैं। विद्वानों कस अनुसार पौराणिक ग्रन्थों, वेदों-पुराणों में किन्नर को अति प्रतिष्ठित व महत्वपूर्ण बताया गया है।

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