बेटी गीता रबारी चालीसा

डॉ. दशरथ मसानिया,  शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र।

बेटी गीता लाडली, कोयल जैसा गान।
संघर्षों से जूझके, बेटी बनी महान।।
इक गीता भगवत कहलाती।
जो मानव को राह दिखाती।।1
इक गीता फोगट कहलाती।
जो कुश्ती में मार गिराती।।2
इक गीता कोयल कहलाती।
नये नये नित राग सुनाती।।3
अंत दिसंबर छन्नू आई।
तत्पर गांवा खुशियां छाई।4
समय काल ने पलटी खाई।
वेजो बेना बेटी जाई।।5
पिता कानजी दौड़े आये।
बेटी को फिर गले लगाये।।6
सरस्वती की मानस बेटी।
भर किलकारी मन भर देती।।7
मां की ममता पिता दुलारी।
घर में धन की थी लाचारी।।8
जैसे  तैसे  बेटी  पाला ।
फिर गीता को भेजी शाला।।9
जामनगर में करी पढाई।
कक्षा गायन अव्वल आई।।10
शाला में नित प्रेयर करती।
गायन की वह ताने भरती।।11
सादा सरल स्वभाव विशेषी।
सबकी पीड़ा को हर लेती।।12
शास्त्र फिल्म दो संगीता
लोकभाष मे गाती गीता।।13
कच्छी पहने सादा खाती।
कच्छी जीवन कच्छी गाती।।14
ऊंट भेड़ औ बकरी प्यारी।
जो जीवन जीते रेबारी।।15
बेटी का है कंठ सुरीला ।
गरबा भक्ति गाय रंगिला।।16
तबला पेटी संगत कीनी।
हंस हंस गाके खुशियां दीनी।।17
रोण शेर मा एक रबारी।
पहले छाये दुनिया सारी।।18
गुजराती का गायन प्यारा।
मीठी वाणी कह संसारा।।19
मालाधारी गोत रबारा।
कच्छी कोयल नाम तुम्हारा।।20
चिड़िया जैसी फुदक रही है।
कोयल सी वह चहक रही है।।21
सीदी सादी भोली भाली ।
गहनों की है चमक निराली।।22
कानाजी की प्यारी बेटी ।
मां वेलो की है यह चेटी।।23
पृथ्वी के संग करी सगाई।
मां की आंखे भी भर आईं।।24
फिर बेटी का ब्याह रचाया।
मंगल गायन बजा बधाया।।25
गुजराती या राजस्थानी।
हिन्दी गायन अकथ कहानी।।26
आहा कहके ताल मिलाती।
क्या बात से छाप लगाती।।27
नोटो की बौछारे गिरती।।
सारी दुनिया तुमपे मरती।।28
मोदी जी ने तुम्हें बुलाया।
संसद में सम्मान कराया।।29
एक झलक कच्छी बनवाया।
राघव डिजिटल चैनल गाया।।30
ट्रम्प नमस्ते गीता गावा।
तेरी मिट्टी में मिल जावा।।31
देश भक्ति का ऐसा गाना।
बजी तालियां नभ गुंजाना।।32
अमरीका लंदन सिंगापुर।
वहं भी तुम गाये मीठे सुर।।33
रघुनंदन नी आरती गाई।
फिर हनुमन चालीसा आई।।34
 यु ट्यूब में संख्या भारी।
जब गाया भोला भंडारी।।35
सेठ सांवरो म्हारा काना।
धूम मचाया घर घर गाना।।36
हर हर महादेव भी गाया।
नर नारी के मन को भाया।।37
 दिवा नी  दिवेटे  भी गाया।
पचास कोटिन के मन भाया।।38
फोक सांग की तुम अधिकारी।
सब रंगो में सिंग तुम्हारी।।39
बेटी बचाएं और पढ़ाएं ।
बेटी का हम मान बढ़ाएं।।40
बेटी हो तुम देश की, गाती मीठा गान।
बेटी का आदर्श बनी, कहत हैं कवि मसान।।

23, गवलीपुरा आगर, (मालवा) मध्यप्रदेश

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