हिमाचली भाषा का सोशल मीडिया के माध्यम से संरक्षण और संवर्धन 

कल्पना गांगटा, शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र।

हिमवाणी संस्था के सभी सदस्य हिमाचली भाषा, लोक साहित्य व संस्कृति के संरक्षण हेतु वचनबद्ध है। अब तक हिमवाणी फेसबुक पेज पर हिमाचली भाषा के पचास एपिसोड पूरे हो चुके हैं, यह कारंवा आगे भी  ज़ारी रहेगा। बहुत से साहित्यकारों ने कविताएं व लेख प्रस्तुत कर  हिमाचल की विभिन्न जिला की बोलियों को  आम जनमानस तक पहुंचाने का प्रशंसनीय कार्य किया है। जिन साहित्यकारों, लेखकों व कवियों ने अपनी उपस्थिति से पटल को गौरवान्वित किया है, उनमें धर्म पाल भारद्वाज कोटगढ़ शिमला, ओम प्रकाश शर्मा जिला शिमला, नवीन हलदूणवी जिला कांगड़ा, देवराज संसालवी जिला कांगड़ा, अशोक दर्द जिला चम्बा, रोशन लाल पराशर जिला बिलासपुर, कृष्णचंद महादेविया जिला मंडी, प्रत्यूष गुलेरी जिला कांगड़ा, अनंत आलोक जिला सिरमौर, हरिप्रिया जिला मंडी, निर्मला चंदेल जिला मंडी, श्यामा जैन जिला सोलन, शीला सिहं जिला बिलासपुर, पौमिला ठाकुर जिला मंडी, कृष्णा ठाकुर जिला कुल्लू, कल्पना ठाकुर जिला शिमला, प्रमोद कुमार हर्ष जिला मंडी, सुनिता ठाकुर जिला मंडी, बाबू राम आज़ाद जिला शिमला, रविन्द्र कुमार शर्मा जिला बिलासपुर, नरेन्द्र कुमार शर्मा जिला शिमला, वंदना राणा जिला कांगड़ा, कल्पना गांगटा जिला शिमला, वीना वर्धन जिला बिलासपुर, उमा ठाकुर जिला शिमला आदि प्रमुख रूप से शामिल है।
हिमवाणी संस्था के सचिव व संस्थापक संजीव कुमार ने हिमाचली भाषा के संरक्षण और संवर्धन हेतु अमूल्य योगदान के लिए सभी लेखकों को भविष्य में हिमवाणी के आयोजन में हिमाचली भाषा संवर्धक प्रशस्ति पत्र प्रदान करने की घोषणा की है। उन्होनें बताया कि फेसबुक पेज के अलावा हिमवाणी की टीम यूटयूब चैनल और वेबसाइट https://himvanishimla.wordpress.com के माध्यम से भी हिमाचली भाषा व लोक साहित्य को विश्व पटल पर पहुंचाने का काम बखूबी कर रहे है।
कोषाध्यक्ष हिमवाणी संस्था शिमला हिमाचल प्रदेश 

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