मिलावटी तेल के गोदाम पर आपूर्ति विभाग द्वारा छापा, मुकदमा दर्ज कराया

शि.वा.ब्यूरो, मुजफ्फरनगर। जिला पूर्ति अधिकारी बीके शुक्ला ने बताया की गोपनीय सूचना के आधार पर तत्काल पूर्ति निरीक्षक नगर क्षेत्र एके राणा एवं पूर्ति निरीक्षक तहसील सदर अनुज कुमार सिंह की टीम गठित कर उनको जांच के लिये भेजा। टीम ने शामली बस अड्डा के निकट मै0 फरमान वेस्ट ऑयल ट्रेडिंग कम्पनी पर छापा मारा तो मौके पर फर्म के प्रोपराईटर मौ0 फरमान मिले, उनकी उपस्थिति में दुकान की तलाशी ली गयी। दुकान मे 04 (चार) ड्रम अपमिश्रित काले तेल से भरे हुए, 32 (बत्तीस) ड्रम खाली, दो नपने पांच लीटर वाले, एक नपना दस लीटर वाला, दो नपने एक लीटर वाले, ड्रम से तेल निकालने वाली दो लोहे की मशीने, 01 (एक) चाबी बैरल की डाट खोलने वाली, एक खाली कैन, एक आधा कटा ड्रम रखा पाया गया। पूछने पर फरमान ने बताया कि वह मोटर साईकिल सर्विस की दुकानो व फेरी वालो से यूज़्ड ईंजन ऑयल खरीदकर उसे बेचने का काम करता है। वह खरीद-फरोख्त से सम्बन्धित कोई दस्तावेज रसीद आदि नही दिखा पाया। फरमान द्वारा सेल्स टैक्स विभाग मे रजिस्ट्रेशन कराया है और अग्निशमन विभाग से अनुमति भण्डारण हेतु लेने के लिए रूपये 80.00 जमा कराने का चालान प्रस्तुत किया, किंतु जिला प्रशासन के सक्षम अधिकारी का कोई लाईसेंस उसके पास नहीं पाया गया और न ही अग्निशमन विभाग की अनुमति अथवा प्रमाण पत्र उसके पास पाया गया है। जांच टीम द्वारा मौके पर ही बरामद पैट्रोलियम पदार्थ मे से नमूने लिये गये और बरामद पैट्रोलियम पदार्थ व बारदाने को फरमान की सुपुर्दगी मे इस निर्देश के साथ दिया गया कि वह उसे अपने पास सुरक्षित रखेगा, खुर्द-बुर्द नही करेगा तथा सक्षम न्यायालय व अधिकारी के द्वारा मांगे जाने पर प्रस्तुत करेगा।
जांच टीम की माने तो फरमान द्वारा बिना लाईसेंस अवैध रूप से पैट्रोलियम पदार्थ (यूज़्ड ईंजन ऑयल) की खरीद फरोख्त करना, सोल्वेंट रेफिनेंट एण्ड स्लाॅफ (एक्यूजिशन, सेल, स्टोरेज़ एण्ड प्रीवेंशन ऑफ़ इन यूज़्ड ऑटोमोबाईल्स) आर्डर-2000 का की धारा 3(2) का स्पष्ट उल्लंघन है, जो आवश्यक वस्तु अधिनियम-1955 के अन्तर्गत दण्डनीय अपराध है। इसके अतिरिक्त फरमान के द्वारा सार्वजनिक स्थान पर काले तेल जैसे ज्वलनशील एवं आम जन के जीवन को संकट में डालने वाले पदार्थ का अवैध तरीके से संग्रहण किया गया, जो भारतीय दण्ड संहिता 1860 की धारा-285 एवं 286 के अ्रन्तर्गत दण्डनीय कृत्य है। प्रकरण की गम्भीरता देखते हुए जांच टीम द्वारा तत्काल अपनी जांच रिपोर्ट तैयार की गयी। जिलाधिकारी के निर्देश पर पूर्ति निरीक्षक एके राणा द्वारा तत्काल मौ0 फरमान के विरूद्ध आवश्यक वस्तु अधिनियम-1955 की धारा 3/7 एवं भारतीय दण्ड संहिता की धारा-285 एवं 286 के अन्तर्गत मुकदमा अपराध संख्या-0144 दर्ज करा दिया गया।
बता दें कि शासन द्वारा निरन्तर यह निर्देशित किया जाता रहा है कि कोई भी व्यक्ति अनधिकृत तरीके से बिना लोईसेंस के साॅल्वेन्ट, रेफिरेट, वेस्ट ऑयल आदि का व्यवसाय नहीं करेगा। जिलाधिकारी सेल्वा कुमारी जे0 द्वारा इस बात की जनपद में निरन्त समीक्षा की जाती है कि जनपद में कोई भी व्यक्ति साॅल्वेन्ट, रेफिनेट या काले तेल आदि के अवैध व्यापार में संलिप्त न पाया जाये। जिलाधिकारी द्वारा आपूर्ति विभाग को इस संबंध में कड़ाई से पालन करने हेतु निर्देशित किया गया है। जिलाधिकारी सेल्वा कुमारी जे0 के अनुसार यदि कोई भी व्यक्ति इस तरह के साॅल्वेन्ट, रेफिनेट या काले तेल आदि के अवैध व्यापार में संलिप्त पाया जाता है तो तत्काल उसके विरूद्ध मुकदमा दर्ज कराया जाये। जिलाधिकारी के निर्देश पर
जिला पूर्ति अधिकारी बीके शुक्ला द्वारा कड़ाई से इन निर्देशों का पालन सुनिश्चित कराया जा रहा है। साॅल्वेन्ट, रेफिरेट, वेस्ट ऑयल आदि का व्यवसाय अवैध व्यापार या कारोबार करने वालों के खिलाफ निरन्तर छापेमारी की कार्यवाही की जा रही है।

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