हे शिवजी (शिवरात्रि विशेष)

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डाॅ. वाणी बरठाकुर ‘विभा’ शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र।

हे शिवजी मेरे घर आना ।
आकर तू दरशन दे जाना ।।
दूर भगा दे प्रभु कोरोना ।
फिर आकर अवतार धरो ना ।।
हे शिवजी मुझको अपनाना  ।
सबकुछ तुझको मैंने माना ।।
नाम सदा होठों पर तेरा
पार लगा दे बेड़ा मेरा ।।
हे शिवजी धरती पर आना ।
धरती से दुख दूर भगाना ।।
चातक बन हमको उड़ने दो ।
काम काज सबको करने दो ।।
हे शिवजी मेरे घर आना ।
डुग-डुग डमरू सदा बजाना ।।
सुनकर ध्वनि दुख दूरहिं भागे ।
कोरोना अब बढ़े न आगे ।।
हे शिवजी कुछ कर दे ऐसा ।
राहत मिले निरोगी जैसा ।।
आकर  ऐसी राह दिखा दो ।
 सबकी झोली में खुशियाँ दो ।।
तल गेरेकी,  तेजपुर (शोणितपुर) असम

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