जनपद में दस्तक अभियान शुरू, जागरूकता रैली निकाली, होगी साफ-सफाई, नालियों में एंटी लार्वा का किया जाएगा छिड़काव

शि.वा.ब्यूरो, मुजफ्फरनगर। जनपद में आज दस्तक अभियान का शुभारंभ हुआ। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) कार्यालय से ई-रिक्शा रैली को सीएमओ डा0 एस0के अग्रवाल ने झंडी दिखाकर रवाना किया। अभियान में विभिन्न विभागों के सहयोग से जन समुदाय में संचारी रोगों, (मलेरिया, डेंगू, चिकन गुनिया एवं अन्य संक्रामक बीमारी) से बचाव एवं नियंत्रण के बारे में ई-रिक्शा रैली के माध्यम से माइकिंग कराकर लोगों को जागरूक किया गया। रैली सीएमओ कार्यालय से शुरू होकर शहर भर में भम्रण कर  सीएमओ कार्यालय पर आकर समाप्त हुई। इस दौरान सीएमओ डा.एसके अग्रवाल, मलेरिया अधिकारी अलका सिंह, उप जिला स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी डा. गीतांजलि वर्मा सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।
इस अवसर पर सीएमओ डा0 एसके अग्रवाल ने कहा कि संचारी रोगों की रोकथाम एवं नियंत्रण के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। जनपद में संचारी रोग नियंत्रण अभियान के तहत दिमागी बुखार और संचारी रोगों की रोकथाम की जाएगी। 24 मार्च तक दस्तक अभियान चलेगा। 31 मार्च तक चलने वाले संचारी रोग नियंत्रण अभियान में घर-घर जाकर आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता साफ-सफाई, कचरा निस्तारण, जलभराव रोकने, मच्छरों से बचाव आदि के प्रति लोगों को जागरूक करेंगी।
जिला मलेरिया अधिकारी अलका सिंह ने बताया कि नगर पालिका, नगर पंचायत गांव और शहरों में लोगों को जागरूक किया जाएगा। पानी इकट्ठा है तो उसकी निकासी की व्यवस्था की जाएगी। नालियों में जल बहाव को अवरोधित न होने देने, रुके हुए पानी के गड्ढों में सप्ताहिक एंटी लार्वा- डीजल मिट्टी के तेल का छिड़काव, ग्राम स्वास्थ्य एवं स्वच्छता समिति को सक्रिय किया जाएगा है। जनमानस में बीमारी से बचाव के लिए सोते समय मच्छरदानी के प्रयोग करने के लिए प्रचार प्रसार किया जाना इसी अभियान का हिस्सा है। दस्तक अभियान जनपद में वृहद स्तर पर चलाया जाएगा।


विशेष संचारी रोग अभियान के तहत आशा आंगनबाड़ी कार्यकर्ता घर-घर जाकर रोगियों की सूची तैयार करेंगी। इस अभियान के तहत आशा बुखार से ग्रसित रोगियों की सूची, खांसी-जुकाम के लक्षणों की सूची (कोविड जांच हेतु), क्षय रोग के लक्षण युक्त व्यक्तियों की सूची, दिव्यांग बच्चों की सूची, जन्म पंजीकरण हेतु सूची, मृत्यु पंजीकरण हेतु सूची, क्षेत्र में आयुष्मान कार्ड लाभार्थियों की सूची, कुपोषित बच्चों की सूची आदि तैयार करेंगी, ताकि रोगों की जद में आने से पहले या आने वाले व्यक्तियों पर फोकस किया जा सके। इस सूची के तहत रोगी का नाम, लिंग, आयु, पिता का नाम, पता एवं मोबाइल नंबर देना अनिवार्य होगा। आशा कार्यकर्ता रोगियों की दैनिक रिपोर्ट तैयार करके विभाग को सौंपेंगी।

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