श्रीराम ग्रुप ऑफ़ कालेजेज में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित

शि.वा.ब्यूरो, मुज़फ्फरनगर। आज श्रीराम ग्रुप ऑफ़ कालेजेज के प्रांगण में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन कर बडे ही हर्षोल्लास के साथ अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाया गया। इस अवसर पर श्रीराम काॅलेज ऑफ़ इंजीनियरिंग व श्रीराम काॅलेज द्वारा संयुक्त रूप से महिला सशक्तिकरण विषय पर एक राष्ट्रीय सेमिनार तथा शब्द सरिता के नाम से कवि सम्मेलन का आयोजन कराया गया। श्रीराम गर्ल्स काॅलेज में नारी सशक्तिकरण थीम पर नाटक का मंचन किया गया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि कवियीत्री विनय लक्ष्मी और सविता गजल रही।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि विनय लक्ष्मी, सविता गजल, श्रीराम काॅलेज के निदेशक डाॅ0 आदित्य गौतम, श्रीराम काॅलेज की प्राचार्य डाॅ0 प्रेरणा मित्तल, श्रीराम काॅलेज ऑफ़ इंजीनियरिंग के निदेशक डाॅ0 आलोक गुप्ता, डीन गृह विज्ञान डाॅ0 श्वेता राठी द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रजवल्लित कर किया गया। कार्यक्रम का संचालन दो चरणों में कराया गया। पहले चरण में कविता की प्रतियोगिताएं कराई गयी तथा नारी सशक्तिकरण विषय पर नाटक का मंचन कराया गया। वहीं दूसरे चरण में महिला सशक्तीकरण की थीम पर आधारित सेमिनार कराया गया। प्रतियोगिता में निर्णायक मंडल की भूमिका मे वाणिज्य संकाय के संकायाध्यक्ष डा0 सौरभ मित्तल और प्रबंधक मानव संसाधन शिवानी त्यागी तथा ललित कला विभाग की प्रवक्ता बिन्नू पुंडीर रहे।


श्रीराम काॅलेज में आयोजित कवि सम्मेलन ‘शब्द सरिता‘ में पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के बीजेएमसी के छात्र निक्षेय धीमान ने प्रथम स्थान, वाणिज्य विभाग के बीकाम की छात्रा रिया त्यागी ने द्वितीय स्थान तथा बीएफए की छात्रा कनिष्का ने प्रतियोगिता में तीसरा स्थान प्राप्त किया। गृह विज्ञान विभाग की छात्राओं मुस्कान, इतिशा, शबनूर, अफसा, राधिका आदि ने नारी शक्ति को प्रदर्शित करते हुये नाटक का मंचन किया गया। दूसरे चरण में राष्ट्रीय सेमिनार में आज की थीम नारी सशक्तिकरण को लेकर उपस्थित वक्ताओं तथा छात्र-छात्राआंे ने अपने-अपने विचार प्रस्तुत किये। सेमिनार में उपस्थित वक्ता डा0 आलोक गुप्ता ने कहा कि यदि हम महिला सशक्तिकरण को उसकी वास्तविक स्थिति में कारगर करना चाहते है तो मुख्यतः महिलाओं एवं बालिकाओं में शिक्षा के सतर को बढ़ावा देना होगा। विभिन्न सह विषयों पर विचार प्रस्तुत करते हुए अतिथियों द्वारा मुख्यतः महिलाओं का राजनीति मंे हिस्सा, महिलाओं का समाज के बन्धनों को तोड़कर बाहर निकलना, महिलाओं का अपने सम्मान व इच्छाओं की कद्र करना, महिलाओं का घरेलु हिंसा का प्रतिकार करना, महिलाओं का शारीरिक रूप से मजबूत होना आदि मुद्धे उठाए गए।


कार्यक्रम की मुख्य अतिथि कवियित्री विनय लक्ष्मी ने कहा कि कविताएं हमारे जीवन में एक सकारात्मक किरदार निभाती है, कविताएं जीवन को एक सकारात्मक दिशा देने में मददगार होती है। भारत में कविताओं ने महिला सशक्तीकरण की मुहिम को जन-जन तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि भारत में सूरदास और कबीर दास जैसे महान कवियों की रचनाओं ने समाज सुधारक के रूप में काम किया। मुख्य अतिथि सविता गजल ने कहा कि कवि और पत्रकारों की कलम में जितनी रचनात्मकता होगी, उतना ही ंलोकतंत्र सुंदर होगा, सामाजिक बुराईयों पर लिखे गए व्यंग्यात्मक कटाक्ष जहां गुदगुदाते है। वहीं विषय की गंभीरता को बडे हीे सलीके से समझे जाते है। उन्होंने कहा कि कवियों ने नारी को अपनी रचनाओं में बहुत हीे सुंदर रूप में प्रस्तुत कर आदर सम्मान प्रदान किया है।


श्रीराम कालेज की प्राचार्या डा. प्रेरणा मित्तल ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाने का मूल उददेश्य महिला को विश्व में सशक्त बनाना एंव उनके अधिकारों के प्रति उन्हें जागरूक कर उनके मान सम्मान को स्थापित करना है। कार्यक्रम के अवसर पर उन्होंने कहा कि नारी का व्यक्तित्व इतना महान है कि कवि ने अपनी रचनाओं से समय-समय पर बहुत खुबसूरती से गढा है, कविता लिखने व बोलने से बच्चों को साहित्यिक हिंदी और उर्दू भाषा का ज्ञान अर्जित करने में मदद मिलती है। इस अवसर पर कार्यक्रम में बेसिक साइंस की विभागाध्यक्ष डा पूजा तोमर, कम्प्यूटर एप्लीकेशन संकाय से डा. नीतू सिंह, अर्जुन सिंह, पवन गोयल, अश्वनी कुमार, इ0 कुनप्रिया, डा0 आकांशा चौहान, पूजा चौधरी, गरिमा, रानी मेनवाल, रूबी पोसवाल, वर्षा पॅवार, ईशा अरोरा आदि प्रवक्तागण मौजूद रहे।

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