श्रीराम कॉलेज में नारी सशक्तिकरण नामक थीम पर कार्यशाला आयोजित

शि.वा.ब्यूरो, मुज़फ्फरनगर। श्रीराम कॉलेज में मिशन शक्ति का आयोजन नारी सशक्तिकरण नामक थीम पर आयोजित कार्यशाला में आज के मुख्य अतिथि श्री सूर्यदवे अंतर्राष्ट्रीय एकेडमी खेल एवं शिक्षा के अध्यक्ष मार्शल आर्ट प्रशिक्षक मनोज कुमार रहे। कार्यशाला में मार्शल आर्ट अंतर्राष्ट्रीय खिलाड़ी राखी ने नारी शक्ति को सशक्त एवं आत्मनिर्भर बनाने के लिये जुड़े कराटे, ताइक्वांडो तथा वूशु के दाव पेंच द्वारा छात्राओं तथा महिला शिक्षिकाओं को सुरक्षा संबंधी गुर सिखाए गए। कार्यशाला में लगभग तीन सौ छात्राएं एवं 80 महिला शिक्षिकाएं उपस्थित रही। कार्यशाला में उपस्थित शिक्षकाओं एवं छात्राओं ने आत्मरक्षा के तौर -तरीके को सीखा और जीवन में उसके महत्व को समझा।


मास्टर मनोज कुमार ने बताया कि हर महिला को स्वयं की रक्षा के तोर-तरीकों को जानकर स्वयं को इस योग्य बनाना चाहिए कि वे विषम पारिस्थतियों में भी अपने जीवन की रक्षा कर पाए। संविधान प्रदत्त स्वयंरक्षा के अधिकार के गलत प्रयोग न करते हुए इसे जीवन उपयोगी बनाए रखने का प्रयत्न करना चाहिए। यदि हमें जीवन के खतरे का पूर्व आभास हो तो प्रशासन से सुरक्षा की मांग करने हेतु दूरभाष न0 1090 पर काॅल किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि हमारे जीवन की रक्षा का दायित्व हमारे हाथ में हैं, अतः प्रत्येक स्त्री सबल बने तथा आत्मरक्षा की शिक्षा पाए, जिससे निडर या बेखौफ होकर जीवन को जीया जा सके।


श्रीराम कॉलेज प्राचार्य डॉ प्रेरणा मित्तल ने कहा की संत बोधिधर्मा को कुंग-फू का पिता कहा जाता है। चीन के शाओलिन में उनके नाम पर कई मंदिर बने हैं, इसके लिये हमें जानने की आवश्यकता है कि बोधिधर्मन भारत के रहने वाले थे, जो कि छठी सदी के दौरान संत बोधिधर्मा चीन गए थे। अतः आत्मरक्षा की कला भारत की ही देन है। महाविद्यालय के डीन एकेडमिक्स डा0 विनीत कुमार शर्मा ने कहा कि आत्मरक्षा का दूसरा माध्यम ध्यान योग भी माना जाता है, जिसके द्वारा हम सामने की परिस्थिति को समझ कर उससे निपटारा कर पाते हैं और साथ ही बताया की सेल्फ डिफेन्स अर्थात आत्म रक्षा का अर्थ, स्वयं की रक्षा करने से हैं। भारत का संविधान देश के प्रत्येक नागरिक को स्वयं की रक्षा हिफाजत के अधिकार देता हैं। कार्यशाला में श्रीराम काॅलेज के निदेशक डा0 आदित्य गौतम, डा0 पूजा तोमर, सायमा सैफी, लवि, छवि, समीक्षा जोशी, सैवी वर्मा, साजया, सरिता तथा छात्रा सृष्टि, सपना, रिया गोयल, अंजलि, तनवी शर्मा तथा का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

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