स्वयं सहायता समूह की संगोष्ठी एवं एक दिवसीय कार्यशाला, महिला जनसुनवाई एवं जागरुकता चौपाल आयोजित

शि.वा.ब्यूरो, शामली। उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग द्वारा प्रदेश में महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा,सम्मान एवं स्वावलंबन के लिये संचालित मिशन शक्ति कार्यक्रम के तहत राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के स्वयं सहायता समूह की संगोष्ठी एवं एक दिवसीय कार्यशाला, महिला जनसुनवाई एवं जागरुकता चौपाल का आयोजन विकासखंड ऊन प्रांगण में किया गया। कार्यक्रम शुभारंभ राज्य महिला आयोग की सदस्य डॉ प्रियवंदा तोमर ने मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया।
डॉ प्रियवंदा तोमर ने नारी शक्ति के रूप में बैठी स्वयं सहायता समूह की महिलाओं एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व स्कूली छात्राओं को प्रेरित करते हुए कहा कि “अभी खत्म नहीं हुए मंजिलों के रास्ते अभी चलना है हमें कामयाबी के रास्ते, इसलिए लड़ो पढ़ाई करने को, पढ़ों समाज बदलने को”। उन्होंने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री द्वारा मिशन शक्ति अभियान के तहत महिलाओं को जागरूक करने का कार्य किया जा रहा है। इसके सकारात्मक परिणाम साबित होंगे। उन्होंने कस्तूरबा गांधी विद्यालय की छात्राओं द्वारा नारी शक्ति पर किए गए कार्यक्रमों की प्रशंसा करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रमों से एक नई ऊर्जा पैदा होती है, जो महिलाओं को एक संदेश देने का काम करती है। उन्होंने कहा कि महिलाओं पर होने वाले अत्याचारों को रोकना है, जो अत्याचार करते हैं, वह किसी न किसी रूप में किसी के भाई-चाचा आदि ही होते हैं। इसलिए ऐसे लोगों को भी महिलाओं के सम्मान के लिए जागरूक किया जाना है। उन्होंने कहा कि अन्य देशों की अपेक्षा हमारे देश में महिला प्रधानमंत्री व राष्ट्रपति तक रही है जोकि अपने आप में एक बड़ी बात है। उन्होंने उपस्थित महिलाओं से कहा कि जब आप आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनेगी और अपने घर को बेहतर ढंग से चलाएंगी, तो जीवन में कभी कोई दिक्कत उत्पन्न नहीं हो सकती। उन्होंने कहा कि बेटियों को जरूर शिक्षित करें क्योंकि शिक्षा एक ऐसा हथियार है जिससे कोई भी युद्ध जीता जा सकता है। जब भी जरूरत होगी तो दुर्गा, सरस्वती रूप धारण करना होगा। उन्होंने कहा कि मुसीबत के समय में कभी धैर्य नहीं छोड़ना चाहिए। महिलाओं में पुरुषों की अपेक्षा धैर्य अधिक होता है। इसलिए क्रोध से बचते हुए आत्मविश्वास के साथ आपत्ति के समय निर्णय लेना है। उन्होंने उपस्थित सभी महिलाओं को से कहा कि अपने अधिकारों के साथ-साथ हमें अपने कर्तव्यों का भी पालन करना है और जो गलत प्रवृत्ति के लोग हैं जो महिलाओं का सम्मान नहीं करते हैं ऐसे लोगों को भी ठीक करना होगा।
मुख्य विकास अधिकारी शंभू नाथ तिवारी ने बताया कि निराश्रित महिला पेंशन में 12940, कन्या सुमंगला योजना में 5369, वृद्धावस्था पेंशन में 17539, दिव्यांगजन पेंशन योजना में 2326, पंचायती राज विभाग द्वारा स्वच्छ भारत मिशन के तहत 2764 एवं डुडा विभाग द्वारा प्रधानमंत्री आवास शादी में 2200 महिलाओं को और इसके अलावा प्रधानमंत्री आवास ग्रामीण एवं मुख्यमंत्री आवास के लिए भी पात्रों का चयन कर उनको मकान देने का कार्य किया जा रहा है।
मुख्य विकास अधिकारी ने उपस्थित स्वयं सहायता समूह को महिलाओं, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि इतिहास बदल रहा है एक नए युग का निर्माण हो रहा है। उन्होंने जनपद में स्वयं सहायता समूह की महिलाओं के द्वारा किए जा रहे आजीविका के क्षेत्र में सराहनीय कार्यों की प्रशंसा की। मुख्य विकास अधिकारी ने उपस्थित समूह की महिलाओं से कहा कि जैसे समूह महिलाओं को जनपद में राशन वितरण, बिजली बिल जमा करने, सामुदायिक शौचालय का रखरखाव, पोशाक सिलने एवं अन्य विभिन्न कार्यों की जिम्मेदारी सौंपी जा रही है। यह मिशन शक्ति का आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ता हुआ कदम है। सभी को अपनी बेटियों को पढ़ाना है और कन्याओं को जीवन में सशक्त बनाना है। महिला थाना प्रभारी नीरज चौधरी ने कार्यक्रम में उपस्थित महिलाओं को विभिन्न हेल्पलाइन 112,1090,1098,181,102,1076 का उपयोग किस समय करना है उसके बारे में विस्तार से जानकारी दी। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी शंभू नाथ तिवारी, डीसी एनआरएलएम शैलेन् व्यास, जिला कार्यक्रम अधिकारी संतोष श्रीवास्तव, बेसिक शिक्षा अधिकारी गीता वर्मा, कार्यक्रम के नोडल अधिकारी प्रसून राय सहित श्याम सहायता समूह की महिलाएं एवं आंगनबाडी कार्यकर्ता व स्कूली छात्राएं उपस्थित रहीं। कार्यक्रम का संचालन परियोजना निदेशक ज्ञानेश्वर तिवारी ने किया।

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