बिखंडनकारी व्यक्तियों से अलर्ट रहने की सलाह

कूर्मि कौशल किशोर आर्य, शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र।

जिस तरह आधा पानी से भरा हुआ घड़ा दिखावा करता हुआ छलकता रहता है, पर पूरा पानी से भरा हुआ घडा़ दिखावा करने के लिए कभी नहीं छलकता है, क्योंकि वह पूर्णत: गम्भीरता को पाये रहता है। जिस तरह से किसी पेड़ के मंजर फल लगने के पहले दिखावा करने के लिए खड़ा रहता है, पर फल लगने के बाद पूर्णत:  गम्भीरता को पाकर झुक जाता है, वैसे ही आधे-अधूरे बुद्धि वाले नासमझ लोग अपने आधे अधूरे ज्ञान के कारण खुद को ज्यादा समझदार व बुद्धिमान समझकर दिखावा करते हुए दूसरे लोगों कम बुद्धिमान समझकर उनका ध्यान अपनी ओर खींचने के लिए उल्टे -उल्टे हरकतें करता है। ऐसे लोग प्रायः अपरिपक्व होते हैं, जिनके अंदर गम्भीरता नहीं होती, सिर्फ आधे अधूरे ज्ञान व नासमझी के कारण अहंकार होता है। ऐसे लोग अपने नासमझी के कारण अहंकार वश अपने लिए, अपने परिवार के लिए, समाज और देश के लिए बहुत नुकसान करके अभिशाप बन जाते हैं और जहाँ भी, जिस परिवार, जिस जातीय या सामाजिक संगठन में रहते हैं, वहाँ कलुषित -कुटिल दुर्गध फैलाकर आपस में लड़ाई झगड़े कराकर प्रेम, भाईचारा, सौहार्द,
सहयोग व शांति भंग करते हुए माहौल को खराब करते रहते हैं। ऐसे लोगो की पहचान करना बहुत मुश्किल होता है, क्योंकि ऐसे बिखंडनकारी लोग एक नं. के चमचागीर व चाटुकार होते हैं। ये लोग शीर्ष पदों पर बैठे पदाधिकारियों की चमचागिरी करके, गिड़गिडाकर उनके दिल को जीतने की कोशिश करते हैं और उनसे सुरक्षा पाते हैं। बाद में ऐसे चतुर खिलाड़ी बेईमानी और गद्दारी करते हैं। ऐसे बिखंडनकारी व्यक्तियों से खुद को अलर्ट रहकर अपने जातीय, समाजिक व राजनैतिक समाजवादी विचार धारा के संगठनों की गरिमा को अक्षुण्ण बनाये रख सकते हैं। ध्यान रखें जो व्यक्ति उपजातिवाद, शाखावाद, फिरकावाद, प्रांतवाद,गुटवाजी की बात करते हुए अन्य दूसरे मित्रों को बरगलाने व उकसाने की कोशिश करके माहौल को लड़ाई झगड़े में तबदील करना चाहते हैं, ऐसे लोग निश्चित रूप से जातिविरोधी, समाजविरोधी, संगठनविरोधी, संविधानविरोधी और देश विरोधी होते हैं।
राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अखिल भारतीय कूर्मि क्षत्रिय महासभा 

Related posts

Leave a Comment