आशुतोष निरंजन ने सम्भाली एमडी की कमान,अब हाईटैक हो सकता है पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम, 2010 बैच के तेजतर्रार अफसर हैं आशुतोष, सीएम योगी भी कर चुके हैं उनके कार्य की तारीफ (शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र के वर्ष 14, अंक संख्या 22, 23 दिसम्बर 2017 में प्रकाशित समाचार का पुनः प्रकाशन)

हवलेश कुमार पटेल, शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र।

अभी हाल में ही हुए तीस से अधिक आईएएस अफसरों की तबादला सूची में तेजतर्रार अफसर अशुतोष निरंजन को केस्को एवं उप्र लघु उद्योग निगम के एमडी से पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम का एमडी बनाया गया है।
ज्ञात हो कि 2010 बैच के युवा आईएएस अधिकारी आशुतोष निरंजन बेहद कर्मठ और तेजतर्रार अफसरों में शुमार होते हैं। इनके बारे में कहावत है कि ये जहां भी जिस भी पद पर नियुक्त किये जाते हैं अपने विशिष्ट कार्यशैली की छाप छोड जाते हैं। पूर्ववर्ती अखिलेश सरकार में श्री निरंजन के पास सूचना विभाग के निदेशक के साथ ही कई अन्य विभागों की कमान भी थी। जिनमें ये अपनी विशिष्ट कार्यशैली के चलते सभी के चहेते अफसर बन गये थे। बाद में इन्हें गोंडा के जिलाधिकारी पद पर तैनात किया गया तो वहां भी एक ही दिन में सर्वाधिक साईकिल वितरण का रिकाॅर्ड इन्हीं के सर है। जिस तरह 2014 के लोकसभा चुनाव के वक्त नरेन्द्र मोदी ने चाय पर चर्चा अभियान चलाया था। उसी तर्ज पर श्री निरंजन ने ग्रामीणों की समस्या को सुनकर उन्हें दूर करने के लिए काफी विद कलक्टर कार्यक्रम आयोजित किया था, जिसे आश्चर्यजनक सफलता एवं ख्याति प्राप्त हुई थी। इसके बेहद अच्छी परिणाम सामने आने लगे थे। काफी विद कलक्टर कार्यक्रम के चलते डीएम गोंडा के पद रहते हुए आशुतोष निरंजन बेहद जटिल काफी समस्याओं को चुटकी में हल कर दिया था। उनका कहना है कि वे अधिक से अधिक लोगों से मिलने में विश्वास करते हैं, जिससे समस्या के मूल को जानकर उनका हल किया जा सके। डीएम गोंडा के पद पर रहते हुए आशुतोष निरंजन ने 14 वर्षीय बाल श्रमिक शादाब खान को गोद लेकर उसकी शिक्षा का जिम्मा उठाया था। उन्होंने उसको घर पर बुलाकर उसके साथ खाना भी खाया था। डीएम की इस मुहिम की खबर लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तक पहुंची तो वह बहुत खुश हुए. सीएम ने डीएम के कार्य की सराहना करते हुए यहां तक कह दिया कि यूपी की तस्वीर बदलने के लिए उन्हें आशुतोष निरंजन जैसे अफसरों की ही जरूरत है। श्रम विभाग के प्रजेंटेशन में डीएम गोंडा आशुतोष निरंजन की इस पहल को खुद योगी आदित्यनाथ ने देखा और खुलकर तारीफ करते हुए अधिकारियों से गोंडा में शुरु हुए ‘सर्वोदय’ अभियान को पूरे प्रदेश में लागू करने के निर्देश दिए हैं।
इसके साथ ही डीएम ने आरटीओ कार्यालय में दलालों का वर्चस्व होने व अधिकारियों कर्मचारियों की कार्य प्रणाली व शिथिलता सम्बन्धी रिपोर्ट शासन तथा परिवहन आयुक्त उत्तर प्रदेश को भेजी थी। सूचना निदेशक के कार्यकाल को विभागीय अधिकारी अभी तक बेहद शिद्दत से याद करते हैं। उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान पूरे विभाग आॅन लाईन करने की जो मुहिम शुरू की थी, उनके हटते ही वह समाप्त हो गयी है।

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