अखबार चालीसा

डॉ. दशरथ मसानिया,  शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र।

पत्र पत्रिका ज्ञान हो,प्रजातंत्र हिताय।

सूचना का तंत्र है,मानव करे सहाय।

खबर पत्र है जन जन वाणी।

सकल विश्व में अलख जगाणी।।1
नारद मुनि भी खबरें लाते।
समाचार सब प्रभू सुनाते।।2
मानव हित में काम कराते।
दुष्ट जनों को सबक सिखाते।।3
बंगाल गजट जेम्स निकाला।
सत्रह सौ अस्सी  में पहला।।4
पहला हिन्दी पत्र प्रकाशा।
तीस मई अठार छबिसा ।।5
सब जन का बनता विश्वासा।
उदन्त मार्तंडा परकाशा।।6
सोते जन को तुमहि उठाते।
भंडा फोड़े सत्य कहाते ।।7
नया रूप सब पत्रन  लाये।
नये कलेवर कदम बड़ाये।।8
न्युज व्यापारा करते सेवा।
क्रीड़ा कोना सबमें देखा।।9
राय आपकी कह सम्पादक ।
केस डायरी खबर अचानक।।10
मोटीवेशन जग का करते।
नये युवा में साहस भरते।।11
लेख हितेषी कविता कोना।
मन रंजन से हल्का होना।।12
तुरतहि छापें सांची घटना।
ब्रीफ न्यूज पब्लिक में बंटना।।13
शेयर करते लेख विचारा।
विज्ञापन से मिले सहारा।।14
शिक्षा न्यूज़ा सांचे नायक।
पाठक पढ़ते कालम लायक।।15
गांव गांव पहचान कराई।
समय -समय इतिहास बताई।।16
जनता  के  प्रहरी रिपोर्टर।
खबर सेलानी रहे सरोबर।।17
शब्दों के व्यंग बाण चलाते।
जन जन के मन को हरषाते।।18
ई अखबार जगत में छाये।
मोबाइल पर भी दिखलाये।।19
टैलेंट टाॅक सफल कहानी।
स्कूल कॉलेज बच्चे जानी।।20
नॉलेज के भी कालम आये।
गांव नगर कानून बताये।।21
देश विदेशी मुद्दे भारी।
नेटवर्क से खबरें सारी।22
सेहत तकनिकअरु विज्ञाना।
कारटून भी खूब बखाना।23
केरियर तकनिक युवा खजाना।
कामयाब से अनुभव जाना।।24
प्रोफेशन की जुगत बताई।
इनवेशन की पहल चलाई।।25
फेस टि्वटर इंस्टाग्रामा।
पत्रों का भी डाटा कॉमा।।26
मोबाइल पर लिंक मिलाओ।
सारी खबरे तुरतहिं पाओ।।27
फेसाबुक में पेज तुम्हारा।
ऑनलाईन पढ़त हजारा।।28
यूट्यूबा पर चैनल देखें।
उचित विचारा अपने लेखें।।29
बातें महिलाओं की व्यापी।
वूमन एडिट करके छापी।।30
आधी आबादी का कालम।
माता बहिनें बेटी आलम।।31
हर दिन दिखता नव अंदाजा।
खबरें रोचक साहित्य साजा।।32
राजनीति विज्ञान की धारा।
तकनिकअरुअध्यात्म विचारा।33
पत्रों में है  नये कलेवर।
हिया विचारा कीजे शेयर।।34
करें पढ़ाई भविष्य बनाये।
ज्ञान पत्रिका करे सहाये।।35
रोजगार कालम को देखा।
मन में खुशियां लगत विशेषा।36
मंदिर मस्जिद गिरिजा द्वारा।
धर्म संवाद पढ़े संसारा।।37
सार सार में कही सुनाई।
संपादन है प्रजा हिताई।।38
समाचार नित पढ़ना भाई।
जीवन यापन सरल बनाई।।39
अभिव्यक्ति का माध्यम भाई।
कवि मसान ने कविता गाई।।40

गद्य विधा के रूप है, नाट कहानी लेख।

पत्र पत्रिका डायरी,आतम कथा विशेष।।

23, गवलीपुरा आगर, (मालवा) मध्यप्रदेश

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