मेरे देश में क्या हो रहा है ?

राजेंद्र कुमारी, शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र।

मेरे देश में क्या हो रहा है ?
छा गया है मातम और वक्त रो रहा है।
अरे देखिए जनाब मेरे देश में क्या हो रहा है ?
अपनी संस्कृति अपनी सभ्यता पीछे छोड़ चला
आज इंसानl पाश्चात्य संस्कृति की अंधी दौड़ में
संस्कार भूल बना शैतान
होली दिवाली छोड़ क्रिसमिस का हो रहा प्रचार है।
अरे देखिए जनाब मेरे देश में क्या हो रहा है ?
चारों ओर भ्रष्टाचार और महंगाई है ।
आम जनता फुटपाथ पर आज सोई है।
फिर भी राजनेताओं की हो रही जय जयकार है।
अरे देखिए जनाब मेरी देश में क्या हो रहा है?
अस्पताल में मरीज हो रहे परेशान है ।
बिना सिफारिश गवां रहे अपनी जान है।
अंधा होकर प्रशासन निभा रहा किरदार है।
अरे देखिए जनाब मेरे देश में क्या हो रहा है ?
भाई-भाई का हो रहा है  दुश्मन ,
बूढ़े मां बाप को डाल रहा वृद्धाश्रम।
बच्चे के जन्मदिन के लिए होटल बुक फाइव स्टार है।
अरे देखिए जनाब मेरे देश में क्या हो रहा है?
खेती-बाड़ी छोड़ शहरीकरण का हो रहा विकास।
मेहनत- मजदूरी छोड़ बेकार घूमता बन गया बदमाश।
चोरी -डकैती और चारों ओर हो रही लूटमार है।
अरे देखिए जनाब मेरे देश में क्या हो रहा है?
पैसा पैसा करता बिक गया पैसो के पीछे ।
आलीशान बंगला व गाड़ी की चाह में नहीं देखता नीचे।
पैसों में आज बिक रहा भगवान का दरबार है।
अरे देखिए जनाब! मेरे देश में क्या हो रहा है ?
 गाँव-डुंग, डाक-गम्मा, शिमला, हिमाचल प्रदेश 

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