शहीद मंगल पांडे राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय में ऑनलाइन स्लोगन प्रतियोगिता आयोजित

शि.वा.ब्यूरो, मेरठ। शहीद मंगल पांडे राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय में उत्तर प्रदेश शासन द्वारा चलाए जा रहे मिशन शक्ति कार्यक्रम के तत्वाधान में राष्ट्रीय सेवा योजना प्रथम इकाई के द्वारा ऑनलाइन स्लोगन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें छात्राओं द्वारा नारी शक्ति ,शीर्षक पर बहुत ओजपूर्ण एवं जागरूक करने वाले स्लोगन प्रतिभागी छात्राओं द्वारा लिखे गए प्रतियोगिता में प्रथम स्थान कुमारी निशा मेवाती, द्वितीय स्थान कुमारी नौशाबा, तृतीय स्थान कुमारी सना परवीन व सांत्वना पुरस्कार कुमारी उजमा परवीन एवं कुमारी पूजा पांचाल ने प्राप्त किया। निर्णायक के रूप में डॉ. उमाशंकर प्रसाद एवं डॉ. पूनम भंडारी रहे। विजयी छात्राओं को महाविद्यालय प्राचार्य डॉ. दिनेश चंद ने कहा कि उन्हें अपने जीवन में अपने लक्ष्य को बिना डरे प्राप्त करना चाहिए। कार्यक्रम का संयोजन एवं संचालन राष्ट्रीय सेवा योजना प्रथम इकाई की कार्यक्रम अधिकारी डॉ. स्वर्ण लता कदम ने किया। लेफ्टिनेंट डॉक्टर लता कुमार ने बालिका सुरक्षा शपथ भी दिलाई। कार्यक्रम में डॉ. ममता सागर, डॉ. उमाशंकर प्रसाद, डॉक्टर आरसी सिंह, डॉक्टर नरेंद्र, डॉक्टर विकास एवं डॉक्टर रंजन कुमार का विशेष योगदान रहा।

संत शिरोमणि गुरु रविदास की जयंती वर्चुअल माध्यम से हर्ष उल्लास के साथ मनाई

शहीद मंगल पांडेय राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय में संत शिरोमणि गुरु रविदास की जयंती वर्चुअल माध्यम से हर्ष उल्लास के साथ मनाई गई। समारोह का आरंभ डॉ० राधा रानी के द्वारा सरस्वती वंदना से हुआ। कार्यक्रम की संयोजक वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ. ममता सागर ने सभी उपस्थित प्राध्यापकों व छात्राओं का स्वागत किया। डॉ० अमर ज्योति ने कवि रविदास के विचारों को अपने वक्तव्य के द्वारा वाणी दी। डॉ. उमाशंकर प्रसाद ने अपने उद्बोधन में इस बात पर प्रकाश डाला कि किस प्रकार एक समाज सुधारक के रूप में एक पथ प्रदर्शक कवि के रूप में गुरु रविदास का जीवन प्रेरणादायक रहा है। वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ० लता कुमार ने कहा कि किस प्रकार गुरु रविदास का जीवन दर्शन आज के समाज में भी प्रासंगिक है व किस प्रकार हम उनके जीवन दर्शन से प्रेरणा प्राप्त कर अपने जीवन को प्रेरणादायक बना सकते हैं। महाविद्यालय प्राचार्य प्रो० दिनेश चंद्र ने कहा कि आज के समय में यह और भी ज्यादा जरूरी हो गया है कि हम गुरु रविदास के जीवन से सीख कर उनकी कही बातों को अपने चरित्र में आत्मसात करे व एक बेहतर इंसान बनने का प्रयत्न करें। डॉ० शालिनी वर्मा ने कवि रविदास द्वारा रचित एक सुंदर भजन का गायन किया। कार्यक्रम का संचालन डॉ० पूनम भंडारी ने किया। समारोह में महाविद्यालय परिवार के सभी सदस्यों की उपस्थिति उल्लेखनीय रही।

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