किसी ओर से

राजीव डोगरा ‘विमल’, शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र।

मुझे किसी ओर से
इश्क करने की जरूरत नहीं है
मैं तुमसे ही
मोहब्बत करता रहूंगा।
मुझे किसी ओर के
जिस्म को छूने की तलब नहीं है
मैं तेरी रूह को छूकर ही
सकून लेता रहूंगा।
मुझे किसी ओर से
दिल लगाने की जरूरत नहीं
अपने सीने में ही तुम्हारी धड़कनों को
सुन मुस्कराता रहूंगा।
युवा कवि लेखक कांगड़ा हिमाचल प्रदेश 

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