फूल

राजेंद्रा कुमारी, शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र।

बागों में झूल झूल कर लहरा रहा है फूल।
खिल खिल कर सभी को मुस्कुराना सिखा रहा है फूल।
माली बाग में जाता है, फूलों को देखकर मुस्कुराता है।
सुंदर सुंदर फूलों को तोड़कर, बेचने चला जाता है l
फिर भी माली की खुशी को दिल से लगा रहा है फूल।l
एक प्रेमी आया ,फूल देखकर उसे तोड़ लाया l
प्रेमिका के हाथों में थमा कर उसे अपना बनाया।
दो दिलों को जोड़ कर मुस्कुराता जा रहा है फूल l
खिल खिल कर सभी को मुस्कुराना सिखा रहा है फूल।l
एक भगत ने फूल देखा, तोड़कर उसे थाली में सजायाl
मंदिर मे जा भगत ने,फूल को माता के चरणों में चढ़ाया।
भक्ति भाव जगा कर ,प्रभु श्रद्धा बढ़ाता जा रहा है फूलl
खिल खिल कर सभी को मुस्कुराना सिखा रहा है फूल।l
एक दिन मृत इंसान की शैया पर चढ़ाया गया फूल को l
फूल प्रार्थना करने लगा- शांति मिले मृत की आत्मा को।
दुख में भी खुश रहकर, जीता जा रहा है फूल l
खिल खिल कर सभी को मुस्कुराना सिखा रहा है फूल।l
एक दिन मैंने पूछा फूल से कैसे सीखा तुमने खुश रहना?
फूल झट से बोला- बस केवल मुस्कुरा कर दुख सहना ।
सुख में तो सभी रहते हैं खुश, गम में भी मुस्कुराओ l
यह जीवन का उसूल।
चाहे सुख हो या दुख आए हमेशा मुस्कुराते जाओ l
कहता है फूल ।।

शिमला, हिमाचल प्रदेश  

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