विश्वकप के दोहे 2015

डॉ. दशरथ मसानिया,  शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र।

पहला मेच पाक से, कोहलि बने विराट ।
धोनी मोहित छा गये, शिखर धवन सम्राट । ।
अफ्रिका भी हार गया, भारत मारे तीर ।
शिखर सैंकड़ा मारके, बने टीम के पीर।।
संयुक्त अमीरांत मे, रोहित बने महान ।
नौ विकेट से जीतके,शमी देश की शान।।
चौथा वेस्टइण्डीज से, जीते चार विकेट।
धन धन बेटा आपको, बल्ले से आखेट ।।
आयरलैंड आठ से, भारत से थी हार।
शिखरधवन की शतकसे, आया रंग बहार ।।
सुरेश रैना सैकड़ा, जिम्बाबे की हार ।
छै विकेट से जीत भइ, जाने सब संसार ।।
तर्रासी धोनी बना, सिक्सर से ली जीत।
छठी जीत की शान मे,जनता करती प्रीत ।।
 रोहित रैना साथ में,करते रन बौछार ।
धोनी की चतुराइ से, बंगला भया किनार।।
बंगला टूट नीचे गिरा,मेलबोर्न मैदान ।
धोनी सेना झूमती, बालर राखे मान।।
सात मेच सत्तर गिरे, सातों जीते आप।
चक्र व्यूह को तोड़के, बाल बेट से टॉप।।
आठम आस्ट्रेलिया, जोड़ा रनन पहार।
धोनी पैसठ पे गये. बाकी सब बेकार।।
नैनो से नैना मिले, नैना हटती गेंद।
कमजोरी को भॉपके, मारी दुश्मन सेंध ।।
विराट घायल हो गये, रैना होते केच।
धोनी साक्षी से कहें, कैसे जीतें मेच।।
कंगारु किवी से भिड़े,फाईनल में साथ।
विश्वकपा को जीतके, लड्डू खाते हाथ। 14
23 गवलीपुरा आगर, (मालवा) मध्यप्रदेश

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