हर कूर्मि को अपने हिस्से की भूमिका सुनिश्चित करें

कूर्मि कौशल किशोर “आर्य”, शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र।

कूर्मि समाज के विकास और मजबूती के लिए कूर्मि समाज के सबसे पुराने 1894 ई में स्थापित 126 वर्ष पुराने अखिल भारतीय कूर्मि क्षत्रिय महासभा में विभिन्न राज्यों में चलाये जा रहे विभिन्न कूर्मि संगठनों को विलय करके महासभा और कूर्मि समाज एक, संगठित और और मजबूत बनाने की लगातार कोशिश की जा रही है। ऐसे में हर कूर्मि को अपने हिस्से की भूमिका सुनिश्चित करनी चाहिए, क्योंकि एकता और अखंडता, संगठन के बल पर हम सभी तरह की सफलता और हक अधिकार प्राप्त कर सकते हैं। राष्ट्रीय स्तर के ग्रुप में सभी राज्यों के कूर्मि मित्र,राज्य स्तर के ग्रुप में सभी जिलों के कूर्मि मित्र और जिले स्तर के ग्रुप में सभी विधान सभा, ब्लाॅक,तहसील स्तर के कूर्मि मित्र और बलाॅक, विधान, तहसील स्तर के ग्रुप में सभी पंचायत, वार्ड, नगर निकाय के कूर्मि मित्रों को अलग अलग ग्रुप बनाकर जोड़ें। ग्रुप में गुडमाॉर्निंग, गुडनाईट,पाखंड,आडंबर,जादू-टोना और बेकार -फालतू पोस्ट नहीं भेजे, ताकि ग्रुप के अन्य सभी मित्रों की ऊर्जा और समय को बर्बाद नहीं किया जा सके और सभी मित्रों की ऊर्जा तथा समय का सदुपयोग किया जा सकें। यदि कोई व्यक्ति ग्रुप में विवादास्पद, लडा़ई- झगड़े और बेकार विचार नहीं रख पाये। ऐसे व्यक्तियों पर कड़ी नजर रखें, जो जोड़ने की जगह तोड़ने की कोशिश कर रहे हों जरूरत पड़ने पर आवश्यकतानुसार संगठन व एकता के लिए खतरा महमूस होने उन्हें ग्रुप से बाहर किया जा सकता है। ग्रुप की मर्यादा और गरिमा हर हाल में बनाये रखे। ग्रुप में हमेशा संवैधानिक, वैधानिक, वैज्ञानिक और वास्तविक धरातल से जुड़े सकारात्मक और रचनात्मक विचार रखें और वर्तमान से लेकर भविष्य की कार्य योजनाएं बनाकर क्रियान्वयन करें।
          ग्रुप में कूर्मि समाज के विकास और मजबूती के लिए अपने विचार रखते हुए अन्य पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक समाज के मित्रों के साथ मिलकर सामन्जस्य बनाकर वर्तमान और भविष्य की कार्य योजनाएं बनाये और अमल में लाने की कोशिश करते हुए समतामूलक समाज के निर्माण की कोशिश करें। आयोजित किये जाने वाले कार्यक्रम की सुचना या सम्पन्न किये गये समारोह की जानकारी देते रहे, किसी सम्पन्न हुये समारोह की एक या दो फोटो ही पोस्ट करें। हर ग्रुप में नये कूर्मि मित्रों को जोड़े। आवश्यकता अनुसार ग्रुप नं 1,2,3,4 भी बनाये जा सकते हैं, ताकि ज्यादा से ज्यादा कूर्मि मित्रों को ग्रुप से जोड़ा जा सकें, क्योंकि एक ग्रुप में ज्यादा से ज्यादा 256 सदस्य ही जोड़े जा सकते हैं। हमें ज्यादा से ज्यादा कूर्मि मित्रों को ग्रुप में जोड़ना है, पर हमें यह भी ध्यान रखना चाहिए कि सकारात्मक, ईमानदार और कर्तव्यनिष्ठ क्रांतिकारी साथियों को ही ग्रुप से जोड़कर उनका सहयोग लेना है। दिखावा करने वाले, बड़बोले, पदलोलूप और निजी स्वार्थ को प्राथमिकता देने वाले कूर्मि मित्रों को ग्रुप से दूर ही रखना चाहिए। 100 गलत लोगों को ग्रुप में जोड़ने से अच्छा है कि 10 ईमानदार और कर्तव्यनिष्ठ क्रांतिकारी साथियों को ग्रुप से जोड़ा जाये। ग्रुप में जिन्हें भी जोड़े उनका पूरा परिचय बायोडाटा के साथ दें। अपने डायरी में कूर्मि मित्रों के बायोडाटा बनाकर रखते हुए उन्हें अखिल भारतीय कूर्मि क्षत्रिय महासभा के सदस्य भी बनायें। इसके लिए हर कूर्मि मित्र महीने में 5-10 नये सदस्य बनाये। आने वाले 5 वर्षों में अखिल भारतीय कूर्मि क्षत्रिय महासभा में 1 करोड़ ईमानदार और कर्तव्यनिष्ठ क्रांतिकारी कूर्मि मित्रों को सदस्य बनाने के टारगेट को एचीव करना है। पंचायत से लेकर राष्ट्रीय स्तर पर महासभा को मजबूत बनाने और कूर्मि समाज के विकास तथा मजबूती के लिए सभी का सहयोग चाहिए। देश के सभी पंचायत, वार्ड, विधान सभा, ब्लाॅक महासभा से जुड़ जाये। सभी  को अपनी जवाबदेही सुनिश्चित करनी होगी।
देश चलाने की चारों लोकतांत्रिक व्यवस्था विधायिका, कार्यपालिका, न्यायपालिका और पत्रकारिता में कूर्मि समाज के मित्रों का आबादी के अनुसार प्रतिनिधित्व होगा। तब छत्रपति शिवाजी महाराज, छत्रपति राजर्षि शाहूजी महाराज और सरदार वल्लभ भाई पटेल के सपनों को सकार किया जा सकेगा। कूर्मि समाज के ईमानदार और कर्तव्यनिष्ठ व्यवसायी, विद्यार्थी, शिक्षक, चिकित्सक, अभियंता, वकील, नेता, अफसर एवं अन्य विभाग से संबंधित कूर्मि मित्रों को सहयोग करने के लिए कूर्मिवाद को प्राथमिकता देते हुए कूर्मि मित्रों की दूकान से समान खरीदें, चिकित्सा समेत अन्य सभी तरह की सेवाएं लेने के लिए कूर्मि मित्रों के दुकान, स्कूल, काॅलेज,अस्पताल, कोचिंग सेंटर एवं अन्य संबंधित संस्थान को प्राथमिकता और अवसर देकर उनकी सेवाएं लें तभी कूर्मि समाज के मित्रों के विकास और मजबूती लाने में आप अपने हिस्से की जवाबदेही सुनिश्चित कर पाएंगे।
राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अखिल भारतीय कूर्मि क्षत्रिय महासभा 

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