भारत के बारे में ब्रिटेन की रिपोर्ट: आनेवाला वक़्त भारत के लिए सुनहरा

शि.वा.ब्यूरो, नई दिल्ली। ब्रिटेन से आई एक रिपोर्ट अब भारतीय सियासत में बहस का नया मुद्दा बन सकती है। इस रिपोर्ट ने जहाँ पूरी दुनिया को दंग कर दिया है, वहीँ कांग्रेस समेत पूरा विपक्ष भी सन्न है। रिपोर्ट के मुताबिक पीएम मोदी द्वारा किये जा रहे विकास कार्यों और रिफॉर्म्स को लेकर कांग्रेस व वामपंथी पार्टियों द्वारा झूठी हाय-तौबा मचाई जा रही है। ब्रिटेन से आई इस रिपोर्ट ने विपक्ष को चौंका दिया है और पीएम मोदी पर सवाल उठाने वालों को करारा तमाचा लगाया है।
ब्रिटेन की ब्रोकरेज फर्म HSBC ने पीएम मोदी और भारत के बारे में इस रिपोर्ट के मुताबिक़ अगर ऐसा ही चलता रहा तो अगले 10 सालों में भारत, जापान और जर्मनी को पीछे छोड़ते हुए दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा, लेकिन इसके लिए भारत को लगातार रिफॉर्म्स पर इसी तरह से काम करते रहना होगा। इसके साथ ही सोशल सेक्टर पर भी ज्यादा ध्यान देना होगा। रिपोर्ट के मुताबिक़ इस वक़्त भारत 2.3 ट्रिलियन डॉलर (2.3 लाख करोड़ डॉलर) के साथ दुनिया की 5वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है, मगर जिस तरह से देश में आर्थिक सुधार किये जा रहे हैं, उस तरह से 2028 तक भारत जर्मनी, जापान और चीन को भी पछाड़ते हुए 7 ट्रिलियन यानी 7 लाख करोड़ डॉलर की अर्थव्यवस्था बन जाएगा, जबकि उस वक्त जर्मनी 6 ट्रिलियन डॉलर और जापान 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था होगा। HSBC की रिपोर्ट के मुताबिक़ भारत को व्यापार करने में आसानी और कॉन्ट्रेक्ट इन्फोर्समेंट पर ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है l इसके अलावा भारत को स्वास्थ्य व् शिक्षा के क्षेत्र में भी निवेश बढ़ाना होगा, जो अभी जरूरत के हिसाब से नहीं है। रिपोर्ट के मुताबिक़ यदि मोदी टिक गए तो भारत अगले 10 साल में जापान, जर्मनी व् चीन को भी पछाड़ देगा, क्योंकि देश में बड़े पैमाने पर आर्थिक सुधार किये जा रहे हैं। भ्रष्टाचार को ख़त्म किया जा रहा है और पारदर्शिता लायी जा रही है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत की जनसंख्या में सबसे अधिक युवा हैं और भारत में होने वाले विदेशी निवेश से रोजगार के हजारों अवसर लगातार पैदा हो रहे हैं। काम करने के लिए युवा शक्ति की कोई कमी नहीं है। कांग्रेस द्वारा नोटबंदी को फेल करार देते हुए बड़ा झूठ फैलाया गया है कि भारत की अर्थव्यवस्था को नुक्सान पहुंचा है, जबकि सच तो ये है कि नोटबंदी और जीएसटी के चलते भारत की अर्थव्यवस्था इस साल 7.1 फीसदी की दर से बढ़ेगी, जो बाद में और भी बढ़ सकती है। रिपोर्ट के मुताबिक़ भारत तेजी से सुधार के रास्ते पर है, लेकिन इससे हटना उसके लिए नुकसानदायक हो सकता है। रिपोर्ट के मुताबिक़ आनेवाला वक़्त भारत के लिए सुनहरा है। ई- कॉमर्स कंपनियां देश में 1.2 करोड़ नौकरियाँ देंगी, जो कुल मांग 2.4 करोड़ के आधे के बराबर है। इसके अलावा सबसे ज्यादा नौकरियाँ स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में मिलेंगी। रिपोर्ट के मुताबिक़ भारत सर्विस प्रधान अर्थव्यवस्था बना रहेगा, लेकिन अब भारत को अपना फोकस मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर पर लगाना होगा और कृषि सेक्टर पर भी ध्यान देना होगा।

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