5 नवंबर के पहले शुरू होंगी मेरठ मंडल की सभी चीनी मिलें

शि.वा.ब्यूरो, लखनऊ। उत्तर प्रदेश में गन्ने के पेराई सत्र के इंतज़ार में बैठे किसानों के लिए एक अच्छी ख़बर है। अक्टूबर के अंतिम सप्ताह या 5 नवंबर के पहले मेरठ मण्डल की सभी 16 चीनी मिलें चल जाएंगी। वहीं इस बार किसानों को पर्ची की समस्या से भी रूबरू नहीं होना पड़ेगा। अब इ-गन्ना एप के माध्यम से किसानों को सारी जानकारी घर बैठे ही मिल जाएगी और एसएमएस के माध्यम से किसानों का गन्ना तौला जाएगा।
मेरठ मण्डल के उप गन्ना आयुक्त राजेश मिश्रा ने दावा किया है कि अक्टूबर के अंतिम सप्ताह या 5 नवंबर से पहले मेरठ मण्डल की सभी चीनी मिलें चल जाएंगी। उनके मुताबिक मेरठ, बागपत, हापुड़, बुलंदशहर, गाज़ियाबाद की सभी चीनी मिलें 5 नवंबर के पहले चल जाएंगी। उप गन्ना आयुक्त का ये भी कहना है कि इस बार पर्ची की समस्या से किसानों को जूझना नहीं पडे़गा, बल्कि हर किसान को एसएमएस मिलेगा और इसी एसएमएस से किसानों का गन्ना भी तौला जाएगा। उन्होंने बताया कि इस बार इ-गन्ना एप के ज़रिए किसानों को घर बैठे सारी सूचनाएं मिल जाएंगी।
उप गन्ना आयुक्त ने कहा कि ऐसी चीनी मिलों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी, जिन्होंने सबसे कम गन्ना मूल्य भुगतान किया है। गन्ना मूल्य भुगतान के मामले में गाज़ियाबाद की चीनी मिल सबसे फिसड्डी है, जबकि बुलंदशहर ज़िले की एक चीनी मिल ने अब तक सबसे ज्यादा गन्ना मूल्य भुगतान किया है। मेऱठ ज़िले में अब तक 80 फीसदी गन्ना मूल्य भुगतान किया जा चुका है। उप गन्ना आयुक्त ने बताया कि गन्ना मूल्य भुगतान न करने वाली चीनी मिलों पर कड़े एक्शन की तैयारी भी कर ली गई है।

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