न्यायालय के दैनिक कार्यो से रूबरू हुए श्री राम काॅलेज ऑफ़ लाॅ के छात्र-छात्राएं

शि.वा.ब्यूरो, मुजफ्फरनगर। श्री राम काॅलेज ऑफ़ लाॅ  के एलएलबी द्वितीय वर्ष एवं बीएएलएलबी चतुर्थ एवं अन्तिम वर्ष के छात्र-छात्राओं को न्यायालय के दैनिक कार्यो से रूबरू कराने के उद्देश्य से आज न्यायालय भ्रमण का आयोजन किया गया। श्री राम कालेज ऑफ़ लाॅ के प्राचार्य  डा0 रविन्द्र प्रताप सिंह ने न्यायालयों में जाने के लिए प्रवक्ता पूनम शर्मा एवं सोनिया गौड़ के नेतृत्व में टीम गठित की गयी। दोनो टीमों को लेकर उक्त प्रवक्तागण कचहरी प्रागंण में पहुचें। जंहा सबसे पहले सभी छात्र-छात्राऐं न्यायालय सिविल जज (जूनियर डिवीजन) (फास्ट ट्रेक कोर्ट) में गये और वहाँ की कार्यवाही का अवलोकन किया। उसके बाद समस्त विद्यार्थी संयुक्त निदेशक अभियोजन ओपी मिश्रा के कार्यालय में गये तथा उनसें लोक अदालत तथा माध्यस्थम के विषय मे विस्तार से जानकारी प्राप्त की।
इसके बाद समस्त विद्याथियों ने जिलाधिकारी एवं तत्पश्चात वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के कार्यालय में जाकर प्रशासनिक कार्यवाहियों के सम्बन्ध में भी जानकारी प्राप्त की। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव सलोनी रस्तोगी ने सभी विद्यार्थियों को विधिक सेवा के सम्बन्ध में जानकारी दी गयी तथा उनके प्रश्नों के उत्तर देकर विद्यार्थियों की जिज्ञासा को शान्त किया गया। न्यायालय की कार्यवाही का अवलोकन करने के उपरान्त सभी छात्र-छात्रायें सिविल बार के प्रांगण में गये तथा वहाँ सिविल बार के महासचिव ब्रिजेन्द्र मलिक के साथ-साथ अन्य अधिवक्ताओं के चैम्बर में जाकर सिविल प्रक्रिया एवं उसकी ड्राफ्टिंग को सीखा। छात्र-छात्राओं ने इसके बाद जिला बार संघ के प्रांगण में उसके महासचिव कलीराम के साथ-साथ वरिष्ठ अधिवक्तागणों से आपराधिक न्यायालयों की कार्यवाही के विषय में जानकारी प्राप्त की।


डा0 रविन्द्र प्रताप सिंह ने बताया कि विधि के छात्र-छात्राओं को किताबी ज्ञान के अतिरिक्त प्रायोगिक अनुभव होना भी आवश्यक है। विद्यार्थियों के प्रायोगिक ज्ञान में वृद्धि कराने एवं उन्हे न्यायिक कार्यो की विस्तृत जानकारी प्रदान करने के उद्देश्य से न्यायालय भ्रमण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। छात्र-छात्राओं द्वारा भी इस कार्यक्रम में उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया गया, जिससे निश्चित रूप से उनके ज्ञान में वृद्धि होगी। न्यायालय भ्रमण के उपरान्त वापिस महाविद्यालय पहुॅचने पर विद्यार्थियों द्वारा अपने शिक्षकों एवं सहपाठियों से अपने अनुभव सांझा किए।

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