सुधारो व सुधरो

दिलीप भाटिया, शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र।

प्रिय विद्यार्थी एवम प्रतियोगिता परीक्षाओं के उम्मीदवार ! व्हाटसएप, ई मेल, फोन मैसेंजर व स्कूलों में मिलने पर तुम्हारे अथवा मेरे कमरे पर मिलने पर तुम्हारे पास समस्याओं की एक लंबी सूची रहती है। उदास दुखी असमंजस तनाव परेशान वाले तुम्हारे मायूस चेहरे बहुत कुछ तुम्हारी पीड़ा स्वयं ही बोल देते हैं। जैसे-अंकल! कई बार अपीयर हो चुकी हूं मेहनत भी करती हूं, कोटा जाकर कोचिंग भी करी फिर भी रिजल्ट नेगेटिव आता है। इस समस्या का मंत्र है सुधारो। जी हां! पिछली परीक्षाओं में जो गलतियां हो गई हो, उन्हें सुधार कर ही इस बार परीक्षा देने पर रिजल्ट पॉजिटिव आएगा। टेक्स्ट बुक पढ़नी चाहिए थीं। पढ़ने के बाद पढ़े हुए को लिखिए, नहीं लिख पा रहे हैं तो दुबारा पढ़कर लिखिए। किताब गाइड में जो लिखा है, उसे हम सिर्फ देख रहे हैं। परीक्षा में लिखना होगा। ऑब्जेक्टिव टाइप प्रश्न के चार विकल्पों में से एक सही विकल्प तभी सही प्रकार से पहचान पाएंगे, जब ध्यान से पढ़कर अपने हाथ से लिख कर नोट्स बनाए होंगे।

लिखे हुए नोट इस बात को प्रमाण हैं कि पढ़ा हुआ याद हो गया है। परीक्षा से एक दिन पहले किताब गाइड पूरी नहीं पढ़ी जा सकती। उस समय अपने नोट्स रिवीजन के लिए सदुपयोगी रहेंगे। पढ़ते समय मोबाइल बंद रखें। फॉर्म भरने के बाद परीक्षा होने तक सोशल साइट्स सेल्फी पार्टी शादी बर्थडे शॉपिंग पिक्चर पार्लर लेडीज संगीत बारात गृह प्रवेश रिटायरमेंट पार्टी सभी से पूरा परहेज़ करें। ट्रैवलिंग हिल स्टेशन पिकनिक सब मनोरंजन बंद। व्हाट्स ऐप पर स्टेटस डालने की कोई आवश्यकता नहीं। परीक्षा से संबंधित जानकारी किसी टीचर ने भेजी है तो उसे डाउनलोड कर लें, फिर व्हाट्सएप बंद कर दें। फेसबुक लाग आउट, सिर्फ ई मेल एक्टिव रखें। परीक्षा वाली वेबसाइट से लेटेस्ट सूचना एडमिट कार्ड टाइम टेबल की मिल ही जाएगी। समय इस समय बर्बाद नहीं करना चाहिए। पूरा समय सिर्फ परीक्षा की तैयारी के लिए। परीक्षा हो जाने के बाद सारे मनोरंजन के साधन को अपना सकते है। परहेज़ व्रत परीक्षा तक करना है बस। मॉडल पेपर निर्धारित समय सीमा में करें। रिहर्सल अति आवश्यक है। जिस बेटी ने मम्मी से खाना बनाना सीख लिया है, वह विवाह के पश्चात बहू पत्नी की भूमिका में ससुराल में कभी फेल हो ही नहीं सकती। परीक्षा में सफल होने के लिए सरल प्रश्न पहले करें। गणित मेंटल एबिलिटी लॉजिकल रीजनिंग इंगलिश हिन्दी के पैसेज से प्रश्नों के उत्तर सर्च करने में अधिक समय लगता है, इसलिए इन प्रश्नों को बाद में करें। समय पर अपना कंट्रोल होना चाहिए। कितने प्रश्न है, कितने मिनट का कुल समय है। नेगेटिव मार्किंग में रिस्क लेने से सही उत्तर में मिले नंबर में से भी नंबर कम हो जाएंगे, इसलिए रिस्क लेने का निर्णय विवेक से लें। सरल प्रश्न पहले सॉल्व करने से आत्मविश्वास बढ़ेगा व पूरा पेपर समय सीमा में हो जाएगा।  ऑब्जेक्टिव टाइप में सभी चार विकल्प को पढ़कर ही सही उत्तर का निर्णय लें। सब्जेक्टिव टाइप में जो जितना पूछा है, शब्दों की सीमा में सारगर्भित उत्तर लिखने से पूरे नंबर मिलते है। मेहनत के साथ पिछली बार की गलतियों को सुधार कर इस बार समर्पण से पूरी तैयारी करेंगे तो निश्चय रिजल्ट पॉजिटिव आएगा।

दूसरा मंत्र है सुधरो। मतलब हम स्वयं सुधरें। हम सब इंसान है।  74  वें वर्ष की उम्र में भी मुझसे भी कई गलतियां हो जाती हैं। फिर सॉरी बोलना होता है, क्षमा प्रार्थना करनी होती है। अपना मूल्यांकन करें। अनुशासन बड़ों के प्रति आदर सम्मान सबसे प्यार स्नेह क्रोध कम करने का प्रयास गलती को स्वीकार करने की हिम्मत उत्तम चरित्र अच्छा स्वास्थ्य फास्ट फूड कम से कम खाना, घर का बना भोजन करना, मांस, मदिरा, सिगरेट, तंबाकू, गुटखा व नशीले पदार्थो इन सब से पूरा परहेज़ करेंगे तो परीक्षा की तैयारी स्वयं ही अच्छी होगी। अपनी कमजोरियां को कम से कम कर स्वयं सुधर गए तो भरोसा रखिए, परीक्षा की तैयारी में मन भी लगेगा व कम समय में ऊर्जावान महसूस कर अधिक अच्छी पढ़ाई हो जाएगी।विश्वास है कि इन दोनों मंत्रों सुधारो एवम सुधरो से तुम सबको परीक्षा में सफलता के लक्ष्य की प्राप्ति में सहायता मिलेगी। शुभकामना।

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