जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से किशोर न्याय अधिनियम व घरेलू हिंसा विषय पर विधिक साक्षरता शिविर आयोजित


शि.वा.ब्यूरो, मुजफ्फरनगर। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव सलोनी रस्तोगी ने बताया कि उ0प्र0 राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण से प्राप्त कलेन्डर के अनुसार जनपद न्यायाधीश व जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष राजीव शर्मा के निर्देशन में कोविड-19 के सम्बन्ध में उच्च न्यायालय व सरकार द्वारा जारी दिशा निर्देशो के अनुपालन करते हुए आज जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से तहसील जानसठ के क्षेत्रान्तर्गत जूनियर हाई स्कूल ग्राम सम्बलहेडा में‘ किशोर न्याय अधिनियम व घरेलू हिंसा से सम्बन्धित विषय पर विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया। विधिक साक्षरता शिविर उन्होने उपस्थित आम जनमानस को बताया कि घरेलू हिंसा अधिनियम 2005 के तहत शारीरिक, मानसिक, भावनात्मक व आर्थिक चार प्रकार की  हिंसा बतायी गयी है। उन्होंने कहा कि यदि किसी महिला के साथ किसी भी हिंसा पति, रिश्तेदार, परिवार के सदस्य द्वारा की जाती है तो पीडित महिला न्यायालय में आवेदन कर सकती है। उन्होने कहा कि न्यायालय पीडिता को भरण पोषण देने, संरक्षण आदेश निवास हेतु आदेश, बच्चो की अभिरक्षा का आदेश अथवा प्रतिकर आदेश कर सकता है।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव ने बताया कि वर्तमान समय में किशोरो द्वारा अपराध किये जाने की संख्या में वृद्धि हुई है। इसका कारण बच्चो को माता-पिता द्वारा पर्याप्त समय न दिया जाना, इन्टरनेट व सोशल मीडिया का दुष्प्रभाव, उचित देखरेख का अभाव, नैतिकता का स्तर गिरना व आर्थिक आदि कारण हैं। उन्होंने कहा कि राष्टपिता महात्मा गांधी के सुधारात्क दृष्टिकोण को अपनाते हुए किशोन न्याय, देखरेख एवं संरक्षण अधिनियम पारित किया गया है, जिसका उद्देश्य किशोरो मेे सुधार करना उनकी अपराधिक मानसिकता को समाप्त करना तथा बडे अपराधियो को सम्पर्क में आने से बचाना है, जिससे वे जिम्मेदार नागरिक बन कर अपना जीवन यापन कर सके तथा जीवन में आगे अपराध करने में संलिप्त न हो। बीना शर्मा ने विभिन्न हेेल्पलाईन नम्बरो की जानकारी भी महिलाओं को देते हुए बालिकाओं की शिक्षा हेतु सभी को जागरूक किया गया तथा महिलाओं के सम्बन्ध में उ0प्र0 राज्य सरकार द्वारा चलायी जा रही विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के बारे में विस्तार पूर्वक बताया।


सचिव द्वारा आर्थिक रूप से अक्षम व्यक्तियों को यदि वे अपने मुकदमें की पैरवी करने में असमर्थ है तो जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा निशुल्क अधिवक्ता प्रदान किया जायेगा। शिविर में उपस्थित छात्र एवं छात्राओं को संविधान मे किये गये मौलिक अधिकारो की भी जानकारी दी गयी तथा कोविड-19 के बचाव के उपाय के सम्बन्ध में सभी को जागरूक किया गया। इस अवसर पर श्री नौशाद, मोहित, मुस्कान, नीशा आदि भी उपस्थित रहे।
सलोनी रस्तोगी ने बताया कि आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन 10 अप्रैल 2021, दिन द्वितीय शनिवार को दीवानी न्यायालय परिसर मुजफ्फरनगर व वाहृय न्यायालय बुढाना में किया जायेगा, जिसमें आपराधिक 138 एनआई एक्ट, बैक रिकवरी, मोटर दुर्घटना प्रतिकर याचिका, टेलीफोन, बिजली एवं पानी के बिल, वैवाहिक वाद, भूमि अधिग्रहण, राजस्व वाद, तथा सिविल वादो का निस्तारण किया जायेगा।

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