डा.शशिकांत वर्मा के क्लिनिक पर कैल्सियम की जांच के लिए निशुल्क जांच शिविर आयोेजित, सैकड़ों ने उठाया लाभ


शि.वा.ब्यूरो, खतौली। कोरोना के चलते लाॅकडाऊन सहित अनके प्रतिबन्धों का दंश झेल रहे हैल्थ काॅन्सिस नगरवासियों के लिए आज का दिन राहत भरी खबर लेकर आया। आज रेलवे रोड़ स्थित अपने क्लिनिक पर डा. शशिकांत वर्मा ने कैल्सियम की जांच (बीएमडी यानी बोन मिनरल डेन्सिटी टेस्ट) के लिए निशुल्क शिविर आयोजित किया, जिसमें लगभग सैकड़ों लोगों ने अपने कैल्सियम की जांच करायी। निशुल्क जांच शिविर में मेयर फार्माक्यूटिकल कम्पनी के विकास राणा, ग्राम मोचनी के पूर्व प्रधान पति सुरेश सैनी व संदीप आदि का सराहनीय योगदान रहा।
डा. शशिकांत वर्मा ने बताया कि कैल्शियम की जांच कराने वाले लगभग पचास प्रतिशत लोगों में कैल्सियम की मात्रा मानक से कम पायी गयी। उन्होंने बताया कि जिन लोगों में कैल्सियम की मात्रा मानक से कम पायी गयी है, उनमें लम्बे समय से गठिया, शुगर व ब्लड़ प्रेशर की शिकायत चल रही है। डा. वर्मा ने बताया कि जिन लोगों को लम्बे समय से गठिया, शुगर व ब्लड़ प्रेशर की शिकायत है, उन्हें समय-समय पर अपने कैल्सियम की जांच कराते रहना चाहिए। इसके साथ उन्होंने बताया कि ऐसे लोगों को डेयरी प्रोडक्ट्स यानी दही, मक्खन, पनीर आदि का सेवन प्रचुर मात्रा में करते रहना चाहिए और समय-समय पर अपने चिकित्सक की राय भी लेते रहना चाहिए।


डा.शशिकांत वर्मा ने बताया कि सुबह के वक्त जोड़ों में अकड़न, थकान होना व सुन्नपन होना आदि कैल्सियम कम होने के सामान्य लक्षण हैं, लेकिन उन्होंने बताया कि कभी-कभी कैल्सियम की कमी लक्षण रहित भी होती है, इसका पता जांच कराने के बाद ही चलता है। उन्होंने बताया लक्षण रहित कैल्सियम की कमी काफी खतरनाक हो सकती है। शरीर में कैल्सियम की मात्रा अधिक कम होने से ऑस्टियोपोरोसिस (हड़िडयों का खोखला होना) नामक बीमारी हो सकती है। उन्होंने बताया कि ऑस्टोप्रोसिस बीमारी होने के बाद उसका उपचार सम्भव नहीं हो पाता है, इसलिए ऑस्टोप्रोसिस से बचने के लिए समय-समय पर अपने कैल्सियम की जांच कराते रहना चाहिए और डेयरी प्रोडक्ट्स का प्रयोग अधिक से अधिक करना चाहिए। डाक्टर वर्मा ने बताया कि शरीर में कैल्सियम की मात्रा ठीक रखने के लिए डेयरी प्रोडक्ट्स का प्रयोग करने के साथ ही सभी को अपने चिकित्सक की सलाह के अनुसार एक्सरसाईज व माॅर्निंगवाॅक अवश्य ही करनी चाहिए।
बता दें कि हैल्थ काॅन्सिस लोगों को लाॅकडाऊन के दौरान कोविड़ 19 के चलते सबसे बड़ी दिक्कत ये थी कि वे अपने स्वास्थ्य का परीक्षण नहीं करा पा रहे थे, क्योंकि चिकित्सक स्वास्थ्य परीक्षण तो दूर ब्लड़ प्रेशर मापने से भी परहेज कर रहे थे, जिसके चलते उन्हें इलैक्टाॅनिक डिवाॅइस का इस्तेमाल करना पड़ रहा था। हालांकि आमजन व विशेषज्ञ इन पर पूरा भरोसा नहीं करते हैं। ऐसे में डाॅक्टर शशिकांत द्वारा आयोजित निशुल्क जांच शिविर राहत की खबर लेकर आया है।

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